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आरओबी मार्ग से पेड़ न कटने पर निर्माण रुका
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:20 AM IST
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rob
- फोटो : amar ujala
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एनएच-121 रामनगर मार्ग पर निर्माणाधीन आरओबी और उसके एप्रोच के रास्ते में खड़े पेड़ न कटने से निर्माण रुक गया है।
एनएच-121 रामनगर मार्ग पर स्टेडियम के सामने रेलवे क्रॉसिंग पर 27 दिसंबर 2017 से आरओबी का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण पीआरएल प्रोजेक्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही है। एप्रोच और आरओबी की लंबाई 981 मीटर और चौड़ाई 42 मीटर है। एप्रोच के रास्ते में छोटे बड़े दर्जनों पेड़ खड़े हैं। रास्ते में दुकानों व होटलों अन्य संस्थानों की पक्की बाहरी, चाहरदीवारी व निर्माण भी है। अभी किसी को मुआवजा नहीं मिला है। पेड़ भी नहीं काटे गए। जिसके चलते लोग एप्रोच व आरओबी का निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं। पीआरएल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश मीणा ने कहा कि एप्रोच के रास्ते में 142 छोटे-बड़े पेड़ खड़े है। जब तक पेड़ नहीं काटे जाएंगे तब तक एप्रोच का निर्माण नहीं हो सकता है। मीणा ने कहा कि भवन की एक दीवार एप्रोच निर्माण में आ रही है उसने अपना निर्माण तो हटा दिया। उसके सामने ड्रिल मशीन काम कर रही थी। वह कहता है जब तक उसे मुआवजा नहीं मिलेगा। वह तब तक ड्रिल मशीन नहीं उठाने देगा। राजेश मीणा ने कहा कि काम रुकने से कंपनी को लाखों का नुकसान हो रहा है।
वन विभाग से नहीं मिल अनुमति
काशीपुर। एनएच-74 के ईई पीसी जोशी ने कहा कि वन विभाग से अभी पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने पर ही पेड़ कटवाए जाएंगे। जिन के मकानों की बाहरी दीवारें व कुछ हिस्से एप्रोच व आरओबी के निर्माण में आ रहे हैं। जल्दी ही उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
एनएच-121 रामनगर मार्ग पर स्टेडियम के सामने रेलवे क्रॉसिंग पर 27 दिसंबर 2017 से आरओबी का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण पीआरएल प्रोजेक्ट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही है। एप्रोच और आरओबी की लंबाई 981 मीटर और चौड़ाई 42 मीटर है। एप्रोच के रास्ते में छोटे बड़े दर्जनों पेड़ खड़े हैं। रास्ते में दुकानों व होटलों अन्य संस्थानों की पक्की बाहरी, चाहरदीवारी व निर्माण भी है। अभी किसी को मुआवजा नहीं मिला है। पेड़ भी नहीं काटे गए। जिसके चलते लोग एप्रोच व आरओबी का निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं। पीआरएल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश मीणा ने कहा कि एप्रोच के रास्ते में 142 छोटे-बड़े पेड़ खड़े है। जब तक पेड़ नहीं काटे जाएंगे तब तक एप्रोच का निर्माण नहीं हो सकता है। मीणा ने कहा कि भवन की एक दीवार एप्रोच निर्माण में आ रही है उसने अपना निर्माण तो हटा दिया। उसके सामने ड्रिल मशीन काम कर रही थी। वह कहता है जब तक उसे मुआवजा नहीं मिलेगा। वह तब तक ड्रिल मशीन नहीं उठाने देगा। राजेश मीणा ने कहा कि काम रुकने से कंपनी को लाखों का नुकसान हो रहा है।
वन विभाग से नहीं मिल अनुमति
काशीपुर। एनएच-74 के ईई पीसी जोशी ने कहा कि वन विभाग से अभी पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलने पर ही पेड़ कटवाए जाएंगे। जिन के मकानों की बाहरी दीवारें व कुछ हिस्से एप्रोच व आरओबी के निर्माण में आ रहे हैं। जल्दी ही उनको मुआवजा दिलाया जाएगा।
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