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Udham Singh Nagar News: अब मुगलों की क्रूरता के किस्से पढ़ेंगे बच्चे
Thu, 01 Jan 2026 01:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 01 Jan 2026 01:03 AM IST
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रुद्रपुर। नए सत्र की किताबों में विद्यार्थी मुगलों की क्रूरता के किस्से पढ़ेंगे। नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत पाठ्यपुस्तकों में औरंगजेब और बाबर जैसे शासकों को मंदिर और गुरुद्वारों को नष्ट करने वाला बताया गया है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकों में मुगल शासक बाबर, अकबर और औरंगजेब को एक क्रूर और निर्दयी शासक के रूप में चित्रित किया है। उन्होंने भारतीय जनता को लूटने के साथ ही उनकी परंपरा और आस्था को कुचलकर तमिलनाडु के श्रीरंगम मंदिर सहित कई मंदिरों व गुरुद्वारों को विध्वंस करने का काम किया।
पुरानी पाठ्यपुस्तकों में मुगल काल से संबंधित अध्यायों में बाबर, अकबर और औरंगजेब जैसे शासकों का इतने विस्तार से वर्णन नहीं किया गया था। एनसीईआरटी ने नई शिक्षा नीति एनईपी 2020 के तहत नई पाठ्यपुस्तकों में मुगलों की क्रूरता का वर्णन तो किया है। साथ ही यह भी कहा है कि अतीत के लिए किसी को भी वर्तमान में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। नई पाठ्यपुस्तकों में धार्मिक असहिष्णुता के कई उदाहरणों की ओर भी इशारा किया गया है।
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सिखों का उदय भी
नई पाठ्यपुस्तकों में 13वीं शताब्दी से लेकर 17वीं शताब्दी तक के इतिहास में दिल्ली सल्तनत और मुगलों के उत्थान और पतन के साथ ही सिख साम्राज्य के उदय का वर्णन भी मिलेगा।
एक अध्याय चेतावनी का -
इतिहास के कुछ अंधकारमय कालखंड़ों पर टिप्पणी के अतिरिक्त एक अध्याय में एक चेतावनी भी जोड़ी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अतीत की घटनाओं के लिए आज किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए जिससे इतिहास के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण अपनाने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक सीखे जा सकें।
कोट-
अकबर के दरबारी और इतिहासकार अबुल फजल ने भी अकबरनामा में स्वीकार किया था कि जवानी में अकबर क्रूर था। नई शिक्षा नीति अकबर या औरंगजेब को खलनायक नहीं बना रही है लेकिन इतिहास के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण हम सबकी जिम्मेदारी है। - दयाशंकर पांडे, प्रधानाचार्य, एएनझा इंटर कॉलेज
- नई शिक्षा नीति के तहत बदले पाठ्यक्रम की पुस्तकें बच्चों को नए सत्र में ही मिल पाएंगी। हालांकि इस बार सरकारी स्कूलों में सत्र के शुरू होते ही बच्चों को पुस्तकें मिल जाएं इसके लिए विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। - केएस रावत, सीईओ
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तकों में मुगल शासक बाबर, अकबर और औरंगजेब को एक क्रूर और निर्दयी शासक के रूप में चित्रित किया है। उन्होंने भारतीय जनता को लूटने के साथ ही उनकी परंपरा और आस्था को कुचलकर तमिलनाडु के श्रीरंगम मंदिर सहित कई मंदिरों व गुरुद्वारों को विध्वंस करने का काम किया।
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पुरानी पाठ्यपुस्तकों में मुगल काल से संबंधित अध्यायों में बाबर, अकबर और औरंगजेब जैसे शासकों का इतने विस्तार से वर्णन नहीं किया गया था। एनसीईआरटी ने नई शिक्षा नीति एनईपी 2020 के तहत नई पाठ्यपुस्तकों में मुगलों की क्रूरता का वर्णन तो किया है। साथ ही यह भी कहा है कि अतीत के लिए किसी को भी वर्तमान में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। नई पाठ्यपुस्तकों में धार्मिक असहिष्णुता के कई उदाहरणों की ओर भी इशारा किया गया है।
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सिखों का उदय भी
नई पाठ्यपुस्तकों में 13वीं शताब्दी से लेकर 17वीं शताब्दी तक के इतिहास में दिल्ली सल्तनत और मुगलों के उत्थान और पतन के साथ ही सिख साम्राज्य के उदय का वर्णन भी मिलेगा।
एक अध्याय चेतावनी का -
इतिहास के कुछ अंधकारमय कालखंड़ों पर टिप्पणी के अतिरिक्त एक अध्याय में एक चेतावनी भी जोड़ी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अतीत की घटनाओं के लिए आज किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए जिससे इतिहास के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण अपनाने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सबक सीखे जा सकें।
कोट-
अकबर के दरबारी और इतिहासकार अबुल फजल ने भी अकबरनामा में स्वीकार किया था कि जवानी में अकबर क्रूर था। नई शिक्षा नीति अकबर या औरंगजेब को खलनायक नहीं बना रही है लेकिन इतिहास के प्रति ईमानदार दृष्टिकोण हम सबकी जिम्मेदारी है। - दयाशंकर पांडे, प्रधानाचार्य, एएनझा इंटर कॉलेज
- नई शिक्षा नीति के तहत बदले पाठ्यक्रम की पुस्तकें बच्चों को नए सत्र में ही मिल पाएंगी। हालांकि इस बार सरकारी स्कूलों में सत्र के शुरू होते ही बच्चों को पुस्तकें मिल जाएं इसके लिए विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। - केएस रावत, सीईओ