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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को झटका: अटकी एनएमसी की मान्यता, 25 सितंबर को भारत सरकार के समक्ष में पेश किया था पक्ष

Tue, 13 Oct 2026 12:45 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Tue, 13 Oct 2026 12:45 PM IST
सार

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को एनएमसी से मान्यता नहीं मिली। 25 सितंबर को कॉलेज प्रशासन ने अपना पक्ष रखा, फिर भी लिस्ट में नाम नहीं आया। लगातार चौथी बार मान्यता लटकने से एमबीबीएस छात्रों की टेंशन बढ़ गई है।

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Rudrapur Medical College suffers fourth setback due to non-recognition from NMC
राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंडित राम सुमेर शुक्ला राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने कॉलेज को मान्यता नहीं दी। 25 सितंबर को कॉलेज प्रशासन ने भारत सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा था लेकिन जारी लिस्ट में रुद्रपुर का नाम नहीं आया। लगातार चौथी बार मान्यता लटकने से एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले छात्रों की टेंशन बढ़ गई है।सरकार इस सत्र से यहां 100 एमबीबीएस सीटों पर पढ़ाई शुरू करना चाहती है लेकिन मान्यता ही सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है।

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कब-कब अटकी मान्यता

पहली बार : जुलाई-अगस्त में एनएमसी की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने फैकल्टी की भारी कमी पकड़ी। प्रोफेसर के पद रिक्त मिले।इसके अलावा हॉस्टल, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और स्टाफ क्वार्टर का निर्माण अधूरा मिला।

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दूसरी बार : अगस्त में दोबारा निरीक्षण की बात कही गई। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने दावा किया कि कमियां दूर कर ली गई हैं, लेकिन एनएमसी संतुष्ट नहीं हुई और फाइल रोक दी।

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तीसरी बार : सितंबर के पहले सप्ताह में कॉलेज ने अनुपालन रिपोर्ट भेजी। इसी दौरान पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज को 50 सीटों की सशर्त मान्यता मिल गई जबकि रुद्रपुर को फिर आपत्ति के साथ लौटा दिया गया।

चौथी बार : 25 सितंबर को दिल्ली में अपील पर सुनवाई हुई। कॉलेज ने पूरी तैयारी से पक्ष रखा, फिर भी हरी झंडी नहीं मिली। अब एक और मौके की उम्मीद है। इस पर सस्पेंस बना हुआ है। कई छात्र दूसरे कॉलेजों का विकल्प देख रहे हैं।

इस बार पूरी तैयारी के साथ पक्ष रखा था। जिन कॉलेजों की सुनवाई हुई, उनमें अभी किसी को अंतिम मान्यता नहीं मिली है। हम अगली काउंसलिंग से पहले एक और प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द मान्यता मिल जाएगी। - डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर

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