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पूर्व आईएएस बने गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान
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नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. हरबंश सिंह चुघ। संवाद
- फोटो : SITARGANJ
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नानकमत्ता। उत्तर भारत के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंध कमेटी का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। पूर्व आईएएस डॉ. हरबंस सिंह चुघ प्रधान, अमरजीत सिंह महासचिव, कमलेश कौर उपाध्यक्ष और हरभजन सिंह सचिव चुने गए। निर्वाचन अधिकारी एडीएम जय भारत सिंह ने चारों निर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा की। इसके बाद नवनिर्वाचित प्रधान और अन्य पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा साहिब के हरमिंदर साहिब दरबार में मत्था टेका और अरदास की।
बुधवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के मीटिंग हाल में चुनाव अधिकारी एडीएम जयभारत सिंह ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कराई। डायरेक्टरों के एक पक्ष की ओर से अध्यक्ष पद पर डॉ. हरबंस सिंह चुघ, उपाध्यक्ष पद के लिए कमलेश कौर, महासचिव पद के लिए अमरजीत सिंह, सचिव पद के लिए हरभजन सिंह का नामांकन कराया गया, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से अध्यक्ष पद पर जोगेंदर सिंह, उपाध्यक्ष पद पर चरनजीत सिंह, महासचिव पद पर निर्मल सिंह और सचिव पद पर कुलदीप सिंह पन्नू का नामांकन कराया गया।
चुनाव के दौरान कुल 27 डायरेक्टरों में से 14 डायरेक्टरों ने प्रधान पद के उम्मीदवार गदरपुर निवासी पूर्व आईएएस डॉ. हरबंस सिंह चुघ, उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार शाहजहांपुर निवासी कमलेश कौर, महासचिव पद के उम्मीदवार नैनीताल जिले के हल्द्वानी निवासी अमरजीत सिंह एवं सचिव पद के उम्मीदवार घुसरी नानकमत्ता निवासी हरभजन सिंह का समर्थन किया, जबकि दूसरे पक्ष के पदाधिकारियों को सिर्फ 13 डायरेक्टरों का ही समर्थन मिला। इससे 14 डायरेक्टरों के समर्थन पर डॉ. हरबंस सिंह चुघ प्रधान, कमलेश कौर उपाध्यक्ष, अमरजीत सिंह महासचिव एवं हरभजन सिंह सचिव चुने गए। चुनाव अधिकारी ने 14-13 के अंतर से विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की।
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इसके बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा साहिब के हरमिंदर साहिब दरबार में मत्था टेका और अरदास की। गुरुद्वारा परिसर में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सरोंपा भेंट किया गया। नवनिर्वाचित प्रधान/अध्यक्ष डॉ. सिंह चुघ ने बताया कि उनके पक्ष के चारों पदाधिकारियों का समर्थन 27 डायरेक्टरों में 14 ने किया। उन्होंने चुनाव अधिकारी को शपथ पत्र भी सौंप दिए हैं, जबकि दूसरे पक्ष को 13 मत पड़े हैं। नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. चुघ ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के हित में मिलकर कार्य किया जाएगा।
निर्वाचन के दौरान प्रतिस्पर्धा हो जाती है। अब सब भुलाकर गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध को सामने रखकर मिलकर काम करना है। गुरुद्वारा साहिब का काम सेवा का काम है। सेवा भावना से सभी को काम करना है। निवर्तमान समिति ने जो सेवाएं दीं, उनके प्रति आभार जताते हैं। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन का भी आभार व्यक्त करते हैं।
-डॉ. हरबंस सिंह चुघ, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी, नानकमत्ता साहिब।
चुनाव प्रक्रिया को गलत बता दूसरे पक्ष ने दिया धरना
