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निगम की बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव पास
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काशीपुर नगर निगम की बोर्ड बैठक में मौजूद मेयर व पार्षद।
- फोटो : KASHIPUR
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। कर विभाग ने लाइसेंस शुल्क निर्धारण के प्रस्ताव पर चर्चा की लेकिन पार्षदों ने फड़ व ठेलों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का विरोध कर दिया। बैठक में होटल, अस्पताल, नर्सिंग होम में चल रहे मेडिकल स्टोरों आदि का शुल्क बढ़ाने की मांग की गई।
सोमवार को नगर निगम सभागार में मेयर ऊषा चौधरी और एसडीएम/नगर आयुक्त आकांक्षा वर्मा के संचालन में बोर्ड बैठक शुरू हुई। पार्षदों ने कहा कि एसडीएम आकांक्षा वर्मा को नगर आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जबकि निगम के लिए स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति होनी चाहिए। निगम बनने के बाद से यहां एक बार भी नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। पार्षद मनोज जग्गा ने नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव रखा। पार्षद राजकुमार सेेठी और मनोज बाली आदि ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया।
कर अधीक्षक संजय मेहरोत्रा ने 183 प्रकार की दुकानों, होटलों और अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोरों, स्कूल, कोचिंग सेंटरों और पार्किंग स्थलों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने कहा कि इस संबंध में आपसी राय के बाद ही शुल्क निर्धारित किया जाए। पार्षद पुष्कर बिष्ट, सुशील शर्मा, अनिल कुमार, जगत बिष्ट ने छोटे कारोबारियों जैसे हाथ ठेली, फड़ और गली मोहल्लों में चल रहे छोटे स्कूलों पर लाइसेंस शुल्क न लगाने और बड़े स्कूलों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी करने की मांग की। पुष्कर बिष्ट ने कहा कई गलियों में अस्पताल नहीं है लेकिन वहां पर मेडिकल स्टोर चल रहे हैं जिनमें नशे की दवाएं बेची जाती हैं। दवा निरीक्षक और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को समय- समय पर उनकी जांच करनी चाहिए।
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मेयर ऊषा चौधरी ने बताया कर विभाग को एक माह में शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव पेश करने का समय दिया गया है। उसके बाद आपत्तियां सुनवाई का समय निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य जनता पर शुल्क का बोझ बढ़ाना नहीं है। बैठक में सहायक नगर आयुक्त आलोक उनियाल, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, सफाई निरीक्षक विकास चौधरी, कर निरीक्षक अनुपमा, मनीष गोस्वामी आदि थे।
ठेकेदार एक साल तक करेंगे पार्कों का रखरखाव
काशीपुर। शहर में नगर निगम के अधीन आने वाले पार्कों की दशा अब सुधर सकती है। बोर्ड बैठक में पार्कों को लेकर प्रस्ताव रखा गया कि पार्कों की दशा सुधारने के लिए पार्क बनाने का ठेका जिस ठेकेदार को दिया जाएगा वही एक साल तक पार्क का रखरखाव भी करेगा। पार्षद राजकुमार सेठी के इस प्रस्ताव को भी बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया।
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सोमवार को नगर निगम सभागार में मेयर ऊषा चौधरी और एसडीएम/नगर आयुक्त आकांक्षा वर्मा के संचालन में बोर्ड बैठक शुरू हुई। पार्षदों ने कहा कि एसडीएम आकांक्षा वर्मा को नगर आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। जबकि निगम के लिए स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति होनी चाहिए। निगम बनने के बाद से यहां एक बार भी नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति नहीं की गई है। पार्षद मनोज जग्गा ने नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव रखा। पार्षद राजकुमार सेेठी और मनोज बाली आदि ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया।
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कर अधीक्षक संजय मेहरोत्रा ने 183 प्रकार की दुकानों, होटलों और अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोरों, स्कूल, कोचिंग सेंटरों और पार्किंग स्थलों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने कहा कि इस संबंध में आपसी राय के बाद ही शुल्क निर्धारित किया जाए। पार्षद पुष्कर बिष्ट, सुशील शर्मा, अनिल कुमार, जगत बिष्ट ने छोटे कारोबारियों जैसे हाथ ठेली, फड़ और गली मोहल्लों में चल रहे छोटे स्कूलों पर लाइसेंस शुल्क न लगाने और बड़े स्कूलों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी करने की मांग की। पुष्कर बिष्ट ने कहा कई गलियों में अस्पताल नहीं है लेकिन वहां पर मेडिकल स्टोर चल रहे हैं जिनमें नशे की दवाएं बेची जाती हैं। दवा निरीक्षक और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को समय- समय पर उनकी जांच करनी चाहिए।
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मेयर ऊषा चौधरी ने बताया कर विभाग को एक माह में शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव पेश करने का समय दिया गया है। उसके बाद आपत्तियां सुनवाई का समय निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य जनता पर शुल्क का बोझ बढ़ाना नहीं है। बैठक में सहायक नगर आयुक्त आलोक उनियाल, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, सफाई निरीक्षक विकास चौधरी, कर निरीक्षक अनुपमा, मनीष गोस्वामी आदि थे।
ठेकेदार एक साल तक करेंगे पार्कों का रखरखाव
काशीपुर। शहर में नगर निगम के अधीन आने वाले पार्कों की दशा अब सुधर सकती है। बोर्ड बैठक में पार्कों को लेकर प्रस्ताव रखा गया कि पार्कों की दशा सुधारने के लिए पार्क बनाने का ठेका जिस ठेकेदार को दिया जाएगा वही एक साल तक पार्क का रखरखाव भी करेगा। पार्षद राजकुमार सेठी के इस प्रस्ताव को भी बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया।