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Udham Singh Nagar News: सितारगंज केंद्रीय कारागार का कैदी धान के खेत से फरार
Fri, 18 Aug 2023 12:39 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 18 Aug 2023 12:39 AM IST
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-17एसटीजी02पी: सितारगंज में केंद्रीय कारागार से कैदी के फरार होने के बाद कांबिंग करते कोतवाल भू
सितारगंज। संपूर्णानंद शिविर की केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी धान के खेत से फरार हो गया। इससे जेल प्रशासन में खलबली मच गई। जेल अधीक्षक ने उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी और फिर जेल अधीक्षक व सीओ के नेतृत्व में सुरक्षा कर्मियों व पुलिस की टीमें कैदी की तलाश में जुट गईं। टीमों ने जेल परिक्षेत्र के अलावा आसपास के जंगल में कांबिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े सात बजे कमान अधिकारी रिजर्व बंदी रक्षक राज बहादुर सैनी, बंदी रक्षक अमरजीत व उपनल कर्मी नरेश कार्की दस कैदियों की कमान लेकर जेल से सौ मीटर की दूरी पर धान के खेत में निराई करने गए थे। इन कैदियों में शामिल केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी बिचई थाना नानकमत्ता निवासी जरनैल सिंह (55) पुत्र बंजारा सिंह भी था।
सुबह करीब 11 बजे जरनैल सिंह ने कमान अधिकारी को शौच के बहाने चकमा देकर फरार हो गया। कमान अधिकारी ने डिप्टी जेलर सत्यप्रकाश सिंह को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डिप्टी जेलर ने तुरंत ही अधीक्षक अनुराग मलिक को बताया और फिर उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया।
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इसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश शर्मा, कोतवाल भूपेंद्र सिंह बृजवाल, एसएसआई हरविंद्र कुमार व सिडकुल चौकी पुलिस जेल पहुंच गई। जेल अधीक्षक मलिक व सीओ शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की टीमों ने शाम पांच बजे तक सर्च अभियान चलाया। लेकिन फरार कैदी का कहीं पता नहीं चला।
जेल अधीक्षक मलिक ने बताया कि फरार कैदी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
रास्ते कराए सील, अलर्ट मोड पर चौकी, थाने
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से कैदी जरनैल सिंह के फरार होने के बाद जेल प्रशासन व पुलिस की ओर से जहां कैदी की तलाश में सघन कांबिंग व सर्चिंग की गई तो वहीं जेल से ऊधम सिंह नगर जिले को जाने वाले रास्तों, नैनीताल जनपद को जाने वाले रास्तों को सील करा दिया गया। साथ ही यूपी सीमा के सभी रास्तों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसके अलावा सितारगंज कोतवाली, शक्तिफार्म चौकी, नानकमत्ता थाना, पुलभट्टा थाना, किच्छा कोतवाली समेत जिले की सीमा से सटे नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने भी अलर्ट मोड पर रहे।
ड्रोन की नजर से भी ओझल रहा कैदी
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से कैदी जरनैल सिंह के फरार होने के बाद जेल के सुरक्षा कर्मी व पुलिस की टीमें कांबिंग में तो जुटी थी। साथ में ड्रोन और डॉग स्क्वायड की टीम भी लगी रही। पुलिस ने ड्रोन की मदद से झाड़ी, खंती और जंगल के बीहड़ क्षेत्र को खंगाला। वहीं, डॉग स्क्वायड भी खोजबीन में जुटे रहे। लेकिन कैदी ड्रोन की नजर भी ओझल रहा और डॉग स्क्वायड को भी कोई सफलता नहीं मिली।
साल 1995 में की थी ग्रामीण की हत्या
2001 में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई थी आजीवन कारावास की सजा
