फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Pant University's Fodder Research Center honored with Best Center Award, 19 species developed

Udham Singh Nagar News: पंत विवि का चारा अनुसंधान केंद्र बेस्ट सेंटर अवार्ड से सम्मानित, 19 प्रजातियां विकसित

Fri, 29 May 2026 12:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Fri, 29 May 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
Pant University's Fodder Research Center honored with Best Center Award, 19 species developed
पंतनगर/रुद्रपुर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चारा अनुसंधान केंद्र को अयोध्या में बेस्ट सेंटर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय समूह बैठक में प्रदान किया गया। आईसीएआर के उप महानिदेशक डीके यादव ने सहायक महानिदेशक एसके प्रधान और आईसीएआर-आईजीएफआरआई झांसी के निदेशक पंकज कौशल की उपस्थिति में यह पुरस्कार दिया।
विज्ञापन


पंतनगर विवि में अखिल भारतीय समन्वित चारा फसल एवं उपयोगिता अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) 1995 से संचालित है। इसका उद्देश्य चारा फसलों पर शोध को मजबूत करना और उन्नत तकनीकों का प्रसार करना है। उत्तराखंड में हरे चारे की उपलब्धता में 46.75 फीसदी और सूखे चारे में 20.59 फीसदी की कमी है।
विज्ञापन

इस कमी को दूर करने के लिए पंतनगर विवि ने चारा फसल सुधार में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। विवि ने अब तक कुल 19 चारा फसल प्रजातियां विकसित की हैं। इनमें चारा लोबिया की 12, चारा जई की चार, बरसीम की एक और चारा मक्का की दो प्रजातियां शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले दो वर्षों में वैज्ञानिकों ने चारा मक्का की दो, चारा लोबिया की एक और चारा जई की एक नई प्रजाति विकसित की है। परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों ने पिछले दो वर्षों में 28 शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं। केंद्र ने चारा जई में कटाई एवं नाइट्रोजन प्रबंधन और बरसीम में अधिक बीज उत्पादन के लिए कटाई प्रबंधन जैसी दो उत्पादन तकनीकें भी विकसित की हैं। संवाद



डीएफएच-2: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

पंतनगर/रुद्रपुर। विवि की प्रमुख उपलब्धियों में अंतर-प्रजातीय चारा मक्का संकर प्रजाति डीएफएच-2 का विकास है। इसे केंद्रीय प्रजाति विमोचन समिति ने अधिसूचित कर बीज शृंखला में शामिल किया है। यह पंतनगर विवि की ओर से विकसित विश्व का पहला अंतर-प्रजातीय चारा मक्का संकर है। डीएफएच-2 का विकास भारत और अन्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है। यह हरे और सूखे चारे के उत्पादन में वृद्धि, पशुधन विकास और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगा। अयोध्या में हुई कार्यशाला के दौरान केंद्र ने चारा लोबिया और चारा मक्का से संबंधित दो पहचान प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए।

विवि के कुलपति शिवेंद्र कश्यप ने इस उपलब्धि पर चारा अनुसंधान टीम के वैज्ञानिकों वीरेंद्र प्रसाद, नरेंद्र कुमार सिंह और क्रांति कुमार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पंतनगर विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता, नवाचार और कृषि विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed