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Udham Singh Nagar News: जांच में ही फंसकर रह गया राशन घोटाला
Sun, 01 Oct 2023 12:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:52 AM IST
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किच्छा में 4059 क्विंटल राशन का हुआ था गबन, कई चरणों की जांच के बाद भी नतीजा सिफर
01 करोड़ नौ लाख की वसूली के लिए दिए थे नोटिस
2020 में किच्छा में सामने आया था घोटाला
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। किच्छा में करोड़ों रुपये का खाद्यान्न घोटाला वसूली के नोटिस जारी होने के बावजूद जांचों में फंसकर रह गया है। जनवरी में हाईकोर्ट ने सभी जांचों को तीन महीने में पूरा करने और हर मामले में गुण दोष के आधार पर फैसले लेने के आदेश दिए थे। शासन के निर्देश पर पहले उपायुक्त खाद्य ने इस मामले में फिर से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। अब शासन के निर्देश पर डीएम ने प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी है।
सितारगंज के आरटीआई कार्यकर्ता निखिलेश घरामी ने वर्ष 2020 में किच्छा में सस्ता गल्ला विक्रेताओं की ओर से अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की शिकायत जिला प्रशासन और प्रधानमंत्री पोर्टल पर की थी।
जांच दर जांच
-डीएम के निर्देश पर एसडीएम किच्छा की अगुवाई में कमेटी ने मामले में जांच की। जांच सही से न होने का आरोप लगाकर वर्ष 2021 में निखिलेश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
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- निखिलेश की शिकायत पर उपायुक्त खाद्य ने भी इस मामले की जांच की थी। उन्होंने डीटीएम किच्छा नाम से फर्जी दुकान पकड़ी थी उन्होंने 10 मार्च 2021 को तत्कालीन डीएसओ, किच्छा पूर्ति निरीक्षक और राशन विक्रेताओं की मिलीभगत से खाद्यान्न के घोटाले की पुष्टि करते हुए किसी समक्ष एजेंसी से जांच और वसूली की संस्तुति की थी।
-17 दिसंबर 2022 को किच्छा एसडीएम ने जांच में 12 राशन डीलरों की ओर से 4059.034 क्विंटल खाद्यान्न का घोटाले की पुष्टि की थी। एक विक्रेता की मृत्यु होने पर 11 विक्रेताओं को 1,0948468.81 रुपये की रिकवरी निकाली थी और वसूली के नोटिस दिए थे। इसमें से तत्कालीन डीएसओ से 842189.903 रुपये और तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक से 842189.903 रुपये की वसूली करने की संस्तुति की गई थी।
-हाईकोर्ट ने तीन महीने में सभी जांचों को खत्म कर प्रत्येक मामले में गुण दोष पर कार्यवाही करने के आदेश दिए थे।
- राशन डीलरों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और शासन के निर्देश पर उपायुक्त खाद्य ने 13 मार्च को इसी मामले में खुद की अध्यक्षता में फिर से जांच कमेटी बना दी।
फिर कोर्ट जाने की तैयारी
रुद्रपुर। निखिलेश घरामी का कहना है कि प्रशासन की जांच में पूरा घोटाला उजागर हो चुका है। हाईकोर्ट में भी पूर्ति विभाग और प्रशासन ने दुकानदारों को वसूली नोटिस देने और आगे की कार्यवाही करने की बात कही थी। कोर्ट ने तीन महीने में मामले को निस्तारित करने के आदेश दिए थे लेकिन जांच के नाम पर घोटाले को उलझाया जा रहा है। करीब एक साल से वसूली नोटिस के बाद वसूली नहीं हो सकी है और न ही एफआईआर हुई है। अब वह फिर अदालत में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
ये उठ रहे सवाल
- सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने 14 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री से गुहार लगाई
- वर्ष 2022 में जांच टीम की ओर से दिए गए नोटिस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया
- जांच में चार डीलरों के एक ही दिन ही दुकान के सारे रिकॉर्ड खो गए
- वर्ष 2021 में तत्कालीन उपायुक्त खाद्य की जांच रिपोर्ट पर भरोसा नहीं
- शासन को ही गई संस्तुति के बाद भी नहीं कराई गई बड़ी एजेंसी से जांच
कोट
