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अब आपदा प्रबंधन पर शोध करेंगे प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के छात्र
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पंतनगर में एमओयू के दौरान कुलपति डॉ. तेज प्रताप सिंह, अधिष्ठाता अलकनंदा अशोक व उत्तराखंड आपदा प्र
- फोटो : RUDRAPUR
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पंतनगर। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रौद्योगिक महाविद्यालय के सहयोग से पंतनगर विवि परिसर में अपनी तकनीकी प्रदर्शन इकाई स्थापित करेगा। यहां पर आपदा प्रबंधन संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देने समेत नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पंतनगर विवि में नवीन उपकरणों युक्त प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के नेतृत्व में राष्ट्रीय भूकंपीय जोखिम शमन कार्यक्रम के तहत देश में स्थापित किए जाने वाले क्षेत्रीय स्तर के दो तकनीकी प्रदर्शन इकाई केंद्रों में एक केंद्र पंतनगर विवि में स्थापित किए जाने के लिए प्रौद्योगिक महाविद्यालय और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच शुक्रवार को करार किया गया।
कुलपति डॉ. तेज प्रताप और सीजीएम फार्म की मौजूदगी में एमओयू पर महाविद्यालय की ओर से अधिष्ठात्री डॉ. अलकनंदा अशोक एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सविन बंसल ने हस्ताक्षर किए।
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इसमें बनने वाली प्रयोगशालाओं और उनमें उपलब्ध नवीन तकनीकी उपकरणों से प्रौद्योगिक महाविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग व कंप्यूटर इंजीनियरिंग सहित अन्य ब्रांचों के एमटेक और पीएचीडी के छात्र भूकंपरोधी भवनों के निर्माण के लिए नए मॉडल तैयार कर सकेंगे।
इससे भूकंप की पूर्व चेतावनी तकनीक आदि पर शोध की नई संभावनाएं खुलेंगी। प्रौद्योगिक महाविद्यालय राज्य सरकार की इकाइयों के साथ समन्वय बनाकर राज्य की पारिस्थितिकी और भूकंप संवेदनशीलता के लिए शोध व तकनीकों के विकास में अपना सहयोग प्रदान करेगा। इसके अलावा, बीटेक के छात्रों को भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी नवीन तकनीकों का ज्ञान हो सकेगा। इस एमओयू के लिए अधिष्ठात्री प्रौद्योगिक महाविद्यालय डॉ. अलकनंदा अशोक के दिशा- निर्देशन में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजीव सुमन का प्रयास सफल रहा। वहां पर सीजीएम फार्म डॉ. डीके सिंह, प्रौद्योगिक महाविद्यालय की ओर से डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. संजीव सुमन, डॉ. संजय माथुर, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. संदीप गुप्ता, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन की ओर से असिस्टेंट कंसलटेंट शैलेश घिल्डियाल, असिटेंट स्टेट कॉर्डिनेटर प्रमोद शर्मा मौजूद थे।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के नेतृत्व में राष्ट्रीय भूकंपीय जोखिम शमन कार्यक्रम के तहत देश में स्थापित किए जाने वाले क्षेत्रीय स्तर के दो तकनीकी प्रदर्शन इकाई केंद्रों में एक केंद्र पंतनगर विवि में स्थापित किए जाने के लिए प्रौद्योगिक महाविद्यालय और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच शुक्रवार को करार किया गया।
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कुलपति डॉ. तेज प्रताप और सीजीएम फार्म की मौजूदगी में एमओयू पर महाविद्यालय की ओर से अधिष्ठात्री डॉ. अलकनंदा अशोक एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सविन बंसल ने हस्ताक्षर किए।
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इसमें बनने वाली प्रयोगशालाओं और उनमें उपलब्ध नवीन तकनीकी उपकरणों से प्रौद्योगिक महाविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग व कंप्यूटर इंजीनियरिंग सहित अन्य ब्रांचों के एमटेक और पीएचीडी के छात्र भूकंपरोधी भवनों के निर्माण के लिए नए मॉडल तैयार कर सकेंगे।
इससे भूकंप की पूर्व चेतावनी तकनीक आदि पर शोध की नई संभावनाएं खुलेंगी। प्रौद्योगिक महाविद्यालय राज्य सरकार की इकाइयों के साथ समन्वय बनाकर राज्य की पारिस्थितिकी और भूकंप संवेदनशीलता के लिए शोध व तकनीकों के विकास में अपना सहयोग प्रदान करेगा। इसके अलावा, बीटेक के छात्रों को भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी नवीन तकनीकों का ज्ञान हो सकेगा। इस एमओयू के लिए अधिष्ठात्री प्रौद्योगिक महाविद्यालय डॉ. अलकनंदा अशोक के दिशा- निर्देशन में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजीव सुमन का प्रयास सफल रहा। वहां पर सीजीएम फार्म डॉ. डीके सिंह, प्रौद्योगिक महाविद्यालय की ओर से डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. संजीव सुमन, डॉ. संजय माथुर, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. संदीप गुप्ता, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन की ओर से असिस्टेंट कंसलटेंट शैलेश घिल्डियाल, असिटेंट स्टेट कॉर्डिनेटर प्रमोद शर्मा मौजूद थे।