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Udham Singh Nagar News: बीमा कंपनी को 9.45 लाख रुपये के भुगतान के दिए आदेश
Wed, 07 Jun 2023 01:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 07 Jun 2023 01:19 AM IST
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प्रतीकात्मक
काशीपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को दुर्घटनाग्रस्त हुई कार की बीमा धनराशि 9.45 लाख रुपये का भुगतान सात प्रतिशत साधारण ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं।
संजय कॉलोनी बाजपुर निवासी अमर सिंह ने 20 जनवरी 2020 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज कराया था। कहा कि उसने अपनी कार का 16 अप्रैल 2019 से 15 अप्रैल 2020 तक बीमा कराया था। इसकी पॉलिसी में उनकी कार 9, 45,000 रुपये के लिए बीमा की थी।
एक जुलाई 2019 की रात उसका चालक हरमिंदर सिंह रिश्तेदारों को उसके घर छोड़ कर अपने साले के घर जा रहा था। हल्द्वानी रोड पर बाइक सवार को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर बिजली के पोल और खजूर के पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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इसकी सूचना उन्होंने अगले दिन रुद्रपुर में कंपनी के अधिकृत विक्रेता को दी। उसकी सूचना पर बीमा कंपनी ने घटना के 12 दिन बाद अपने सर्वेयर से घटनास्थल का भौतिक सत्यापन कराया था। सर्वे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पाई गई थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसने कंपनी से बीमा राशि के लिए अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने बीमा धनराशि देने से इंकार कर दिया।
उसने चार अक्तूबर 2019 को अधिवक्ता कैलाश चंद्र प्रजापति के माध्यम से कंपनी को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस मामले की सुनवाई करते हुए दो जून को आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य देवेंद्र कुमारी और नवीन चंद्र चंदोला की पीठ ने फैसला सुनाया जिसमें बीमा कंपनी को परिवादी को वाद दायर करने की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से 9, 45,000 रुपये देने के आदेश दिए हैं।
कंपनी को वाद व्यय के लिए 5000 रुपये आयोग में जमा करने होंगे। पंजीयन प्रमाणपत्र निरस्तीकरण आदि जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर इस धनराशि को प्राप्त कर सकेगा।
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संजय कॉलोनी बाजपुर निवासी अमर सिंह ने 20 जनवरी 2020 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दर्ज कराया था। कहा कि उसने अपनी कार का 16 अप्रैल 2019 से 15 अप्रैल 2020 तक बीमा कराया था। इसकी पॉलिसी में उनकी कार 9, 45,000 रुपये के लिए बीमा की थी।
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एक जुलाई 2019 की रात उसका चालक हरमिंदर सिंह रिश्तेदारों को उसके घर छोड़ कर अपने साले के घर जा रहा था। हल्द्वानी रोड पर बाइक सवार को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर बिजली के पोल और खजूर के पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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इसकी सूचना उन्होंने अगले दिन रुद्रपुर में कंपनी के अधिकृत विक्रेता को दी। उसकी सूचना पर बीमा कंपनी ने घटना के 12 दिन बाद अपने सर्वेयर से घटनास्थल का भौतिक सत्यापन कराया था। सर्वे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पाई गई थी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसने कंपनी से बीमा राशि के लिए अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने बीमा धनराशि देने से इंकार कर दिया।
उसने चार अक्तूबर 2019 को अधिवक्ता कैलाश चंद्र प्रजापति के माध्यम से कंपनी को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इस मामले की सुनवाई करते हुए दो जून को आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह, सदस्य देवेंद्र कुमारी और नवीन चंद्र चंदोला की पीठ ने फैसला सुनाया जिसमें बीमा कंपनी को परिवादी को वाद दायर करने की तारीख से भुगतान की तिथि तक सात फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से 9, 45,000 रुपये देने के आदेश दिए हैं।
कंपनी को वाद व्यय के लिए 5000 रुपये आयोग में जमा करने होंगे। पंजीयन प्रमाणपत्र निरस्तीकरण आदि जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर इस धनराशि को प्राप्त कर सकेगा।