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एक जुलाई से 143 दर्ज कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रमाण पत्रों की तर्ज पर अब 143 (कृषि से अकृषि भूमि) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होने जा रही है। इसके लिए राजस्व परिषद की ओर से एक एप्लीकेशन बनाकर तैयार कर दी गई है। कुमाऊं आयुक्त का लिखित आदेश एसडीएम कार्यालय भी पहुंच गया है। माना जा रहा है कि एक जुलाई से ऑनलाइन प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि कृषि में दर्ज अकृषि भूमि की 143 दर्ज कराने के लिए अब भू-स्वामी को तहसील या फिर एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। राजस्व परिषद ने 143 दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया आरंभ करने की तैयारी की है। इसके लिए लैंडयूज डॉट यूके डॉट जीओवी डॉट इन वेबसाइट बनाई गई है। जो पब्लिक डोमेन में होस्ट की चुकी है। इस एप्लीकेशन पर कोई भी आवेदक अपने आवेदन को ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकता है। जिस पर विभाग द्वारा पहले की तरह नियमानुसार कार्रवाई, जांच एवं आख्या ऑनलाइन ही प्रस्तुत की जाएगी और सक्षम अधिकारी द्वारा प्रकरण का निस्तारण किया जाएगा। एनआईसी ने एप्लीकेशन में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर बनाया गया है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर को अपने अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के यूजर बनाने हैं। ताकि, वह वेब एप्लीकेशन पर कार्य संपादित कर सकें। एसडीएम ने बताया कि वेबसाइट पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं सब रजिस्ट्रार की यूजर आईडी बनाई जा रही है। बताया कि एक जुलाई से ऑनलाइन आवेदन भी शुरु होने की उम्मीद है।
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