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केंद्र सरकार की वादा खिलाफी के विरुद्ध प्रदर्शन, फिर आंदोलन की चेतावनी
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बाजपुर में एसडीम को ज्ञापन सौंपते किसान। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
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संयुक्त किसान मोर्चा ने एसडीएम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया। जल्द वादा पूरा नहीं करने पर मिशन यूपी, उत्तराखंड के नाम से पुन: आंदोलन चलाने की चेतावनी दी।
सोमवार को भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अभय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने केंद्र, यूपी व उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व मध्य प्रदेश सरकारों पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि किसानों में इस बात का भारी रोष है कि केंद्र, यूपी-उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने आंदोलनकारी किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए। जबकि केंद्र सरकार ने मुकदमे वापसी का आश्वासन दिया।
अभी तक एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बनाया। लखीमपुर में किसानों की हत्या की साजिश करने के आरोपी केंद्रीय मंत्री को नहीं हटाया। शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया। वहां टीका सिंह सैनी, विजेद्र सिंह, बलजिंदर सिंह संधू, मनप्रीत सिंह, कल्याण सिंह, कश्मीर सिंह, नरवाल सिंह, अवनीश सिंह आदि थे। संवाद
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केंद्र और राज्य सरकार पर विश्वासघात का आरोप
बाजपुर। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आरसी तिवारी को सौंपा।
पड्डा ने कहा कि यह सरकार झूठी है। किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को राज्य गृहमंत्री अजय मिश्रा टेनी के काफिले ने रौंदकर मौत के घाट उतार दिया। प्रधानमंत्री की ओर से किसानों को इंसाफ नहीं दिलाया गया। सरकार किसानों के मुद्दे पर खरी नहीं उतरी है। बस किसानों को गुमराह करके वाहवाही लूटने का प्रयास सरकार ने किया।
किसानों के मुद्दे को सरकार को हल करना चाहिए। अगर सरकार ने ऐसा न किया तो विधानसभा चुनाव के बाद किसान फिर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। वहां विक्की रंधावा, दलजीत सिंह रंधावा, गुरमीत सिंह निज्जर, प्रताप सिंह संधू, बंटी सिंह, सुखवंत सिंह, भाकियू उग्राहां के प्रदेश महामंत्री बल्ली सिंह चीमा, रक्षपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह संधू, गुरबक्श सिंह आदि थे। संवाद
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सोमवार को भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कोर्ट के सामने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अभय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने केंद्र, यूपी व उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व मध्य प्रदेश सरकारों पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि किसानों में इस बात का भारी रोष है कि केंद्र, यूपी-उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश की सरकारों ने आंदोलनकारी किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए। जबकि केंद्र सरकार ने मुकदमे वापसी का आश्वासन दिया।
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अभी तक एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बनाया। लखीमपुर में किसानों की हत्या की साजिश करने के आरोपी केंद्रीय मंत्री को नहीं हटाया। शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया। वहां टीका सिंह सैनी, विजेद्र सिंह, बलजिंदर सिंह संधू, मनप्रीत सिंह, कल्याण सिंह, कश्मीर सिंह, नरवाल सिंह, अवनीश सिंह आदि थे। संवाद
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केंद्र और राज्य सरकार पर विश्वासघात का आरोप
बाजपुर। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह पड्डा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आरसी तिवारी को सौंपा।
पड्डा ने कहा कि यह सरकार झूठी है। किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को राज्य गृहमंत्री अजय मिश्रा टेनी के काफिले ने रौंदकर मौत के घाट उतार दिया। प्रधानमंत्री की ओर से किसानों को इंसाफ नहीं दिलाया गया। सरकार किसानों के मुद्दे पर खरी नहीं उतरी है। बस किसानों को गुमराह करके वाहवाही लूटने का प्रयास सरकार ने किया।
किसानों के मुद्दे को सरकार को हल करना चाहिए। अगर सरकार ने ऐसा न किया तो विधानसभा चुनाव के बाद किसान फिर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। वहां विक्की रंधावा, दलजीत सिंह रंधावा, गुरमीत सिंह निज्जर, प्रताप सिंह संधू, बंटी सिंह, सुखवंत सिंह, भाकियू उग्राहां के प्रदेश महामंत्री बल्ली सिंह चीमा, रक्षपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह संधू, गुरबक्श सिंह आदि थे। संवाद

काशीपुर: एसडीम कार्यालय पर प्रदर्शन करते किसान- फोटो : KASHIPUR