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Udham Singh Nagar News: रुद्रपुर कॉलेज में 200 विद्यार्थियों को पढ़ाने को एक सिर्फ प्राध्यापक
Fri, 09 Jun 2023 12:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:01 AM IST
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यूजीसी के मानकों से बेहद कम नियुक्त हैं प्राध्यापक
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। एसबीएस पीजी काॅलेज में यूजीसी के मानकों के अनुरूप प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रति 200 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक प्राध्यापक पर है। इससे जहां पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही हैं, वहीं कॉलेज के परीक्षाफल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
रुद्रपुर कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या करीब 7400 है लेकिन वर्तमान में 37 प्राध्यापक ही कॉलेज में तैनात हैं। प्राध्यापकों के मात्र 46 पद ही सृजित हैं। यह पद वर्ष 1974 में रुद्रपुर डिग्री कॉलेज की स्थापना के समय से चले आ रहे हैं, लेकिन उस समय कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी। वर्तमान कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विषय भी अधिक हो गए हैं, लेकिन प्राध्यापकों की संख्या वही है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से पदों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। रुद्रपुर कॉलेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. मनोज पांडेय बताते हैं कि यूजीसी के मानकों के अनुसार कॉलेज में प्रति 30 विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके अलावा जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती हैं, उनमें प्रति विषय 20 प्राध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कॉलेज की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री रचित सिंह कहते हैं कि रुद्रपुर कॉलेज में काफी समय से प्राध्यापकों की कमी है। इस वर्ष कॉलेज का स्नातक प्रथम सेमेस्टर का परीक्षाफल बेहद कम आया था। कॉलेजों प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय को ज्ञापन भेजा जा चुका है, जहां से प्राध्यापकों की नियुक्ति का आश्वासन मिला है।
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रुद्रपुर। एसबीएस पीजी काॅलेज में यूजीसी के मानकों के अनुरूप प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रति 200 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक प्राध्यापक पर है। इससे जहां पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही हैं, वहीं कॉलेज के परीक्षाफल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
रुद्रपुर कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या करीब 7400 है लेकिन वर्तमान में 37 प्राध्यापक ही कॉलेज में तैनात हैं। प्राध्यापकों के मात्र 46 पद ही सृजित हैं। यह पद वर्ष 1974 में रुद्रपुर डिग्री कॉलेज की स्थापना के समय से चले आ रहे हैं, लेकिन उस समय कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम थी। वर्तमान कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विषय भी अधिक हो गए हैं, लेकिन प्राध्यापकों की संख्या वही है।
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कॉलेज प्रशासन की ओर से पदों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है। रुद्रपुर कॉलेज के परीक्षा प्रभारी डॉ. मनोज पांडेय बताते हैं कि यूजीसी के मानकों के अनुसार कॉलेज में प्रति 30 विद्यार्थियों पर एक प्राध्यापक की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके अलावा जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती हैं, उनमें प्रति विषय 20 प्राध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण कॉलेज की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री रचित सिंह कहते हैं कि रुद्रपुर कॉलेज में काफी समय से प्राध्यापकों की कमी है। इस वर्ष कॉलेज का स्नातक प्रथम सेमेस्टर का परीक्षाफल बेहद कम आया था। कॉलेजों प्राध्यापकों की नियुक्ति को लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय को ज्ञापन भेजा जा चुका है, जहां से प्राध्यापकों की नियुक्ति का आश्वासन मिला है।
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