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Udham Singh Nagar News: अमानगढ़ रेंज के 152 वन गुर्जरों को नोटिस जारी
Tue, 20 Feb 2024 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 20 Feb 2024 11:17 PM IST
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जसपुर। प्रदेश की सीमा से सटी अमानगढ़ वन रेंज में रहने वाले वन गूजरों को वन विभाग ने नोटिस जारी कर उनसे रेंज में अध्यासन के संबंध में आवश्यक वैध अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। वैध कागजात नहीं दिखाने पर विभाग बेदखली की कार्रवाई कर सकता है।
कार्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन अमानगढ़ रेंज वर्ष 2012 में बाघ आरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया गया था। अमानगढ़ वन क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय कश्मीर से अविभाजित कई परिवार मवेशियों को लेकर अमानगढ़ आकर बस गए थे जिन्हें स्थानीय भाषा में वन गूजर कहा जाने लगा।
200 से अधिक हैं वन गूजर परिवार
जसपुर। अमानगढ़ रेंज के कंपार्टमेंट कोठीरो, नबीगढ़, ढ़ेरी, मकौनिया, खत्ता, केहरीपुर बीट में करीब 200 से अधिक वन गूजरों के परिवार रहते हैं जो पशुपालन पर ही निर्भर हैं। वन गूजरों का कहना हैं कि विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट हो जाएगा। उधर वन अधिकारियों ने बताया कि वन गूजरों से अध्यासन के संबंध में अभिलेख जमा करने के बाद उनके अभिलेख डीएम बिजनौर (यूपी) को भेजा जाएगा। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 150 वन गूजरों को नोटिस देकर उन्हें कागजात जैसे परमिट, चराई रसीद आदि अभिलेख लेकर डीएफओ कार्यालय बिजनौर में उपस्थित होने को कहा गया जिनकी जांच की जाएगी। - खुशबू उपाध्याय, क्षेत्रीय वनाधिकारी अमानगढ़।
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कार्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन अमानगढ़ रेंज वर्ष 2012 में बाघ आरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया गया था। अमानगढ़ वन क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय कश्मीर से अविभाजित कई परिवार मवेशियों को लेकर अमानगढ़ आकर बस गए थे जिन्हें स्थानीय भाषा में वन गूजर कहा जाने लगा।
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200 से अधिक हैं वन गूजर परिवार
जसपुर। अमानगढ़ रेंज के कंपार्टमेंट कोठीरो, नबीगढ़, ढ़ेरी, मकौनिया, खत्ता, केहरीपुर बीट में करीब 200 से अधिक वन गूजरों के परिवार रहते हैं जो पशुपालन पर ही निर्भर हैं। वन गूजरों का कहना हैं कि विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट हो जाएगा। उधर वन अधिकारियों ने बताया कि वन गूजरों से अध्यासन के संबंध में अभिलेख जमा करने के बाद उनके अभिलेख डीएम बिजनौर (यूपी) को भेजा जाएगा। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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करीब 150 वन गूजरों को नोटिस देकर उन्हें कागजात जैसे परमिट, चराई रसीद आदि अभिलेख लेकर डीएफओ कार्यालय बिजनौर में उपस्थित होने को कहा गया जिनकी जांच की जाएगी। - खुशबू उपाध्याय, क्षेत्रीय वनाधिकारी अमानगढ़।