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से फरार हत्या के दोष में आजीवन सजायाफ्ता कैदी जरनैल सिंह ने साल 1995 में एक ग्रामीण की हत्या कर दी थी। 2001 में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से जरनैल को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जरनैल के उच्च न्यायालय में अपील करने पर सुनवाई के बाद साल 2022 में उसकी सजा को बरकरार रखा गया जिसके बाद वह जेल में सजा काट रहा था।
नानकमत्ता थाने में चार अक्तूबर 1995 को दर्ज मुकदमे के अनुसार बिचई गांव निवासी जरनैल सिंह ने गांव के मक्खन सिंह पुत्र चरन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में तीन अन्य आरोपी भी थे। मामला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा तो साल सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने साल 2001 में जरनैल सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
डिप्टी जेलर सत्यपाल सिंह ने बताया कि कैदी जरनैल ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उसकी अपील को खारिज कर दिया वर्ष 2022 में उसकी सजा को बरकरार रखा जिसके बाद से वह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बताया कि पांच जून 2022 को जरनैल सिंह को नैनीताल जेल से यहां लाया गया था। तब से वह यहां जेल में सजा काट रहा था और साज दिन तक वह चार वर्ष दस माह आठ दिन की सजा पूरी कर चुका है।
सितारगंज जेल की बंदिशों को तोड़कर पहले भी भागे कैदी
सितारगंज। उत्तराखंड की ऐतिहासिक खुली जेल संपूर्णानंद शिविर एवं केंद्रीय कारागार से कैदियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई कैदी जेल से भाग चुके हैं। आठ साल पहले दो सगे भाई हंसा और वंशा भी खेत से ही फरार हुए थे जो अभी तक जेल की भगौड़े कैदियों की फेहरिस्त में फरार चल रहे हैं।
जेल सूत्रों के अनुसार साल 2015 के अगस्त महीने में जेल के लालरखास के शहतूत प्लाट पर धान की रोपाई करने गए नानकमत्ता थाना क्षेत्र के ग्राम टुकड़ी के रहने वाले आजीवन सजायाफ्ता कैदी हंसराज उर्फ हंसा व हरबंश उर्फ वंशा प्रधान बंदी रक्षक को चकमा देकर फरार हो गए थे। तब से जेल व पुलिस विभाग की उनकी तलाश में जुटा है लेकिन दोनों भाइयों का अब तक सुराग नहीं लगा। इसी तरह अप्रैल 2017 में भी 14 कैदियों की कमान में शामिल होकर नदी किनारे गन्ने के खेत में गुड़ाई करने गया हत्या के दोष में कैदी बैकुंठपुर गांव निवासी सुशील विश्वास कमान के लौटते वक्त फरार हो गया था जिसे बाद में पकड़ लिया गया था।
इसके अलावा 26 सितंबर 2020 को केंद्रीय कारागार से रुद्रपुर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाए गए कोरोना पॉजिटिव हत्या में आजीवन कारावास का कैदी ग्राम मछरिया मुरादाबाद निवासी आनंद, जाख चौपाया घट्टी मछोड़ अल्मोड़ा का गौरव पाल व दस वर्ष की सजा पाने वाले वार्ड आठ चैनपुर जिला बजरंग नेपाल निवासी देवेंद्र धाुनक बाथरूम की खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे।
ये तीनों कैदी भी बाद में पकड़े गए थे। वहीं, जुलाई 2020 में सितारगंज जेल से कोविड-19 जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया कैदी दिल्ली निवासी विप्लव सरकार पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत फरार हो गया था।
50 फीसदी सुरक्षा कर्मियों के सहारे चल रही जेल
सितारगंज। संपूर्णानंद शिविर खुली जेल एवं सेंट्रल जेल 50 फीसदी सुरक्षा कर्मियों के जिम्मे है। डिप्टी जेलर सत्यपाल सिंह ने बताया कि जेल में जेलर के दो पद हैं जो रिक्त हैं। डिप्टी जेलर के आठ पदों में से सात खाली हैं। एक ही डिप्टी जेलर तैनात हैं। प्रधान बंदी रक्षक के 15 पदों में से सात पद ही भरे हुए हैं। वहीं बंदी रक्षक के 140 पदों में से 68 ही तैनात हैं। इन सुरक्षा कर्मियों के जिम्मे सेंट्रल जेल 684 व खुली जेल के 30 कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा है।
जेल से फरार कैदी के मामले में होगी विभागीय जांच : अनुराग
सितारगंज। जेल अधीक्षक अनुराग मलिक ने बताया कि जेल से फरार कैदी जरनैल सिंह के मामले की विभागीय जांच होगी। जिस कमान अधिकारी, बंदी रक्षक और उपनल कर्मी की सुरक्षा के बीच से कैदी भागा है, उसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद लापरवाही पर दोषी सुरक्षा कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े सात बजे कमान अधिकारी रिजर्व बंदी रक्षक राज बहादुर सैनी, बंदी रक्षक अमरजीत व उपनल कर्मी नरेश कार्की दस कैदियों की कमान लेकर जेल से सौ मीटर की दूरी पर धान के खेत में निराई करने गए थे। इन कैदियों में शामिल केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी बिचई थाना नानकमत्ता निवासी जरनैल सिंह (55) पुत्र बंजारा सिंह भी था।
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सुबह करीब 11 बजे जरनैल सिंह ने कमान अधिकारी को शौच के बहाने चकमा देकर फरार हो गया। कमान अधिकारी ने डिप्टी जेलर सत्यप्रकाश सिंह को इसकी जानकारी दी। इसके बाद डिप्टी जेलर ने तुरंत ही अधीक्षक अनुराग मलिक को बताया और फिर उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया।
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इसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी ओमप्रकाश शर्मा, कोतवाल भूपेंद्र सिंह बृजवाल, एसएसआई हरविंद्र कुमार व सिडकुल चौकी पुलिस जेल पहुंच गई। जेल अधीक्षक मलिक व सीओ शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की टीमों ने शाम पांच बजे तक सर्च अभियान चलाया। लेकिन फरार कैदी का कहीं पता नहीं चला।
जेल अधीक्षक मलिक ने बताया कि फरार कैदी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
रास्ते कराए सील, अलर्ट मोड पर चौकी, थाने
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से कैदी जरनैल सिंह के फरार होने के बाद जेल प्रशासन व पुलिस की ओर से जहां कैदी की तलाश में सघन कांबिंग व सर्चिंग की गई तो वहीं जेल से ऊधम सिंह नगर जिले को जाने वाले रास्तों, नैनीताल जनपद को जाने वाले रास्तों को सील करा दिया गया। साथ ही यूपी सीमा के सभी रास्तों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसके अलावा सितारगंज कोतवाली, शक्तिफार्म चौकी, नानकमत्ता थाना, पुलभट्टा थाना, किच्छा कोतवाली समेत जिले की सीमा से सटे नैनीताल जिले के चोरगलिया थाने भी अलर्ट मोड पर रहे।
ड्रोन की नजर से भी ओझल रहा कैदी
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से कैदी जरनैल सिंह के फरार होने के बाद जेल के सुरक्षा कर्मी व पुलिस की टीमें कांबिंग में तो जुटी थी। साथ में ड्रोन और डॉग स्क्वायड की टीम भी लगी रही। पुलिस ने ड्रोन की मदद से झाड़ी, खंती और जंगल के बीहड़ क्षेत्र को खंगाला। वहीं, डॉग स्क्वायड भी खोजबीन में जुटे रहे। लेकिन कैदी ड्रोन की नजर भी ओझल रहा और डॉग स्क्वायड को भी कोई सफलता नहीं मिली।
साल 1995 में की थी ग्रामीण की हत्या
2001 में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई थी आजीवन कारावास की सजा
सितारगंज। केंद्रीय कारागार से फरार हत्या के दोष में आजीवन सजायाफ्ता कैदी जरनैल सिंह ने साल 1995 में एक ग्रामीण की हत्या कर दी थी। 2001 में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से जरनैल को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। जरनैल के उच्च न्यायालय में अपील करने पर सुनवाई के बाद साल 2022 में उसकी सजा को बरकरार रखा गया जिसके बाद वह जेल में सजा काट रहा था।
