{"_id":"62eec0b507d2016505729a52","slug":"prison-for-two-acused-in-khateema-khatima-news-hld471630581","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता-पुत्र को पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता-पुत्र को पांच साल की सजा
विज्ञापन
खटीमा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह ने गैर इरादतन हत्या के दोषी पिता-पुत्र को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
सितारगंज कल्याणपुर क्षेत्र के लच्छीझाला निवासी भूपाल राम ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया था कि छह दिसंबर 2017 को घर के पास बनी नाली से निकासी के लिए पड़ोस के ही कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया था। तब आरोपियों ने उसके साथ गालीगलौज और मारपीट कर दी थी। इस मामले में सितारगंज पुलिस ने नौ दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के 20 दिन बाद वादी की मौत हो गई थी।
पुलिस ने 27 अप्रैल 2018 को न्यायालय में एक महिला समेत तीन लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किए थे। यह मामला 26 अगस्त 2018 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सौरभ ओझा ने पैरवी कर 11 गवाहों को पेश किया।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश धर्म सिंह ने लच्छीझाला निवासी रामायण और उसके पुत्र अनिल कुमार को दोषी पाते हुए धारा 304 में पांच-पांच साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। धारा 323 में भी छह-छह माह की सजा और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है जबकि रामायण की पत्नी आरती को धारा 504 में बरी किया गया है।
विज्ञापन
सितारगंज कल्याणपुर क्षेत्र के लच्छीझाला निवासी भूपाल राम ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया था कि छह दिसंबर 2017 को घर के पास बनी नाली से निकासी के लिए पड़ोस के ही कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया था। तब आरोपियों ने उसके साथ गालीगलौज और मारपीट कर दी थी। इस मामले में सितारगंज पुलिस ने नौ दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया था। घटना के 20 दिन बाद वादी की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने 27 अप्रैल 2018 को न्यायालय में एक महिला समेत तीन लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किए थे। यह मामला 26 अगस्त 2018 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सौरभ ओझा ने पैरवी कर 11 गवाहों को पेश किया।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश धर्म सिंह ने लच्छीझाला निवासी रामायण और उसके पुत्र अनिल कुमार को दोषी पाते हुए धारा 304 में पांच-पांच साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। धारा 323 में भी छह-छह माह की सजा और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है जबकि रामायण की पत्नी आरती को धारा 504 में बरी किया गया है।