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Udham Singh Nagar News: फेशियल बेल्स पाल्सी के रोगी पहुंचने लगे अस्पताल
Fri, 28 Nov 2025 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 28 Nov 2025 12:27 AM IST
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काशीपुर। ठंड शुरू होते ही फेशियल बेल्स पाल्सी (चेहरे के एक तरफ अचानक आई कमजोरी या लकवा) के मरीज अस्पतालों का रुख करने लगे हैं। अभी ऐसे मरीजों की संख्या गिनती की है।
दरअसल, नवंबर शुरू होते ही ठंड बढ़ने लगी है। सुबह-शाम ठंड अधिक पड़ने से वायरल संक्रमण की समस्या बढ़ी है। लोग फेशियल बेल्स पाल्सी रोग की चपेट में आ रहे हैं। ईएनटी डॉ. जैद अंसारी ने बताया कि उनके पास एक-दो मरीज बेल्स पाल्सी के आने लगे हैं। इस रोग के कारण व्यक्ति के एक तरफ लकवा जैसा लगता है। इसके लक्षण 72 घंटों के भीतर अचानक सामने आते हैं। समय से जानकारी होने पर मरीज कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। कई बार इसे ठीक होने में महीनों भी लग जाते हैं। यह अक्सर वायरल संक्रमणों से होता है। ऐसे रोगियों को ठंड में विशेष ध्यान रखना चाहिए।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय के ईएनटी डॉ. प्रियांक चौहान ने बताया कि सात नवंबर को ओएसटी से एक मरीज आया था। जांच करने पर फेशियल बेल्स पाल्सी रोग की पुष्टि हुई थी। उसने इलाज नहीं कराया है। लक्षण दिखने पर मरीज को शीघ्र डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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रोग के कारण:
फेशियल या सातवीं कपाल तंत्रिका में सूजन और क्षति के कारण होता है जो चेहरे की मांसपेशियों को नियंत्रित करती है।
कुछ वायरल संक्रमणों के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में यह हो सकता है, हालांकि इसका कोई स्पष्ट कारण हमेशा ज्ञात नहीं होता है।
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लक्षण:
चेहरे के एक तरफ अचानक कमजोरी या लकवा। इससे मुस्कान टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती है।
पलक पूरी तरह से बंद न कर पाना।
आंख से आंसू आना या सूखना।
चेहरे की एक तरफ की मांसपेशियों को हिलाने में असमर्थता।
दुर्लभ मामलों में यह चेहरे के दोनों तरफ को प्रभावित कर सकता है।
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दरअसल, नवंबर शुरू होते ही ठंड बढ़ने लगी है। सुबह-शाम ठंड अधिक पड़ने से वायरल संक्रमण की समस्या बढ़ी है। लोग फेशियल बेल्स पाल्सी रोग की चपेट में आ रहे हैं। ईएनटी डॉ. जैद अंसारी ने बताया कि उनके पास एक-दो मरीज बेल्स पाल्सी के आने लगे हैं। इस रोग के कारण व्यक्ति के एक तरफ लकवा जैसा लगता है। इसके लक्षण 72 घंटों के भीतर अचानक सामने आते हैं। समय से जानकारी होने पर मरीज कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। कई बार इसे ठीक होने में महीनों भी लग जाते हैं। यह अक्सर वायरल संक्रमणों से होता है। ऐसे रोगियों को ठंड में विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय के ईएनटी डॉ. प्रियांक चौहान ने बताया कि सात नवंबर को ओएसटी से एक मरीज आया था। जांच करने पर फेशियल बेल्स पाल्सी रोग की पुष्टि हुई थी। उसने इलाज नहीं कराया है। लक्षण दिखने पर मरीज को शीघ्र डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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रोग के कारण:
फेशियल या सातवीं कपाल तंत्रिका में सूजन और क्षति के कारण होता है जो चेहरे की मांसपेशियों को नियंत्रित करती है।
कुछ वायरल संक्रमणों के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में यह हो सकता है, हालांकि इसका कोई स्पष्ट कारण हमेशा ज्ञात नहीं होता है।
लक्षण:
चेहरे के एक तरफ अचानक कमजोरी या लकवा। इससे मुस्कान टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती है।
पलक पूरी तरह से बंद न कर पाना।
आंख से आंसू आना या सूखना।
चेहरे की एक तरफ की मांसपेशियों को हिलाने में असमर्थता।
दुर्लभ मामलों में यह चेहरे के दोनों तरफ को प्रभावित कर सकता है।