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Udham Singh Nagar News: दिन में विरोध, शाम को 46 दुकानें जमींदोज... सिफारिश नहीं आई काम
Thu, 03 Sep 2026 01:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:14 AM IST
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अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बुलडोजर के आगे खड़ी हुईं महिलाएं
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रुद्रपुर। रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। दिन में भारी विरोध झेलने के बाद शाम को प्रशासन ने 46 दुकानों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। तमाम सिफारिशें भी दुकानों को तोड़ने से रोक नहीं पाईं।
प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ बुधवार की दोपहर 12:3 बजे किच्छा रोड स्थित बाजार पहुंचीं। 10 दुकानें तोड़ते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापारी और महिलाएं बुजडोजर के आगे खड़ी हो गईं। सूचना पर मेयर विकास शर्मा पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से वार्ता की और दो दिन का समय मांगा। इस पर टीम लौट गई।
बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर सचिव ने कार्रवाई रुकने पर नाराजगी जताई और अतिक्रमण हटाने को कहा। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे टीम दोबारा दो बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और एक-एक कर सभी 46 दुकानें ध्वस्त कर दीं। इस दौरान पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। विरोध की आशंका के बीच दमकल का वाहन भी बुलाया गया था।
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बुलडोजर के आगे खड़े हुए व्यापारी और महिलाएं
जब लोनिवि की टीम ने कार्रवाई न रोकने की बात कही तो व्यापारियों और महिलाओं में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग दोनों बुलडोजर के आगे ही खड़े हो गए और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले बुलडोजर को उनके ऊपर से गुजरना होगा। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद सभी को हटा दिया गया।
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दो महीने तक हस्तक्षेप के कारण रुकी रही कार्रवाई
बीती 17 जुलाई को भी प्रशासन की टीम दल-बल के साथ रोडवेज परिसर के पास की दुकानों को तोड़ने पहुंची थी लेकिन उस समय विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद टीम को तीन दुकानें तोड़कर लौटना पड़ा था। अब टीम 46 दुकानों पर कार्रवाई कर चुकी है जिससे अब निर्माण कार्य में तेजी की संभावना बढ़ गई है।
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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस
कार्रवाई से पहले और बीच में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस होती रही। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कुछ रसूखदारों के आगे प्रशासन बिक चुका है और उन्हें ही लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन गरीब व्यापारियों का शोषण कर रहा है। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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तोड़ी गईं 46 में से 26 दुकानों से निगम मिल रहा था किराया
मौके पर पहुंचे मेयर विकास शर्मा ने प्रभावित दुकानदारों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही उन्हें दुकानें आवंटित की जाएगी। तोड़ी गईं दुकानों 46 दुकानों में से निगम को 26 से ही किराया मिल रहा था।मेयर ने कहा कि किराया देने वाले दुकानदारों को ही जेसीज स्कूल के पास दुकानें दिलवाई जाएंगी। बाकी के लिए भी विचार किया जाएगा।
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मेयर से वार्ता पर मिला था आश्वासन, शासन के आदेश पर कार्रवाई
विश्वकर्मा मार्केट पहुंचे मेयर विकास शर्मा ने दुकानदारों से वार्ता कर उन्हें चार दिन का समय दिलवाया था लेकिन प्रशासन की कार्रवाई जा रही है। शासन स्तर से आदेश के बाद शाम चार बजे प्रशासन ने फिर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की और आधे घंटे में ही दुकानें ध्वस्त कर दीं। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया था।
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प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ बुधवार की दोपहर 12:3 बजे किच्छा रोड स्थित बाजार पहुंचीं। 10 दुकानें तोड़ते ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापारी और महिलाएं बुजडोजर के आगे खड़ी हो गईं। सूचना पर मेयर विकास शर्मा पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से वार्ता की और दो दिन का समय मांगा। इस पर टीम लौट गई।
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बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर सचिव ने कार्रवाई रुकने पर नाराजगी जताई और अतिक्रमण हटाने को कहा। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे टीम दोबारा दो बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और एक-एक कर सभी 46 दुकानें ध्वस्त कर दीं। इस दौरान पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। विरोध की आशंका के बीच दमकल का वाहन भी बुलाया गया था।
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बुलडोजर के आगे खड़े हुए व्यापारी और महिलाएं
जब लोनिवि की टीम ने कार्रवाई न रोकने की बात कही तो व्यापारियों और महिलाओं में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग दोनों बुलडोजर के आगे ही खड़े हो गए और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले बुलडोजर को उनके ऊपर से गुजरना होगा। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद सभी को हटा दिया गया।
दो महीने तक हस्तक्षेप के कारण रुकी रही कार्रवाई
बीती 17 जुलाई को भी प्रशासन की टीम दल-बल के साथ रोडवेज परिसर के पास की दुकानों को तोड़ने पहुंची थी लेकिन उस समय विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद टीम को तीन दुकानें तोड़कर लौटना पड़ा था। अब टीम 46 दुकानों पर कार्रवाई कर चुकी है जिससे अब निर्माण कार्य में तेजी की संभावना बढ़ गई है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस
कार्रवाई से पहले और बीच में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तीखी बहस होती रही। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कुछ रसूखदारों के आगे प्रशासन बिक चुका है और उन्हें ही लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन गरीब व्यापारियों का शोषण कर रहा है। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
तोड़ी गईं 46 में से 26 दुकानों से निगम मिल रहा था किराया
मौके पर पहुंचे मेयर विकास शर्मा ने प्रभावित दुकानदारों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही उन्हें दुकानें आवंटित की जाएगी। तोड़ी गईं दुकानों 46 दुकानों में से निगम को 26 से ही किराया मिल रहा था।मेयर ने कहा कि किराया देने वाले दुकानदारों को ही जेसीज स्कूल के पास दुकानें दिलवाई जाएंगी। बाकी के लिए भी विचार किया जाएगा।
मेयर से वार्ता पर मिला था आश्वासन, शासन के आदेश पर कार्रवाई
विश्वकर्मा मार्केट पहुंचे मेयर विकास शर्मा ने दुकानदारों से वार्ता कर उन्हें चार दिन का समय दिलवाया था लेकिन प्रशासन की कार्रवाई जा रही है। शासन स्तर से आदेश के बाद शाम चार बजे प्रशासन ने फिर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की और आधे घंटे में ही दुकानें ध्वस्त कर दीं। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया था।