फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   No Doctor At Sitarganj ESI

डॉक्टर के बिना चल रहा सितारगंज का ईएसआई अस्पताल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 12:27 AM IST
विज्ञापन
No Doctor At Sitarganj ESI
सितारगंज में बंद पड़ा ईएसआई के चिकित्साधिकारी का कार्यालय और इलाज कराने को जमा मरीजों की भीड़। - फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। औद्योगिक आस्थान सिडकुल और अन्य फैक्ट्रियों में कार्यरत कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए चल रहा ईएसआई अस्पताल डॉक्टर विहीन है। अस्पताल के दो डॉक्टरों के पदों पर सालों से स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई। विभाग ने नाममात्र के लिए संविदा पर एक डॉक्टर की नियुक्ति की है। वो भी छुट्टी पर गए हुए हैं। उनकी गैरहाजिरी में चीफ फार्मेसिस्ट ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
विज्ञापन

2014 में सिडकुल से सटे गांव सिद्ध गर्ब्यांग में किराए के भवन में ईएसआई अस्पताल खोला गया। तत्कालीन श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने अस्पताल का शुभारंभ किया था। वर्तमान में अस्पताल में करीब 5000 श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से प्रतिदिन 50 से 100 मरीजों तक की ओपीडी होती है। विभाग के अनुसार स्थापना के बाद दो से तीन साल तक तो नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति होती रही। उसके बाद अस्पताल में सिर्फ संविदा पर एक ही डॉक्टर को नियुक्त किया गया है। जबकि एक पद अभी भी खाली पड़ा है। उनके भी छुट्टी पर चले जाने से चीफ फार्मेसिस्ट पर ही ओपीडी में मरीजों का इलाज करने का जिम्मा रहता है। अस्पताल का भवन भी जर्जर है।
विज्ञापन

रेफरल सेंटर बन गया है ईएसआई अस्पताल
सितारगंज। ईएसआई अस्पताल में न तो एक्स-रे की सुविधा है और न ही खून व अन्य जांच होती हैं। अस्पताल में आने वाले श्रमिकों की महिलाओं के इलाज की भी कोई सुविधा नहीं है। संसाधनों की कमी के कारण अस्पताल में सिर्फ सदी, खांसी व जुकाम जैसे मामूली रोगों का ही इलाज किया जाता है। गंभीर रोगों पर ईएसआई से जुड़े बाहरी अस्पतालों को मरीज को रेफर कर दिया जाता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर में खुलना चाहिए ईएसआई का अस्पताल
सितारगंज। ईएसआई से जुड़े मरीजों ने नगर या फिर सिडकुल में ईएसआई अस्पताल खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिडकुल व नगर से दूर अस्पताल में परिवार का इलाज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर के स्वास्थ्य जांच का परामर्श देने पर जांच कराने के लिए भी नगर की पैथोलॉजी आना पड़ता है और फिर पैथोलॉजी से जांच रिपोर्ट लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। इससे भारी परेशानी होती है।

प्रदेश में डॉक्टरों की समस्या है। कई बार शासन को डॉक्टरों की नियुक्ति का अधियाचन भेजा। लेकिन स्थायी डॉक्टर नहीं मिल सके। संविदा पर एक डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। अस्पताल को नगर में स्थापित करने के लिए भी शासन से भूमि की मांग की जा रही है।
-डॉ. आकाशदीप सिंह, सीएमओ ईएसआई देहरादून।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed