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आजाद हिंद फौज के सेनानी उजागर सिंह के नाम पर बने सड़क
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आजाद हिंद फौज के सेनानी व सात साल कालापानी की सजा काट चुके उजागर सिंह की आज 104 जयंती है। उनके पुत्र डॉ. मनमोहन सिंह ने रुद्रपुर में पिता के नाम से सड़क का नाम रखने की मांग की है।
रुद्रपुर निवासी डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि उनके पिता उजागर सिंह ने आजादी की लड़ाई में ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं। उनको 1940 में सात साल की कालापानी की सजा सुनाई गई। वह सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में सैनिक थे। देश की आजादी के बाद वह जेल से रिहा हुए थे। उसके बाद वह महाराजा पटियाला की सेना में भर्ती हो गए थे।
उनके कार्य से खुश होकर महाराजा पटियाला की सेना के अधिकारी मेहर सिंह ने उन्हें रुद्रपुर से सटे यूपी के डिबडिबा गांव में जमीन दी थी लेकिन बाद में वह जमीन उनको मिल नहीं सकी। इसके बाद उन्होंने रुद्रपुर के भूरारानी में अपने पैसों से 15 एकड़ जमीन खरीदी। डॉ. सिंह ने बताया कि उनके पिता ने कभी सरकार से कोई मदद नहीं ली लेकिन सरकार के बाद प्रशासन ने भी उनकी उपेक्षा की है। शहर में उनकी कोई प्रतिमा और उनके नाम से कोई मार्ग नहीं है। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार इसको लेकर मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है।
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रुद्रपुर निवासी डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि उनके पिता उजागर सिंह ने आजादी की लड़ाई में ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं। उनको 1940 में सात साल की कालापानी की सजा सुनाई गई। वह सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में सैनिक थे। देश की आजादी के बाद वह जेल से रिहा हुए थे। उसके बाद वह महाराजा पटियाला की सेना में भर्ती हो गए थे।
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उनके कार्य से खुश होकर महाराजा पटियाला की सेना के अधिकारी मेहर सिंह ने उन्हें रुद्रपुर से सटे यूपी के डिबडिबा गांव में जमीन दी थी लेकिन बाद में वह जमीन उनको मिल नहीं सकी। इसके बाद उन्होंने रुद्रपुर के भूरारानी में अपने पैसों से 15 एकड़ जमीन खरीदी। डॉ. सिंह ने बताया कि उनके पिता ने कभी सरकार से कोई मदद नहीं ली लेकिन सरकार के बाद प्रशासन ने भी उनकी उपेक्षा की है। शहर में उनकी कोई प्रतिमा और उनके नाम से कोई मार्ग नहीं है। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार इसको लेकर मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है।
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