शासन के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण में एडीएम प्रशासन जांच करेंगे और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।
-उदयराज सिंह डीएम, ऊधमसिंह नगर
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01 करोड़ नौ लाख की वसूली के लिए दिए थे नोटिस
2020 में किच्छा में सामने आया था घोटाला
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। किच्छा में करोड़ों रुपये का खाद्यान्न घोटाला वसूली के नोटिस जारी होने के बावजूद जांचों में फंसकर रह गया है। जनवरी में हाईकोर्ट ने सभी जांचों को तीन महीने में पूरा करने और हर मामले में गुण दोष के आधार पर फैसले लेने के आदेश दिए थे। शासन के निर्देश पर पहले उपायुक्त खाद्य ने इस मामले में फिर से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। अब शासन के निर्देश पर डीएम ने प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी है।
सितारगंज के आरटीआई कार्यकर्ता निखिलेश घरामी ने वर्ष 2020 में किच्छा में सस्ता गल्ला विक्रेताओं की ओर से अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की शिकायत जिला प्रशासन और प्रधानमंत्री पोर्टल पर की थी।
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जांच दर जांच
-डीएम के निर्देश पर एसडीएम किच्छा की अगुवाई में कमेटी ने मामले में जांच की। जांच सही से न होने का आरोप लगाकर वर्ष 2021 में निखिलेश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
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- निखिलेश की शिकायत पर उपायुक्त खाद्य ने भी इस मामले की जांच की थी। उन्होंने डीटीएम किच्छा नाम से फर्जी दुकान पकड़ी थी उन्होंने 10 मार्च 2021 को तत्कालीन डीएसओ, किच्छा पूर्ति निरीक्षक और राशन विक्रेताओं की मिलीभगत से खाद्यान्न के घोटाले की पुष्टि करते हुए किसी समक्ष एजेंसी से जांच और वसूली की संस्तुति की थी।
-17 दिसंबर 2022 को किच्छा एसडीएम ने जांच में 12 राशन डीलरों की ओर से 4059.034 क्विंटल खाद्यान्न का घोटाले की पुष्टि की थी। एक विक्रेता की मृत्यु होने पर 11 विक्रेताओं को 1,0948468.81 रुपये की रिकवरी निकाली थी और वसूली के नोटिस दिए थे। इसमें से तत्कालीन डीएसओ से 842189.903 रुपये और तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक से 842189.903 रुपये की वसूली करने की संस्तुति की गई थी।
-हाईकोर्ट ने तीन महीने में सभी जांचों को खत्म कर प्रत्येक मामले में गुण दोष पर कार्यवाही करने के आदेश दिए थे।
- राशन डीलरों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और शासन के निर्देश पर उपायुक्त खाद्य ने 13 मार्च को इसी मामले में खुद की अध्यक्षता में फिर से जांच कमेटी बना दी।
फिर कोर्ट जाने की तैयारी
रुद्रपुर। निखिलेश घरामी का कहना है कि प्रशासन की जांच में पूरा घोटाला उजागर हो चुका है। हाईकोर्ट में भी पूर्ति विभाग और प्रशासन ने दुकानदारों को वसूली नोटिस देने और आगे की कार्यवाही करने की बात कही थी। कोर्ट ने तीन महीने में मामले को निस्तारित करने के आदेश दिए थे लेकिन जांच के नाम पर घोटाले को उलझाया जा रहा है। करीब एक साल से वसूली नोटिस के बाद वसूली नहीं हो सकी है और न ही एफआईआर हुई है। अब वह फिर अदालत में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
ये उठ रहे सवाल
- सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने 14 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री से गुहार लगाई
- वर्ष 2022 में जांच टीम की ओर से दिए गए नोटिस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया
- जांच में चार डीलरों के एक ही दिन ही दुकान के सारे रिकॉर्ड खो गए
- वर्ष 2021 में तत्कालीन उपायुक्त खाद्य की जांच रिपोर्ट पर भरोसा नहीं
- शासन को ही गई संस्तुति के बाद भी नहीं कराई गई बड़ी एजेंसी से जांच
कोट
शासन के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण में एडीएम प्रशासन जांच करेंगे और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।
-उदयराज सिंह डीएम, ऊधमसिंह नगर