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सड़क निर्माण समेत कई मांगों को लेकर बेमियादी धरना
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सितारगंज बरुआबाग गांव में धरने पर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। सिडकुल मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से ग्रामीण आक्रोश में हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण समेत कई मांगों को लेकर बरुआबाग गांव में क्रशर की तरफ जाने वाले मार्ग पर सोमवार से बेमियादी धरना शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। इधर, ग्रामीणों के धरने को देख नदियों में उपखनिज निकासी का कार्य बंद रहा।
बीते रविवार को नगर के युवक की ड्यूटी से लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया था और सोमवार को बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी। इसी के तहत ग्रामीण स्टोन क्रशरों को जाने वाले रास्ते के किनारे टेंट लगाकर बेमियादी धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण करने, पेड़ों और झाड़ियों की छंटाई कराने, आबादी क्षेत्र में फुटपाथ बनवाने, खनन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्माण, वन निगम की ओर से सिसौना ग्रामीण क्षेत्र को खनन प्रभावित क्षेत्र बनाने, वाहनों की निकासी में समय सारिणी में बदलाव, मुआवजे की व्यवस्था करने, सड़क की क्षमता के तहत वाहनों को पंजीकृत करने, सिंचाई विभाग से नदी पर बने रोप-वे को तुड़वाने, पुलिया का पुनर्निर्माण कराने, खेतों में बरसात के पानी भरान की निकासी की व्यवस्था करने आदि की मांग की।
कहा कि क्रशरों की ओर से रोड रोलर से गड्ढों को समतल कराया जाए। धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव हो। सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ ही गार्ड तैनात किए जाएं। प्रधान कुलदीप सिंह ने पिछले 10 दिनों के भीतर पांच लोगों की असमय मौत होने पर रोष जताया। कहा कि खनन वाहन यमराज बनकर दौड़ते हैं। प्रशासन को लोगों की जान की परवाह नहीं है। वहां पूर्व प्रधान किशन चंद कंबोज, व्यापार मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, राजू नगदली, मुकेश सनवाल, जीत सिंह, जया जोशी, ज्योति तिवारी, अंकित गोयल, जानकी देवी, हेमा पांडे, बबीता धामी, कलावती, नंदन मेहरा, सोनू जायसवाल, सदानंद आदि थे।
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बीते रविवार को नगर के युवक की ड्यूटी से लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताया था और सोमवार को बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी। इसी के तहत ग्रामीण स्टोन क्रशरों को जाने वाले रास्ते के किनारे टेंट लगाकर बेमियादी धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क के पुनर्निर्माण, चौड़ीकरण करने, पेड़ों और झाड़ियों की छंटाई कराने, आबादी क्षेत्र में फुटपाथ बनवाने, खनन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्माण, वन निगम की ओर से सिसौना ग्रामीण क्षेत्र को खनन प्रभावित क्षेत्र बनाने, वाहनों की निकासी में समय सारिणी में बदलाव, मुआवजे की व्यवस्था करने, सड़क की क्षमता के तहत वाहनों को पंजीकृत करने, सिंचाई विभाग से नदी पर बने रोप-वे को तुड़वाने, पुलिया का पुनर्निर्माण कराने, खेतों में बरसात के पानी भरान की निकासी की व्यवस्था करने आदि की मांग की।
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कहा कि क्रशरों की ओर से रोड रोलर से गड्ढों को समतल कराया जाए। धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव हो। सीसीटीवी कैमरे लगवाने के साथ ही गार्ड तैनात किए जाएं। प्रधान कुलदीप सिंह ने पिछले 10 दिनों के भीतर पांच लोगों की असमय मौत होने पर रोष जताया। कहा कि खनन वाहन यमराज बनकर दौड़ते हैं। प्रशासन को लोगों की जान की परवाह नहीं है। वहां पूर्व प्रधान किशन चंद कंबोज, व्यापार मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, राजू नगदली, मुकेश सनवाल, जीत सिंह, जया जोशी, ज्योति तिवारी, अंकित गोयल, जानकी देवी, हेमा पांडे, बबीता धामी, कलावती, नंदन मेहरा, सोनू जायसवाल, सदानंद आदि थे।
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