सितारगंज। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के चार पदों पर चुनाव परिणाम आने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने चुनाव प्रक्रिया के विरोध में गेट पर धरना दिया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की चुनाव प्रक्रिया को गलत बताते हुए दूसरे पक्ष के लोग समर्थकों के साथ गेट पर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया की गई है। डायरेक्टरों से मतदान कराने के बजाय हाथ उठवाए गए हैं, जबकि गुप्त वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने 29 मार्च को घोषित चुनाव तिथि बदल दी। उन्होंने नियमानुसार चुनाव कराने की मांग करते हुए धरना दिया, जो शाम करीब 5:30 बजे तक चला। इसके बाद सभी ने अगली रणनीति तय करने की बात कहते हुए धरना समाप्त कर दिया।
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बुधवार को गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के मीटिंग हाल में चुनाव अधिकारी एडीएम जयभारत सिंह ने चुनाव प्रक्रिया शुरू कराई। डायरेक्टरों के एक पक्ष की ओर से अध्यक्ष पद पर डॉ. हरबंस सिंह चुघ, उपाध्यक्ष पद के लिए कमलेश कौर, महासचिव पद के लिए अमरजीत सिंह, सचिव पद के लिए हरभजन सिंह का नामांकन कराया गया, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से अध्यक्ष पद पर जोगेंदर सिंह, उपाध्यक्ष पद पर चरनजीत सिंह, महासचिव पद पर निर्मल सिंह और सचिव पद पर कुलदीप सिंह पन्नू का नामांकन कराया गया।
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चुनाव के दौरान कुल 27 डायरेक्टरों में से 14 डायरेक्टरों ने प्रधान पद के उम्मीदवार गदरपुर निवासी पूर्व आईएएस डॉ. हरबंस सिंह चुघ, उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार शाहजहांपुर निवासी कमलेश कौर, महासचिव पद के उम्मीदवार नैनीताल जिले के हल्द्वानी निवासी अमरजीत सिंह एवं सचिव पद के उम्मीदवार घुसरी नानकमत्ता निवासी हरभजन सिंह का समर्थन किया, जबकि दूसरे पक्ष के पदाधिकारियों को सिर्फ 13 डायरेक्टरों का ही समर्थन मिला। इससे 14 डायरेक्टरों के समर्थन पर डॉ. हरबंस सिंह चुघ प्रधान, कमलेश कौर उपाध्यक्ष, अमरजीत सिंह महासचिव एवं हरभजन सिंह सचिव चुने गए। चुनाव अधिकारी ने 14-13 के अंतर से विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की।
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इसके बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा साहिब के हरमिंदर साहिब दरबार में मत्था टेका और अरदास की। गुरुद्वारा परिसर में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सरोंपा भेंट किया गया। नवनिर्वाचित प्रधान/अध्यक्ष डॉ. सिंह चुघ ने बताया कि उनके पक्ष के चारों पदाधिकारियों का समर्थन 27 डायरेक्टरों में 14 ने किया। उन्होंने चुनाव अधिकारी को शपथ पत्र भी सौंप दिए हैं, जबकि दूसरे पक्ष को 13 मत पड़े हैं। नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. चुघ ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के हित में मिलकर कार्य किया जाएगा।
निर्वाचन के दौरान प्रतिस्पर्धा हो जाती है। अब सब भुलाकर गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध को सामने रखकर मिलकर काम करना है। गुरुद्वारा साहिब का काम सेवा का काम है। सेवा भावना से सभी को काम करना है। निवर्तमान समिति ने जो सेवाएं दीं, उनके प्रति आभार जताते हैं। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन का भी आभार व्यक्त करते हैं।
-डॉ. हरबंस सिंह चुघ, नवनिर्वाचित अध्यक्ष, गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी, नानकमत्ता साहिब।
चुनाव प्रक्रिया को गलत बता दूसरे पक्ष ने दिया धरना
सितारगंज। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के चार पदों पर चुनाव परिणाम आने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने चुनाव प्रक्रिया के विरोध में गेट पर धरना दिया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की चुनाव प्रक्रिया को गलत बताते हुए दूसरे पक्ष के लोग समर्थकों के साथ गेट पर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया की गई है। डायरेक्टरों से मतदान कराने के बजाय हाथ उठवाए गए हैं, जबकि गुप्त वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने 29 मार्च को घोषित चुनाव तिथि बदल दी। उन्होंने नियमानुसार चुनाव कराने की मांग करते हुए धरना दिया, जो शाम करीब 5:30 बजे तक चला। इसके बाद सभी ने अगली रणनीति तय करने की बात कहते हुए धरना समाप्त कर दिया।