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पूर्ति निरीक्षक और विपणन अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
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रुद्रपुर। जसपुर में सस्ते गल्ले की दुकान से उपभोक्ताओं को खराब दाल वितरण की जांच में कोटेदार के साथ ही पूर्ति निरीक्षक और विपणन अधिकारी की ओर से भी लापरवाही किए जाने की पुष्टि हुई है। पीडीएस गोदाम में मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की पिछले साल की दाल का स्टॉक पाया गया है।
दाल की एक्सपायरी डेट को खत्म हुई कई महीने हो चुके हैं। एसडीएम और डीएसओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने लापरवाही के दोषी पाए गए जसपुर के विपणन अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए खाद्य सचिव को पत्र भेजा है। डीएम के निर्देश पर डीएसओ ने संबंधित कोटेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल कुछ समय पहले जसपुर की एक सस्ता गल्ला दुकान से कुछ उपभोक्ताओं को खराब दाल का वितरण हुआ था। आरोप था कि शिकायत करने पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। मामले में पूर्ति निरीक्षक की ओर से भी कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई थी। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा था तो डीएम ने एसडीएम जसपुर का मामले की जांच सौंपी थी।
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बीते दिनों मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में जसपुर विधायक आदेश चौहान ने मामले को पुरजोर ढंग से उठाया था। डीएम ने एसडीएम के साथ ही डीएसओ को भी मामले की जांच के निर्देश दिए थे। डीएसओ तेजबल सिंह ने जसपुर पहुंचकर पीडीएस गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना की 434 क्विंटल और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की 40.51 क्विंटल दाल पाई गई थी।
जिन कट्टों में दाल रखी थी, उनमें कुछ भी अंकित नहीं था। इन दालों के पैकेट में मई 2020, जून 2020 और नवंबर 2020 की पैकिंग माह अंकित था। पैकिंग के चार महीने के भीतर दाल का वितरण हो जाना चाहिए था। लेकिन दाल वितरण करने की बजाय उसका ढेर लगा दिया गया। इसके बाद दाल की एक्सपायरी तिथि भी खत्म हो चुकी है।
पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदारों के लिए दाल का जो कोटा आवंटन किया था, उसके अनुसार विपणन अधिकारी ने दाल कोटेदारों को नहीं दी थी। डीएम ने एसडीएम और डीएसओ की रिपोर्ट के आधार पर पूर्ति निरीक्षक और विपणन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इधर, डीएसओ ने भी खराब दाल वितरण करने वाले कोटेदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य उपायुक्त भी कर रहे जसपुर मामले की जांच
रुद्रपुर। जसपुर में खराब दाल वितरण का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठने के बाद जिला प्रशासन के बाद शासन ने भी जांच बैठा दी है। मामले की जांच खाद्य उपायुक्त राहुल शर्मा को सौंपी गई है। राहुल ने डीएसओ कार्यालय से जांच के संबंध में दस्तावेज तलब किए हैं। इधर, खराब दाल वितरण का मामला सुर्खियों में आने के बाद करीब तीन उपभोक्ताओं से खराब दाल मंगवाकर कोटेदार से उनके रुपये वापस दिलाए गए हैं। (संवाद)
दाल को बदलने का दिया सुझाव
रुद्रपुर। डीएसओ तेजबल सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में जसपुर के पीडीएस गोदाम में रखे 471.51 क्विंटल दाल को क्रय एजेंसी से रिप्लेसमेंट करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसको लेकर शासन से पत्राचार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शासन से पत्राचार किया जा सकता है। वर्तमान स्थिति में दाल की एक्सपायरी डेट खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं को इसे वितरित नहीं किया जा सकेगा। (संवाद)
खराब दाल वितरण के मामले में एसडीएम और डीएसओ की रिपोर्ट के आधार पर जसपुर के विपणन अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक पर सचिव खाद्य विभाग को विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। डीएसओ को संबंधित कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - रंजना राजगुरू, डीएम।
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दाल की एक्सपायरी डेट को खत्म हुई कई महीने हो चुके हैं। एसडीएम और डीएसओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने लापरवाही के दोषी पाए गए जसपुर के विपणन अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए खाद्य सचिव को पत्र भेजा है। डीएम के निर्देश पर डीएसओ ने संबंधित कोटेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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दरअसल कुछ समय पहले जसपुर की एक सस्ता गल्ला दुकान से कुछ उपभोक्ताओं को खराब दाल का वितरण हुआ था। आरोप था कि शिकायत करने पर उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। मामले में पूर्ति निरीक्षक की ओर से भी कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई थी। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा था तो डीएम ने एसडीएम जसपुर का मामले की जांच सौंपी थी।
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बीते दिनों मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में जसपुर विधायक आदेश चौहान ने मामले को पुरजोर ढंग से उठाया था। डीएम ने एसडीएम के साथ ही डीएसओ को भी मामले की जांच के निर्देश दिए थे। डीएसओ तेजबल सिंह ने जसपुर पहुंचकर पीडीएस गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना की 434 क्विंटल और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की 40.51 क्विंटल दाल पाई गई थी।
जिन कट्टों में दाल रखी थी, उनमें कुछ भी अंकित नहीं था। इन दालों के पैकेट में मई 2020, जून 2020 और नवंबर 2020 की पैकिंग माह अंकित था। पैकिंग के चार महीने के भीतर दाल का वितरण हो जाना चाहिए था। लेकिन दाल वितरण करने की बजाय उसका ढेर लगा दिया गया। इसके बाद दाल की एक्सपायरी तिथि भी खत्म हो चुकी है।
पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदारों के लिए दाल का जो कोटा आवंटन किया था, उसके अनुसार विपणन अधिकारी ने दाल कोटेदारों को नहीं दी थी। डीएम ने एसडीएम और डीएसओ की रिपोर्ट के आधार पर पूर्ति निरीक्षक और विपणन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इधर, डीएसओ ने भी खराब दाल वितरण करने वाले कोटेदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य उपायुक्त भी कर रहे जसपुर मामले की जांच
रुद्रपुर। जसपुर में खराब दाल वितरण का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठने के बाद जिला प्रशासन के बाद शासन ने भी जांच बैठा दी है। मामले की जांच खाद्य उपायुक्त राहुल शर्मा को सौंपी गई है। राहुल ने डीएसओ कार्यालय से जांच के संबंध में दस्तावेज तलब किए हैं। इधर, खराब दाल वितरण का मामला सुर्खियों में आने के बाद करीब तीन उपभोक्ताओं से खराब दाल मंगवाकर कोटेदार से उनके रुपये वापस दिलाए गए हैं। (संवाद)
दाल को बदलने का दिया सुझाव
रुद्रपुर। डीएसओ तेजबल सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में जसपुर के पीडीएस गोदाम में रखे 471.51 क्विंटल दाल को क्रय एजेंसी से रिप्लेसमेंट करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसको लेकर शासन से पत्राचार किया जा सकता है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में शासन से पत्राचार किया जा सकता है। वर्तमान स्थिति में दाल की एक्सपायरी डेट खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं को इसे वितरित नहीं किया जा सकेगा। (संवाद)
खराब दाल वितरण के मामले में एसडीएम और डीएसओ की रिपोर्ट के आधार पर जसपुर के विपणन अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक पर सचिव खाद्य विभाग को विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। डीएसओ को संबंधित कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - रंजना राजगुरू, डीएम।