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अब डबल लॉक के दस्तावेज हटाएंगे एनएच घोटाले से पर्दा
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Mon, 24 Jul 2017 10:52 PM IST
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रुद्रपुर ट्रेजरी में डबल लॉक के दस्तावेज स्कैन कराती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बहुचर्चित एनएच घोटाले से संबंधित दस्तावेज के डबल लॉक से निकालने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। शासन से मिली अनुमति के बाद सोमवार को तीन सदस्यीय टीम ने डबल लॉक में बंद दस्तावेजों को स्कैन करना शुरू कर दिया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि 40 पेटियों में बंद पड़े रिकार्ड को दोनों विभागों की डिमांड के हिसाब से छांटकर स्कैन करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
बता दें कि एक मार्च को तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में एनएच चौड़ीकरण के मामले में 118 करोड़ का घोटाला होने की पुष्टि की थी। नौ मार्च को कमिश्नर की अध्यक्षता सचिव, राजस्व, एडीएम और पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर की कमेटी को मामले की जांच सौंपी गई। उसके बाद 11 मार्च को डीएम के आदेश पर पंतनगर की सिडकुल चौकी में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद ही पुलिस विभाग को मामले की जांच मिलने के बाद तत्कालीन एसएसपी सेंथिल अबुदई केएस ने चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।
इसी दौरान घोटाले से जुड़े कुछ दस्तावज गायब करने की सूचना मिलने पर 22 मार्च को कमिश्नर ने एसएलओ आफिस से सभी फाइलें मंगाकर कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखवाईं। इस बीच एसआईटी ने मामले अ की जांच करते हुए 122 लोगों को नोटिस भेजे जिनमें 65 से अधिक लोगों से एसआईटी ने पूछताछ कर आवश्यक दस्तावेज भी जुटाये।
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अब शासन के आदेश पर सोमवार को दस्तावेज निकालने की लिए बनाई गई तीन सदस्यीय टीम के एसएलओ एनएस नबियाल, सीओ महेश बिंजोल और सहायक कोषागार अधिकारी बालकृष्ण उप्रेती की मौजूदगी में डबल लॉक की एक पेटी में से दस्तावेज निकालकर उन्हें स्कैन कराया।
सुबह 12 बजे से शाम करीब 8 बजे तक चली प्रक्रिया में टीम ने एक पेटी में बंद पड़ी करीब 30 फाइलों को स्कैन किया। इन दस्तावेजों में तहसील, चकबंदी और एसएलओ कार्यालय से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। दस्तावेजों की स्केनिंग पूरी होने पर इन्हें राजस्व विभाग और एसआईटी टीम की डिमांड के हिसाब से उन्हें दिया जाएगा, जबकि मूल दस्तावेज डबल लॉक में ही सुरक्षित रहेंगे।
सोमवार को ट्रेजरी के डबल लॉक में रखी एक पेटी के रिकार्ड को स्कैन कराया गया। अब स्कैन किये गये रिकार्ड में से राजस्व विभाग और एसआईटी की डिमांड के हिसाब से उन्हें रिकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। 40 पेटियों में बंद रिकार्ड को स्कैन करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
-एनएस नबियाल, एसएलओ ऊधमसिंह नगर
एसआईटी ने मामले में दर्ज वाद संख्या के हिसाब से दस्तावेज मांगे हैं। सोमवार से शुरु हुई रिकार्ड की स्कैनिंग में जैसे-जैसे एसआईटी की जरूरत के दस्तावेज स्कैन होंगे, एसआईटी उन्हें प्राप्त करती रहेगी।
-डा. सदानंद, दाते एसएसपी।
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बता दें कि एक मार्च को तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में एनएच चौड़ीकरण के मामले में 118 करोड़ का घोटाला होने की पुष्टि की थी। नौ मार्च को कमिश्नर की अध्यक्षता सचिव, राजस्व, एडीएम और पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर की कमेटी को मामले की जांच सौंपी गई। उसके बाद 11 मार्च को डीएम के आदेश पर पंतनगर की सिडकुल चौकी में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद ही पुलिस विभाग को मामले की जांच मिलने के बाद तत्कालीन एसएसपी सेंथिल अबुदई केएस ने चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया।
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इसी दौरान घोटाले से जुड़े कुछ दस्तावज गायब करने की सूचना मिलने पर 22 मार्च को कमिश्नर ने एसएलओ आफिस से सभी फाइलें मंगाकर कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखवाईं। इस बीच एसआईटी ने मामले अ की जांच करते हुए 122 लोगों को नोटिस भेजे जिनमें 65 से अधिक लोगों से एसआईटी ने पूछताछ कर आवश्यक दस्तावेज भी जुटाये।
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अब शासन के आदेश पर सोमवार को दस्तावेज निकालने की लिए बनाई गई तीन सदस्यीय टीम के एसएलओ एनएस नबियाल, सीओ महेश बिंजोल और सहायक कोषागार अधिकारी बालकृष्ण उप्रेती की मौजूदगी में डबल लॉक की एक पेटी में से दस्तावेज निकालकर उन्हें स्कैन कराया।
सुबह 12 बजे से शाम करीब 8 बजे तक चली प्रक्रिया में टीम ने एक पेटी में बंद पड़ी करीब 30 फाइलों को स्कैन किया। इन दस्तावेजों में तहसील, चकबंदी और एसएलओ कार्यालय से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। दस्तावेजों की स्केनिंग पूरी होने पर इन्हें राजस्व विभाग और एसआईटी टीम की डिमांड के हिसाब से उन्हें दिया जाएगा, जबकि मूल दस्तावेज डबल लॉक में ही सुरक्षित रहेंगे।
सोमवार को ट्रेजरी के डबल लॉक में रखी एक पेटी के रिकार्ड को स्कैन कराया गया। अब स्कैन किये गये रिकार्ड में से राजस्व विभाग और एसआईटी की डिमांड के हिसाब से उन्हें रिकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। 40 पेटियों में बंद रिकार्ड को स्कैन करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
-एनएस नबियाल, एसएलओ ऊधमसिंह नगर
एसआईटी ने मामले में दर्ज वाद संख्या के हिसाब से दस्तावेज मांगे हैं। सोमवार से शुरु हुई रिकार्ड की स्कैनिंग में जैसे-जैसे एसआईटी की जरूरत के दस्तावेज स्कैन होंगे, एसआईटी उन्हें प्राप्त करती रहेगी।
-डा. सदानंद, दाते एसएसपी।