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फिर निकला राजीव आवास घोटाले का जिन्न
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शक्तिफार्म। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पांच सदस्यीय तकनीकी जांच दल ने नगर पंचायत शक्तिगढ़ पहुंच राजीव आवास घोटाले से जुड़े अभिलेखों की जांच की। उन्होंने कई आवासों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
नगर पंचायत क्षेत्र निवासी रमेश राय एवं प्रेम अरोड़ा ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार ने राजीव गांधी आवास योजना के तहत 504 आवास मंजूर किए थे। मगर यह आवास पात्रों के बजाएं अन्य को आवंटित कर दिए गए। शिकायत पर डीएम ने जांच कराई। जांच में अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधि समेत 17 लोग दोषी पाए गए थे। अप्रैल में डीएम ऊधमसिंह नगर ने जांच रिपोर्ट कार्यवाही की संस्तुति के साथ शासन को भेजी गई। रिपोर्ट में घपलेबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व सरकारी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की संस्तुति की थी। मगर जांच रिपोर्ट पर शासन द्वारा कोई कार्यवाही ना किए जाने के चलते हाईकोर्ट ने शासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा।
इसके बाद बाद डीएम के निर्देश पर ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई अनिल कुमार गुप्ता के अगुवाई में एई पंकज कुमार एवं अपर सहायक अभियंता केदार सिंह, लक्ष्मण सिंह, खालिद अनवर समेत पांच सदस्यीय तकनीकी जांच दल ने नगर पंचायत पहुंच आवास घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला एवं मौजूद कर्मचारियों से जानकारी जुटाई।
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नगर पंचायत क्षेत्र निवासी रमेश राय एवं प्रेम अरोड़ा ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार ने राजीव गांधी आवास योजना के तहत 504 आवास मंजूर किए थे। मगर यह आवास पात्रों के बजाएं अन्य को आवंटित कर दिए गए। शिकायत पर डीएम ने जांच कराई। जांच में अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधि समेत 17 लोग दोषी पाए गए थे। अप्रैल में डीएम ऊधमसिंह नगर ने जांच रिपोर्ट कार्यवाही की संस्तुति के साथ शासन को भेजी गई। रिपोर्ट में घपलेबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व सरकारी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की संस्तुति की थी। मगर जांच रिपोर्ट पर शासन द्वारा कोई कार्यवाही ना किए जाने के चलते हाईकोर्ट ने शासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा।
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इसके बाद बाद डीएम के निर्देश पर ग्रामीण निर्माण विभाग के ईई अनिल कुमार गुप्ता के अगुवाई में एई पंकज कुमार एवं अपर सहायक अभियंता केदार सिंह, लक्ष्मण सिंह, खालिद अनवर समेत पांच सदस्यीय तकनीकी जांच दल ने नगर पंचायत पहुंच आवास घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला एवं मौजूद कर्मचारियों से जानकारी जुटाई।
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