नानकमत्ता थाने में चार अक्तूबर 1995 को दर्ज मुकदमे के अनुसार बिचई गांव निवासी जरनैल सिंह ने गांव के मक्खन सिंह पुत्र चरन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में तीन अन्य आरोपी भी थे। मामला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहुंचा तो साल सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने साल 2001 में जरनैल सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
डिप्टी जेलर सत्यपाल सिंह ने बताया कि कैदी जरनैल ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उसकी अपील को खारिज कर दिया वर्ष 2022 में उसकी सजा को बरकरार रखा जिसके बाद से वह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बताया कि पांच जून 2022 को जरनैल सिंह को नैनीताल जेल से यहां लाया गया था। तब से वह यहां जेल में सजा काट रहा था और साज दिन तक वह चार वर्ष दस माह आठ दिन की सजा पूरी कर चुका है।
सितारगंज जेल की बंदिशों को तोड़कर पहले भी भागे कैदी
सितारगंज। उत्तराखंड की ऐतिहासिक खुली जेल संपूर्णानंद शिविर एवं केंद्रीय कारागार से कैदियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई कैदी जेल से भाग चुके हैं। आठ साल पहले दो सगे भाई हंसा और वंशा भी खेत से ही फरार हुए थे जो अभी तक जेल की भगौड़े कैदियों की फेहरिस्त में फरार चल रहे हैं।
जेल सूत्रों के अनुसार साल 2015 के अगस्त महीने में जेल के लालरखास के शहतूत प्लाट पर धान की रोपाई करने गए नानकमत्ता थाना क्षेत्र के ग्राम टुकड़ी के रहने वाले आजीवन सजायाफ्ता कैदी हंसराज उर्फ हंसा व हरबंश उर्फ वंशा प्रधान बंदी रक्षक को चकमा देकर फरार हो गए थे। तब से जेल व पुलिस विभाग की उनकी तलाश में जुटा है लेकिन दोनों भाइयों का अब तक सुराग नहीं लगा। इसी तरह अप्रैल 2017 में भी 14 कैदियों की कमान में शामिल होकर नदी किनारे गन्ने के खेत में गुड़ाई करने गया हत्या के दोष में कैदी बैकुंठपुर गांव निवासी सुशील विश्वास कमान के लौटते वक्त फरार हो गया था जिसे बाद में पकड़ लिया गया था।
इसके अलावा 26 सितंबर 2020 को केंद्रीय कारागार से रुद्रपुर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाए गए कोरोना पॉजिटिव हत्या में आजीवन कारावास का कैदी ग्राम मछरिया मुरादाबाद निवासी आनंद, जाख चौपाया घट्टी मछोड़ अल्मोड़ा का गौरव पाल व दस वर्ष की सजा पाने वाले वार्ड आठ चैनपुर जिला बजरंग नेपाल निवासी देवेंद्र धाुनक बाथरूम की खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे।
ये तीनों कैदी भी बाद में पकड़े गए थे। वहीं, जुलाई 2020 में सितारगंज जेल से कोविड-19 जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया कैदी दिल्ली निवासी विप्लव सरकार पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत फरार हो गया था।
50 फीसदी सुरक्षा कर्मियों के सहारे चल रही जेल
सितारगंज। संपूर्णानंद शिविर खुली जेल एवं सेंट्रल जेल 50 फीसदी सुरक्षा कर्मियों के जिम्मे है। डिप्टी जेलर सत्यपाल सिंह ने बताया कि जेल में जेलर के दो पद हैं जो रिक्त हैं। डिप्टी जेलर के आठ पदों में से सात खाली हैं। एक ही डिप्टी जेलर तैनात हैं। प्रधान बंदी रक्षक के 15 पदों में से सात पद ही भरे हुए हैं। वहीं बंदी रक्षक के 140 पदों में से 68 ही तैनात हैं। इन सुरक्षा कर्मियों के जिम्मे सेंट्रल जेल 684 व खुली जेल के 30 कैदियों की सुरक्षा का जिम्मा है।
जेल से फरार कैदी के मामले में होगी विभागीय जांच : अनुराग
सितारगंज। जेल अधीक्षक अनुराग मलिक ने बताया कि जेल से फरार कैदी जरनैल सिंह के मामले की विभागीय जांच होगी। जिस कमान अधिकारी, बंदी रक्षक और उपनल कर्मी की सुरक्षा के बीच से कैदी भागा है, उसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद लापरवाही पर दोषी सुरक्षा कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।