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Udham Singh Nagar News: रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मिलेंगे पांच नए चिकित्सक
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रुद्रपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज को जल्द ही पांच नए चिकित्सक मिलने जा रहे हैं। इसमें दो महिला रोग विशेषज्ञ और तीन कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं। कॉलेज प्रशासन ने इन पदों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। मंजूरी मिलते ही सभी चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में अगले साल वर्ष 2027-28 में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। भारत सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। वर्तमान में कॉलेज में 51 फैकल्टी हैं। एनएमसी के मानकों के अनुसार 100 एमबीबीएस सीटों के लिए 80 फैकल्टी होना अनिवार्य है। पांच नए चिकित्सकों के आने से फैकल्टी की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी। इससे न केवल मानकों को पूरा करने में मदद मिलेगी बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार होगा। महिला रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। गर्भवतियों और महिला मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती बेहद जरूरी थी। इसी तरह इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के लिए तीन कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की जा रही है। इससे आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। कॉलेज प्रशासन जल्द से जल्द एनएमसी के सभी मानकाें को पूरा करने की कोशिश कर रहा है ताकि एमबीबीएस की सीटों को लेकर किसी तरह की अड़चन न आए।
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कोट:
पांच चिकित्सकों की इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी है। यहां से हरी झंडी मिलते ही चिकित्सक ज्वाइन कर लेंगे। कॉलेज में फैकल्टी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में अगले साल वर्ष 2027-28 में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। भारत सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। वर्तमान में कॉलेज में 51 फैकल्टी हैं। एनएमसी के मानकों के अनुसार 100 एमबीबीएस सीटों के लिए 80 फैकल्टी होना अनिवार्य है। पांच नए चिकित्सकों के आने से फैकल्टी की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी। इससे न केवल मानकों को पूरा करने में मदद मिलेगी बल्कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार होगा। महिला रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। गर्भवतियों और महिला मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती बेहद जरूरी थी। इसी तरह इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के लिए तीन कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की जा रही है। इससे आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। कॉलेज प्रशासन जल्द से जल्द एनएमसी के सभी मानकाें को पूरा करने की कोशिश कर रहा है ताकि एमबीबीएस की सीटों को लेकर किसी तरह की अड़चन न आए।
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कोट:
पांच चिकित्सकों की इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी है। यहां से हरी झंडी मिलते ही चिकित्सक ज्वाइन कर लेंगे। कॉलेज में फैकल्टी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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