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साहब! कल्याणी नदी के पानी ने सब बर्बाद कर दिया
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साहब! कल्याणी नदी के पानी ने सालों से मेहनत करके जुटाए सामान को बर्बाद कर दिया। उनके पास कुछ नहीं बचा है और जवान बेटियों की शादी करनी है, लेकिन अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। जगतपुरा के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे प्रभारी मंत्री के काफिले में शामिल सरकारी वाहन में बैठे एडीएम वित्त एवं प्रशासन डॉ. ललित नारायण मिश्र के सामने महिला मदद की गुहार लगाते हुए रो पड़ी। उसके साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने भी रोते हुए मदद की मांग की। एडीएम ने उनका नाम लिखकर मदद का भरोसा दिया।
दरअसल, मूसलाधार बारिश से हुए भीषण जलभराव और कल्याणी नदी ने रुद्रपुर की तमाम बस्तियों में भारी नुकसान पहुंचाया है। घरों में रखा अधिकांश सामान बर्बाद हो गया है। आंसुओं के सैलाब के बीच लोग बचा हुआ सामान समेटकर किसी तरह कुदरत के दिए जख्म से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को प्रभारी मंत्री जगतपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में मुआयने के लिए निकले तो हर जगह प्रभावित लोग मदद की मिन्नतें करते रहे।
यहां तक कि लोग मंत्री को अपने घर में हुए नुकसान को दिखाने की कोशिश करते रहे। जगतपुरा में एक महिला हीरा देवी खुद को रोकनहीं सकी और हाथ जोड़कर एडीएम से मदद की मांग करते हुए रो पड़ी। उसका कहना था कि मेहनत मजदूरी कर जोड़ा गया सारा सामान एक झटके में खत्म हो गया। कल्याणी का पानी घर में घुस गया था। वह अपनी बेटियों के साथ जान बचा पाईं, लेकिन सामान नहीं बचा सकी। उनको सरकार मदद करे। उसका कहना था कि अन्य लोगों को भी काफी नुकसान हुआ है। एडीएम ने मदद का भरोसा दिया तब जाकर महिला के आंसू थम सके।
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प्रभावितों को दोहरी मार, बिजली और पानी का संकट
रुद्रपुर। आपदा प्रभावित बस्तियों में दो दिन से बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद पानी का संकट भी गहराया हुआ है। इसके साथ ही कईं प्रभावितों के पास भोजन के पैकेट नहीं पहुंच पा रहे हैं। जगतपुरा सहित अन्य जगहों पर पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन पानी के टैंकर प्रभावितों की संख्या ज्यादा होने की वजह से नाकाफी हो रहे हैं। बुधवार की दोपहर आवास विकास जगतपुरा में बृहस्पति मंदिर के पास टैंकर पहुंचा तो वहां पानी के लिए लोगों की लाइनें लग गईं थी। अन्य जगहों पर भी पानी के साथ भोजन की आपूर्ति समुचित नहीं हो पा रही है। (संवाद)
बड़ी संख्या में मवेशियों की हुई मौत
रुद्रपुर। बारिश से हुए जलभराव में दम घुटकर कईं मवेशियों की मौत हुई है। जगतपुरा में पशुपालक बृजेश की नौ भैसों की मौत पानी में डूबकर हुई थी। उसके बेटे अनूप की पांच और सुखविंदर के 12 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा अन्य जगहों पर कईं पशुपालकों के मवेशी आपदा की भेंट चढ़े हैं। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं लोग
रुद्रपुर। शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों की मदद के लिए प्रशासन के साथ ही स्थानीय लोगों और समाजसेवी भी आगे आ रहे हैं। प्रशासन की ओर से जगतपुरा, मुखर्जीनगर सहित तमाम जगहों पर भोजन के पैकेट वितरित कराए गए। भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने टीम के साथ शास्त्रीनगर, ठाकुर नगर, शिवनगर, कृष्ण कालोनी समेत अन्य जगहों पर प्रभावितों को भोजन के पैकेट वितरित किए। वहां पर प्रेम पाल गंगवार, पार्षद किरण राठौर, छत्रपाल राठौर, वेद प्रकाश मौर्य, कृष्ण पाल गंगवार, रोबिन विश्वास, भीमसेन शर्मा सहित अनेक मौजूद रहे। इसके अलावा भूतबंगला और अन्य जगहों पर स्थानीय लोगों ने प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। संवाद
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दरअसल, मूसलाधार बारिश से हुए भीषण जलभराव और कल्याणी नदी ने रुद्रपुर की तमाम बस्तियों में भारी नुकसान पहुंचाया है। घरों में रखा अधिकांश सामान बर्बाद हो गया है। आंसुओं के सैलाब के बीच लोग बचा हुआ सामान समेटकर किसी तरह कुदरत के दिए जख्म से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को प्रभारी मंत्री जगतपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में मुआयने के लिए निकले तो हर जगह प्रभावित लोग मदद की मिन्नतें करते रहे।
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यहां तक कि लोग मंत्री को अपने घर में हुए नुकसान को दिखाने की कोशिश करते रहे। जगतपुरा में एक महिला हीरा देवी खुद को रोकनहीं सकी और हाथ जोड़कर एडीएम से मदद की मांग करते हुए रो पड़ी। उसका कहना था कि मेहनत मजदूरी कर जोड़ा गया सारा सामान एक झटके में खत्म हो गया। कल्याणी का पानी घर में घुस गया था। वह अपनी बेटियों के साथ जान बचा पाईं, लेकिन सामान नहीं बचा सकी। उनको सरकार मदद करे। उसका कहना था कि अन्य लोगों को भी काफी नुकसान हुआ है। एडीएम ने मदद का भरोसा दिया तब जाकर महिला के आंसू थम सके।
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प्रभावितों को दोहरी मार, बिजली और पानी का संकट
रुद्रपुर। आपदा प्रभावित बस्तियों में दो दिन से बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद पानी का संकट भी गहराया हुआ है। इसके साथ ही कईं प्रभावितों के पास भोजन के पैकेट नहीं पहुंच पा रहे हैं। जगतपुरा सहित अन्य जगहों पर पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन पानी के टैंकर प्रभावितों की संख्या ज्यादा होने की वजह से नाकाफी हो रहे हैं। बुधवार की दोपहर आवास विकास जगतपुरा में बृहस्पति मंदिर के पास टैंकर पहुंचा तो वहां पानी के लिए लोगों की लाइनें लग गईं थी। अन्य जगहों पर भी पानी के साथ भोजन की आपूर्ति समुचित नहीं हो पा रही है। (संवाद)
बड़ी संख्या में मवेशियों की हुई मौत
रुद्रपुर। बारिश से हुए जलभराव में दम घुटकर कईं मवेशियों की मौत हुई है। जगतपुरा में पशुपालक बृजेश की नौ भैसों की मौत पानी में डूबकर हुई थी। उसके बेटे अनूप की पांच और सुखविंदर के 12 मवेशियों की मौत हुई है। इसके अलावा अन्य जगहों पर कईं पशुपालकों के मवेशी आपदा की भेंट चढ़े हैं। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं लोग
रुद्रपुर। शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों की मदद के लिए प्रशासन के साथ ही स्थानीय लोगों और समाजसेवी भी आगे आ रहे हैं। प्रशासन की ओर से जगतपुरा, मुखर्जीनगर सहित तमाम जगहों पर भोजन के पैकेट वितरित कराए गए। भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने टीम के साथ शास्त्रीनगर, ठाकुर नगर, शिवनगर, कृष्ण कालोनी समेत अन्य जगहों पर प्रभावितों को भोजन के पैकेट वितरित किए। वहां पर प्रेम पाल गंगवार, पार्षद किरण राठौर, छत्रपाल राठौर, वेद प्रकाश मौर्य, कृष्ण पाल गंगवार, रोबिन विश्वास, भीमसेन शर्मा सहित अनेक मौजूद रहे। इसके अलावा भूतबंगला और अन्य जगहों पर स्थानीय लोगों ने प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। संवाद

रुद्रपुर में आपदा प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट देते चुघ।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर के जगतपुरा में एडीएम के सामने हाथ जोड़कर मदद की गुहार लगाती महिला।- फोटो : RUDRAPUR