Udham Singh Nagar: मौलाना ने किया आगाह, डीजे बजाया तो नहीं पढ़ेंगे कोई निकाह....बैठक में हुआ फैसला
डीजे की आवाज से बीमार, लाचार, बूढ़े और बच्चों को परेशानी होती है। इस्लाम इसकी अनुमति नहीं देता। मुस्लिम समाज के लोगों को शादी में फिजूल खर्च से बचना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए अब मुस्लिम समाज में निकाह के दौरान डीजे बजाने पर पाबंदी का प्रावधान किया गया है।
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मुस्लिम समाज में अब निकाह के दौरान डीजे बजाने पर पाबंदी का प्रावधान किया गया है। काजी शहर मुफ्ती मो. याकूब रजा सकाफी की अगुवाई में जामा मस्जिद के निकट मदरसे में आयोजित बैठक में तय किया गया कि जिस शादी में गैर शरअई (बेहूदा हरकतों) को अंजाम दिया गया तो उसका बहिष्कार किया जाएगा।
मो. याकूब रजा सकाफी ने बताया कि डीजे की आवाज से बीमार, लाचार, बूढ़े और बच्चों को परेशानी होती है। इस्लाम इसकी अनुमति नहीं देता। मुस्लिम समाज के लोगों को शादी में फिजूल खर्च से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि ढोल, बाजे, म्यूजिक, डांस पार्टी पर पाबंदी लगाने की चर्चा की गई है।
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फैसला लिया गया कि समाज के वरिष्ठ लोग ऐसे कार्य करने वालों का बहिष्कार करेंगे। आईमा ए किराम और मस्जिद के जिम्मेदार लोग निकाह में शिरकत नहीं करेंगे। वे निकाह भी न पढ़ेंगे और किसी को पढ़ने भी न देंगे। वहां पर सिरौलीकलां के मुफ्ती साजिद राज, नई बस्ती के मौलाना शमशाद अहमद, रजाबंडिया के हाफिज अख्तर, मौलाना नजीम इस्लाम, कारी शाहिद, हाफिज इश्तियाक,मौलाना इफ्तेखार, मौलाना शफीक आदि थे।