फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Only 8.4 mm in 126 days from October till now. Rain

Udham Singh Nagar News: अक्तूबर से अब तक 126 दिन में मात्र 8.4 मिमी. बारिश

Thu, 25 Jan 2024 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 25 Jan 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
Only 8.4 mm in 126 days from October till now. Rain
पंतनगर में खेत में खाद डालता मजदूर। संवाद
-अलनीनो प्रभाव से फसलोें का उत्पादन भी होगा प्रभावित
विज्ञापन

रुद्रपुर/पंतनगर। अलनीनो प्रभाव के चलते ठंड के मौसम में अक्तूबर से अब तक 126 दिनों में मात्र 8.4 मिमी. बारिश रिकाॅर्ड की गई है। इसका असर विभिन्न खाद्यान्न, दलहनी, तिलहनी और सब्जी की फसलों पर पड़ने की पूरी आशंका है। वैज्ञानिकों के अनुसार कम बारिश और सूखी ठंड फलोत्पादन के लिए लाभकारी साबित होती है।

जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के फसल अनुसंधान केंद्र प्रभारी और कृषि वैज्ञानिक डाॅ. एसके वर्मा ने बताया कि अलनीनो प्रभाव की वजह से इस बार ठंड के मौसम में बारिश 14 अक्तूबर को 7.4 मिमी और चार दिसंबर को एक मिमी हुई। याति कुल 8.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो न के बराबर है। कम बारिश का फसलों के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इतना ही नहीं इसकेे प्रभाव से ठंड खत्म होने के बाद एकाएक तापमान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे मार्च-अप्रैल में पकने वाली फसलें अपरिपक्व अवस्था में ही पकने लगेंगी और उनके दाने अस्वस्थ और वजन कम रह जाएगा। इसका असर सीधे तौर पर उनकी उपज पर पड़ेगा और उपज में भारी कमी आने की संभावना बनेगी। जब उपज कम होगी, तो स्वाभाविक है उत्पाद भी महंगा होगा। इसका असिंचित और पर्वतीय क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा, जहां पर खेती वर्षा आधारित होती है। हालांकि सिंचित क्षेत्र में रबी फसलों के लिए कम बारिश और अधिक ठंड लाभदायक साबित होती रही है, लेकिन इस बार स्थितियां विपरीत हैं। कमोवेश यही स्थिति दलहन, तिलहन, फल और सब्जी फसलों की भी रहेेगी।
विज्ञापन

----------------------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन



फलोत्पादन के लिए लाभकारी है यह मौसम
पंतनगर। उद्यान अनुसंधान केंद्र प्रभारी डाॅ. एके सिंह ने बताया कि कम बारिश और सूखी ठंड फलोत्पादन के लिए बहुत लाभदायक है। बताया कि इस समय किसी भी फल में बारिश की आवश्यकता नहीं होती है। यदि बारिश होती है तो आम, लीची, आड़ू, नाशपाती और प्लम आदि की बढ़वार और फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। अधिक ठंड से फलों की द्रुत शीतलता (चिलिंग रिक्वायरमेंट) पूरी होती है, जो 200-250 घंटे होती है। हां यदि पाला पड़ता है, तो वह नुकसानदेह साबित होता है। जिससे बचने के लिए किसानों को खेत में धुआं, सल्फर स्प्रे या हल्की सिंचाई करनी चाहिए। संवाद


-----------------------------------------
सर्दी गेहूं की फसल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है। खेतों में फसल में कोई दिक्कत नहीं है। जिले में किसी भी क्षेत्र में गेहूं की फसल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। एके वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी ऊधम सिंह नगर।

----------------------------------------
जिले में बढ़ा आम, लीची, अमरूद ड्रेगन फल का रकवा
रुद्रपुर। जिले में इस बार नए बगीचे लगे हैं। इनमें आम के 40 हेक्टेयर, लीची 32 हेक्टेयर, अमरूद 77 हेक्टेयर और ड्रेगन फ्रूट के पांच हेक्टेयर में नए पौधे लगे हैं। जनवरी महीने में जैविक विधि के जरिये आम के पेड़ों की जड़ों में पाॅलीथिन बांधकर मैंगो मिली बग की रोकथाम की जाती है। - भावना जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी यूएस नगर।



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed