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बसगर क्षेत्र की नवनिर्वाचित बीडीसी की कैंसर से मौत
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मृतका स्मिता कौर। (फाइल फोटो)
- फोटो : SITARGANJ
शक्तिफार्म। बसगर सीट से नवनिर्वाचित बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) स्मिता कौर (29) की कैंसर की वजह से असमय मौत हो गई। इससे क्षेत्र और आसपास के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। स्मिता ने एक महीने पहले ही बीडीसी सदस्य का चुनाव जीता था। बीमारी के कारण वह शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंच सकी थीं।
ग्रामसभा बसगर की बीडीसी सीट से नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य स्मिता कौर पत्नी सेवा सिंह करीब तीन साल से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं। 15 दिन पहले तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे ऋषिकेश के एम्स अस्पताल और देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल ले गए थे। वहां तीन दिन भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया था।
करीब तीन साल पहले स्मिता को ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था। परिजन बरेली के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार न होने पर लखनऊ और दिल्ली में भी इलाज कराया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रविवार को एकाएक उनका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया और दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
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स्मिता की मौत की खबर सुनते ही उनके आवास पर क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा लग गया। शोक संतप्त परिजनों को जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सांत्वना दी। स्मिता अपने पीछे रोते बिलखते पति सेवा सिंह, बड़ी बेटी सिमरन कौर (9) एवं छोटी बेटी तन्वी कौर (6) को छोड़ गई हैं। मृतक स्मिता ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कमलेश कौर को 462 वोटों से पराजित किया था। स्मिता को 1167 और कमलेश कौर को 705 वोट मिले थे।
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ग्रामसभा बसगर की बीडीसी सीट से नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य स्मिता कौर पत्नी सेवा सिंह करीब तीन साल से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं। 15 दिन पहले तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे ऋषिकेश के एम्स अस्पताल और देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल ले गए थे। वहां तीन दिन भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया था।
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करीब तीन साल पहले स्मिता को ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था। परिजन बरेली के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार न होने पर लखनऊ और दिल्ली में भी इलाज कराया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रविवार को एकाएक उनका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया और दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
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स्मिता की मौत की खबर सुनते ही उनके आवास पर क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा लग गया। शोक संतप्त परिजनों को जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सांत्वना दी। स्मिता अपने पीछे रोते बिलखते पति सेवा सिंह, बड़ी बेटी सिमरन कौर (9) एवं छोटी बेटी तन्वी कौर (6) को छोड़ गई हैं। मृतक स्मिता ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कमलेश कौर को 462 वोटों से पराजित किया था। स्मिता को 1167 और कमलेश कौर को 705 वोट मिले थे।