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नक्शे के पेच में फंसा रुद्रपुर, काशीपुर आईएसबीटी 

Fri, 27 Apr 2018 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर Updated Fri, 27 Apr 2018 12:09 AM IST
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planning of developing roadways Bus station as ISBT is is getting execution
रुद्रपुर का रोडवेज स्टेशन - फोटो : Amar Ujala

रुद्रपुर और काशीपुर रोडवेज बस अड्डे को आईएसबीटी के रूप में विकसित करने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। पीपीपी मोड पर दोनों डिपो का कायाकल्प करने का जिम्मा संभालने वाली कंपनी के नक्शे विकास प्राधिकरण से पास नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से दोनों डिपो में काम शुरू नहीं हो सका है। अनुबंधित कंपनी को दो वर्ष में यह निर्माण पूरा करना था, लेकिन 11 महीने बीतने के बाद भी मामला नक्शे के कारण अटका पड़ा है। 

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परिवहन निगम ने जून 2017 में रुद्रपुर और काशीपुर बस अड्डे को पीपीपी मोड पर आईएसबीटी के रूप में विकसित करने का टेंडर सीआरएस इन्फ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड नई दिल्ली को दिया था। इसके तहत कंपनी को दो वर्ष के भीतर बस स्टेशन, हाइटेक वर्कशॉप (ऑटोमेटिक वाशिंग प्लांट और अन्य सुविधाजनक चीजें) के अलावा कुल भूमि में से 25 फीसदी भूमि पर कांपलेक्स (फूड कोट, पेट्रोल पंप, मल्टीप्लेक्स आदि) का निर्माण करना था।
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कंपनी को प्रत्येक आईएसबीटी में 10 करोड़ रुपये का निवेश करना था। साथ ही 25 वर्ष तक पीपीपी मोड के बाद कंपनी को प्रोजेक्ट को निगम को हस्तांतरित करना है। लेकिन, अभी तक दोनों में से किसी भी बस अड्डे में निर्माण की नींव तक नहीं रखी जा  सकी है। दिलचस्प बात है कि अनुबंध हुए 10 महीने बीतने को हैं, लेकिन अभी तक कंपनी आईएसबीटी का नक्शा तक पास नहीं करा सकी है। ऐसे में निर्माण जल्द शुुरू होने पर संशय बना हुआ है। 
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रामनगर डिपो में फंसा वन भूमि का अड़ंगा 
रुद्रपुर। परिवहन निगम ने रुद्रपुर और काशीपुर के साथ ही श्रीनगर और रामनगर को भी पीपीपी मोड पर आईएसबीटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। कार्बेट नेशनल पार्क होने और कुमाऊं, गढ़वाल का प्रवेश द्वार होने की वजह से भी रामनगर के बस अड्डे की सूरत बदलने की जरूरत भी महसूस हो रही है, लेकिन ऐन वक्त पर वन भूमि के अड़ंगे ने योजना पर पानी फेर दिया। निगम एमडी बृजेश कुमार संत ने बताया कि वन भूमि का पेच फंसने की वजह से रामनगर का प्रोजेक्ट वापस कर दिया गया था। 

विकास प्राधिकरण में रोडवेज बस अड्डों के नक्शों के लंबित होने का प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। फाइल फिलहाल मेरे पास नहीं पहुंची है। करीब तीन महीने पहले काशीपुर में आईएसबीटी के निर्माण को लेकर हुई बैठक में मैं भी शामिल था लेकिन यह तय नहीं हो सका था कि निर्माण कहां होना है। फाइल मेरे पास आएगी तो उसे देखा जाएगा। 

- प्रताप शाह, सचिव, ऊधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण। 

- काशीपुर और रुद्रपुर के आईएसबीटी निर्माण को लेकर जमीन का कोई मसला नहीं है। दोनों ही जगहों के नक्शे प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं। नक्शे पास होने के बाद ही कंपनी काम शुरू कर सकेगी। अभी तो निर्माण को लेकर अनुबंधित कंपनी के पास समय बचा है। 
- दीपक जैन, जीएम प्रशासन, परिवहन निगम। 

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