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काशीपुर में 12 से 16 घंटे की कटौती
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प्रभात साहनी।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से जहां आम जन परेशान हैं, वहीं उद्योगों में उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। काशीपुर में रोजाना 12 से 16 घंटे की कटौती की जा रही है।
जिलेभर में डेढ़ लाख से अधिक घरेलू बिजली के कनेक्शन हैं। काशीपुर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां इंडस्ट्री में भी बहुत अधिक मात्रा में बिजली की खपत होती है। केवीएस के सीएमडी देवेंद्र जिंदल ने बताया कि शुक्रवार दोहपर तीन बजे पावर कट हुआ था। शनिवार सुबह नौ बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु हो सकी। विद्युत कटौती का सिलसिला एक पखवाड़े से लगतार चल रहा है। डीजल के दाम बढ़ने के कारण जनरेटर चला पाना भी संभव नहीं है। सरिया इंडस्ट्री विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व देती है। फूड इंडस्ट्री में भी कटौती से मशीनें खराब होने की खतरा बना रहता है।
केजीसीसीआई पेपर यूनिट चेप्टर के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि बिना सूचना घंटों कटौती करने से पेपर उद्योग में 20 फीसद तक उत्पादन गिर गया है। कुछ अन्य उद्योगों में तो बिजली के कारण 30 फीसद तक उत्पादन प्रभावित हुआ है। व्यापार मंडल के शाखा अध्यक्ष प्रभात साहनी ने बताया कि विद्युत कटौती से मंझले और छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। बिजली न आने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, जबकि सिंचाई को लेकर किसान भी परेशान हैं।
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जिलेभर में डेढ़ लाख से अधिक घरेलू बिजली के कनेक्शन हैं। काशीपुर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां इंडस्ट्री में भी बहुत अधिक मात्रा में बिजली की खपत होती है। केवीएस के सीएमडी देवेंद्र जिंदल ने बताया कि शुक्रवार दोहपर तीन बजे पावर कट हुआ था। शनिवार सुबह नौ बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु हो सकी। विद्युत कटौती का सिलसिला एक पखवाड़े से लगतार चल रहा है। डीजल के दाम बढ़ने के कारण जनरेटर चला पाना भी संभव नहीं है। सरिया इंडस्ट्री विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व देती है। फूड इंडस्ट्री में भी कटौती से मशीनें खराब होने की खतरा बना रहता है।
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केजीसीसीआई पेपर यूनिट चेप्टर के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि बिना सूचना घंटों कटौती करने से पेपर उद्योग में 20 फीसद तक उत्पादन गिर गया है। कुछ अन्य उद्योगों में तो बिजली के कारण 30 फीसद तक उत्पादन प्रभावित हुआ है। व्यापार मंडल के शाखा अध्यक्ष प्रभात साहनी ने बताया कि विद्युत कटौती से मंझले और छोटे दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। बिजली न आने से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है, जबकि सिंचाई को लेकर किसान भी परेशान हैं।

पवन अग्रवाल।- फोटो : KASHIPUR

देवेंद्र जिंदल।- फोटो : KASHIPUR
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