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Udham Singh Nagar News: पंतनगर विवि के लीजधारकाें के धान को क्रय केंद्रों में खरीदने पर रोक

Mon, 16 Oct 2023 12:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 16 Oct 2023 12:05 PM IST
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No Paddy Procurement to Lease Holders
पांच दिन से क्रय केंद्र पर पड़ा धान वापस ले जा रहे लीजधारक
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रुद्रपुर। जिले में धान खरीद पटरी पर आना शुरू हो गई है, वहीं एडीएम/धान खरीद के नोडल अधिकारी के आदेश ने पंतनगर विवि की जमीन लीजपर लेकर धान उगाने वाले लीजधारकों के माथे पर बल ला दिया है। नोडल अधिकारी ने धान खरीद के बीच में क्रय केंद्रों को उनकी अनुमति के बिना लीजधारकों का धान नहीं खरीदने का आदेश जारी कर दिया। जब दो लीजधारक धान लेकर क्रय केंद्र पहुंचे तो प्रभारी ने बिना एडीएम की अनुमति लेने से हाथ खड़े कर दिए। लीजधारकों ने केंद्र परिसर में धान रखकर अनुमति के लिए आवेदन किया लेकिन चार दिन बाद भी अनुमति नहीं मिलने पर निराश होकर उन्होंने केंद्र से धान उठाना शुरू कर दिया है।
पंतनगर की 5400 एकड़ जमीन में से करीब 4500 एकड़ को विवि फार्म की ओर से लीज पर खेती करने के लिए दी जाती है। लीजधारकों और विवि फार्म का धान क्रय करने के लिए पिछले चार सालों से बेनी और हल्दी में यूसीएफ का केंद्र खोला जाता। विवि फार्म के सीजीएम की मंजूरी और फसल प्रमाणित करने के बाद लीजधारक दस्तावेजों को क्रय केंद्र पर दिखाकर धान बेचते हैं लेकिन धान खरीद शुरू होने के बाद जब लीजधारक धान बेचने बेनी क्रय केंद्र पहुंचे तो उनको एडीएम की अनुमति लाने को कहा गया।
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लीजधारक गुरदेव सिंह ने सात से नौ अक्तूबर तक केंद्र पर 13 ट्राली और विक्रमजीत सिंह ने दस अक्तूबर को दो ट्राली धान क्रय केंद्र पर उतार दिए थे। दोनों लीजधारकों का कहना है कि उन्होंने 11 अक्तूबर को एडीएम कार्यालय में अनुमति के लिए आवेदन दिया था और उनको किच्छा तहसील से जांच कराने के बाद अनुमति देनी की बात कही गई थी। खेतों में धान की फसल पकी है और केंद्रों पर धान पहुंच रहा है।
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रविवार तक अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने अपना धान केंद्र से उठाना शुरू कर दिया है और उसे शहर में ले जाकर बेचेंगे। कहा कि इतने सालों से वे क्रय केंद्र पर धान बेच रहे थे, लेकिन पहली बार उनको अनुमति के नाम पर इंतजार कराया जा रहा है। वे लीज पर खेती के साथ ही क्षेत्र के किसान हैं। ऐसी स्थिति में जो धान सरकारी खरीद में होना चाहिए वे आढ़तियों के पास ही जाएगा। कहा कि ऐसी कौन सी जांच है जो चार दिन भी नहीं हो सकी है। वे कोई बाहरी या अपराधी नहीं है बल्कि किसान हैं।
कोट:
लीजधारक का मामला धान खरीद की समीक्षा बैठक की चर्चा में आया था। एडीएम जो धान क्रय के नोडल अधिकारी भी हैं, इस मामले को देख रहे हैं। एडीएम को बोला है कि इस मामले को देख लें और किसी को कोई दिक्कत न हो। सोमवार को स्पष्ट हो जाएगा कि धान खरीदा जाएगा या नहीं। एडीएम की रिपोर्ट पर निर्णय लिया जाएगा। -उदयराज सिंह, डीएम
डीएम करें मामले में हस्तक्षेप, सीएम से करेंगे बात : बेहड़
रुद्रपुर। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा है कि पंतनगर विवि की किसानों को बुलाकर खेती के लिए लीज पर जमीन देती है। लीज लेने वाले लोग विवि को लीज शुल्क का भुगतान करते हैं। अगर लीजधारकों का धान क्रय केंद्रों पर नहीं बिकना है तो सरकार को जमीन को लीज पर देना बंद कर देना चाहिए। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए अनुमति का आदेश धान क्रय नोडल अधिकारी की मनमानी है। डीएम को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। एक तरफ भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने का दावा करती है, दूसरी तरफ किसानों को परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। किसानों की समस्या नहीं सुलझी तो आगामी चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
बड़ा सवाल: धान खरीद से पहले क्यों नहीं लिया गया निर्णय
रुद्रपुर। जिला प्रशासन की ओर से धान खरीद शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं को लेकर तमाम बैठकें की जाती है। लेकिन धान खरीद शुरू होने के बाद तमाम अव्यवस्थाओं से किसानों को दोचार होना पड़ता है। लीजधारकों के मामले में भी अगर प्रशासन को कोई शंका थी तो खरीद शुरू होने पर ही स्पष्ट आदेश जारी कर देना चाहिए था। लेकिन अब धान खरीद के 15 दिन बीत चुके हैं और धान लेकर पहुंचे लीजधारकों को अनुमति के नाम पर अधर पर छोड़ दिया गया है। जिला प्रशासन अब तक इस संबंध में फैसला नहीं कर सका है। संवाद

किसानों के उत्पीड़न पर चुप नहीं बैठेंगे: विर्क

रुद्रपुर। तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा है कि लीजधारकों का धान क्रय केंद्रों में नहीं लेना किसानों के साथ धोखा है। अगर लीजधारकों का धान नहीं लेना था तो सरकार को खरीद नीति में स्पष्ट करना चाहिए था। कहना है कि अधिकांश लीजधारक किसान हैं। अगले साल से पंतनगर विवि भी लीज पर जमीन देना बंद कर दे या फिर लीजधारकों से किसान होने का प्रमाणपत्र ले लें। कहा कि पंतनगर के दो क्रय केंद्राें पर कईं सालों से लीजधारकों का धान बिकता रहा है। कहा कि यह मामला सीधे सरकार की असफलता दर्शाता है। किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इस मामले में मुख्य सचिव को पत्र लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर वार्ता की जाएगी। इस मामले को लेकर किसान चुप नहीं रहेंगे। संवाद
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