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Udham Singh Nagar News: अब मनरेगा में फर्जीवाड़ा आसान नहीं, जियो टैगिंग से लगेगा अंकुश
Mon, 06 Oct 2025 01:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 06 Oct 2025 01:48 AM IST
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रुद्रपुर। अब मनरेगा में फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ने जियो टैगिंग के माध्यम से इस पर अंकुश लगाया है। अब 100 मीटर से अधिक लंबे कार्य पर अक्षांश-देशांतर के साथ 12 बार जियो टैग किया जाएगा।
मनरेगा में अभी तक स्वीकृत कार्य के शुरू होने से पहले, कार्य के शुरू होने के बाद और कार्य की समाप्ति पर जियो टैग का प्रावधान था। इसमें एक ही कार्य का अक्षांश और देशांतर बदल कर जियो टैग कर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जाता था पर अब ऐसा नहीं होगा।
अब अगर कार्य 100 मीटर से अधिक है तो उसका चार भागों में जियो टैगिंग होगा। जैसे कार्य शुरू होने से पहले वाली जीयो टैग में उस काम के चार भाग में टैगिंग की जाएगी। इसी तरह कार्य शुरू होने के बाद और कार्य खत्म के बाद भी। यानि अब कुल मिलाकर 12 बार एक कार्य का जियो टैग किया जाएगा। यदि कार्य 100 मीटर से कम है तो दो भाग में जियो टैग का प्रावधान किया गया है।
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व्यक्तिगत कार्य : मनरेगा के तहत होने वाले व्यक्तिगत कार्य खाद गड्ढ़ा आदि का केवल एक ही जियो टैगिंग होगा।
पंक्ति के कार्य : लाइनर यानि पंक्ति के कार्य जैसे सड़क, नाली, रोड साइड पौधरोपण आदि के कार्य अगर 100 मीटर से अधिक है तो इस एक कार्य का काम शुरू होने से पहले, काम होने के समय और काम होने के बाद चार-चार भागों में जियो टैग किया जाएगा।
बहुभुज वाले कार्य : पॉलिगन यानि बहुभुज वाले कार्य जैसे तालाब निर्माण, खोदाई, सार्वजनिक जगह पर वृहद पौधरोपण आदि कार्य का कुल आकार अगर 100 मीटर से अधिक है तो इसका भी चार-चार भागों में जियो टैग होगा।
कोट
- मनरेगा के जियो टैगिंग की नई प्रक्रिया से सभी खंड विकास अधिकारियों को अवगत करा दिया है। अब सभी कार्यों की नई विधा से ही जियो टैग किया जाएगा और जिलास्तर से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन होगा। - सुशील मोहन डोभाल, डीडीओ
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मनरेगा में अभी तक स्वीकृत कार्य के शुरू होने से पहले, कार्य के शुरू होने के बाद और कार्य की समाप्ति पर जियो टैग का प्रावधान था। इसमें एक ही कार्य का अक्षांश और देशांतर बदल कर जियो टैग कर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जाता था पर अब ऐसा नहीं होगा।
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अब अगर कार्य 100 मीटर से अधिक है तो उसका चार भागों में जियो टैगिंग होगा। जैसे कार्य शुरू होने से पहले वाली जीयो टैग में उस काम के चार भाग में टैगिंग की जाएगी। इसी तरह कार्य शुरू होने के बाद और कार्य खत्म के बाद भी। यानि अब कुल मिलाकर 12 बार एक कार्य का जियो टैग किया जाएगा। यदि कार्य 100 मीटर से कम है तो दो भाग में जियो टैग का प्रावधान किया गया है।
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व्यक्तिगत कार्य : मनरेगा के तहत होने वाले व्यक्तिगत कार्य खाद गड्ढ़ा आदि का केवल एक ही जियो टैगिंग होगा।
पंक्ति के कार्य : लाइनर यानि पंक्ति के कार्य जैसे सड़क, नाली, रोड साइड पौधरोपण आदि के कार्य अगर 100 मीटर से अधिक है तो इस एक कार्य का काम शुरू होने से पहले, काम होने के समय और काम होने के बाद चार-चार भागों में जियो टैग किया जाएगा।
बहुभुज वाले कार्य : पॉलिगन यानि बहुभुज वाले कार्य जैसे तालाब निर्माण, खोदाई, सार्वजनिक जगह पर वृहद पौधरोपण आदि कार्य का कुल आकार अगर 100 मीटर से अधिक है तो इसका भी चार-चार भागों में जियो टैग होगा।
कोट
- मनरेगा के जियो टैगिंग की नई प्रक्रिया से सभी खंड विकास अधिकारियों को अवगत करा दिया है। अब सभी कार्यों की नई विधा से ही जियो टैग किया जाएगा और जिलास्तर से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन होगा। - सुशील मोहन डोभाल, डीडीओ