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Udham Singh Nagar News: सर्विलांस के सहारे फर्जी मार्कशीट गिरोह की जड़ें खंगाल रही पुलिस
Sun, 12 Mar 2023 09:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 12 Mar 2023 09:46 PM IST
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रुद्रपुर। चार माह पहले एक कॉलोनी से पकड़े फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों तक पुलिस पहुंचने में कामयाब नहीं हो सकी है। पुलिस सर्विलांस का सहारा लेकर गिरोह में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सबूत जुटा रही है। इस मामले में प्रकाश में आए निजी विश्वविद्यालय के दो कर्मचारियों के खिलाफ भी पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा सकी है।
10 नवंबर को पुलिस ने शहर की एक कॉलोनी के फ्लैट से फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट और डिग्री बना रहे बनबसा चंपावत निवासी गौरव चंद, डोईवाला देहरादून निवासी अजय कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांच विश्वविद्यालयों की 17 मुहर, मार्कशीट के 5,000 सादे कागज, 164 तैयार मार्कशीट, 10 तैयार डिग्री, सर्टिफिकेट के 1,000 सादे कागज, तीन तैयार सर्टिफिकेट, तीन लैपटॉप, तीन प्रिंटर और चार मोबाइल बरामद किए थे। वहां सनराइज विश्वविद्यालय (राजस्थान), वाईबीएन विश्वविद्यालय (झारखंड), साईनाथ विश्वविद्यालय (झारखंड), वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय (यूपी), विलियम कैरे विश्वविद्यालय (शिलांग) के नाम पर सर्टिफिकेट मिले थे। इन्ही विश्वविद्यालयों के नाम पर मुहरें भी थीं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह वेतन पर मार्कशीट बनाने का काम कर रहे हैं।
पुलिस ने गिरोह के सरगना आवास विकास निवासी नवदीप भाटिया को गिरफ्तार किया था। इस मामले में विलियम कैरे यूनिवर्सिटी के दो कर्मचारी गौरव अग्रवाल और जितेंद्र उर्फ सुखपाल को नामजद किया गया था। यह लोग विश्वविद्यालय से सर्टिफिकेट, डिग्री और मार्कशीट का सत्यापन भी करते थे। चार माह होने के बाद अब तक पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। पिछले दिनों एसएसपी ने मामले में एसआईटी गठित करने की बात की थी लेकिन अब तक उसका गठन नहीं हुआ। एसपी सिटी मनोज कत्याल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मामले में टीमें अहम साक्ष्य जुटा रही हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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10 नवंबर को पुलिस ने शहर की एक कॉलोनी के फ्लैट से फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट और डिग्री बना रहे बनबसा चंपावत निवासी गौरव चंद, डोईवाला देहरादून निवासी अजय कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांच विश्वविद्यालयों की 17 मुहर, मार्कशीट के 5,000 सादे कागज, 164 तैयार मार्कशीट, 10 तैयार डिग्री, सर्टिफिकेट के 1,000 सादे कागज, तीन तैयार सर्टिफिकेट, तीन लैपटॉप, तीन प्रिंटर और चार मोबाइल बरामद किए थे। वहां सनराइज विश्वविद्यालय (राजस्थान), वाईबीएन विश्वविद्यालय (झारखंड), साईनाथ विश्वविद्यालय (झारखंड), वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय (यूपी), विलियम कैरे विश्वविद्यालय (शिलांग) के नाम पर सर्टिफिकेट मिले थे। इन्ही विश्वविद्यालयों के नाम पर मुहरें भी थीं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह वेतन पर मार्कशीट बनाने का काम कर रहे हैं।
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पुलिस ने गिरोह के सरगना आवास विकास निवासी नवदीप भाटिया को गिरफ्तार किया था। इस मामले में विलियम कैरे यूनिवर्सिटी के दो कर्मचारी गौरव अग्रवाल और जितेंद्र उर्फ सुखपाल को नामजद किया गया था। यह लोग विश्वविद्यालय से सर्टिफिकेट, डिग्री और मार्कशीट का सत्यापन भी करते थे। चार माह होने के बाद अब तक पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। पिछले दिनों एसएसपी ने मामले में एसआईटी गठित करने की बात की थी लेकिन अब तक उसका गठन नहीं हुआ। एसपी सिटी मनोज कत्याल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मामले में टीमें अहम साक्ष्य जुटा रही हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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