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Udham Singh Nagar News: खिलाड़ियों के सपनों पर लापरवाही का ब्रेक
Tue, 30 Sep 2025 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:18 AM IST
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रुद्रपुर। यूं तो तराई राज्य ओलंपिक से लेकर नेशनल गेम्स का साक्षी बन चुका है। उत्तराखंड में नेशनल गेम्स के सफल आयोजन में तराई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यही कारण है कि उत्तराखंड को खेल भूमि की संज्ञा मिली। आज जिला मुख्यालय पर बदइंतजामी के चलते तराई के इस सपाट पिच पर खेल धड़ाम है।
देश के स्टॉर पैरालांपिक अर्जुन अवार्डी मनोज सरकार के नाम पर बने स्टेडियम में यूं तो फुटबॉल, हाकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि सभी खेलो के कैंप खेल विभाग की फाइलों में न सिर्फ चल रहे है, बल्कि खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सीखने का दावा किया जा रहा है।
आलम यह है कि मनोज सरकार स्टेडियम में करोड़ों की लागत से बनने वाला एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक आज तक तैयार नहीं हो पाया। स्टेडियम के मैदान में पैर रखना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। मैदान ऊबड़-खाबड़ है, साथ ही इसमें जगह-जगह लोहे की किले गिरी पड़ी हैं। रोजाना आने वाले 250 से अधिक खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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वालीबाल ग्राउंड में हो रहा क्रिकेट का अभ्यास
जुलाई माह से स्टेडियम में आयोजित निवेश उत्सव के बाद से मैदान संवर नहीं सका है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं तो बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इसके चलते क्रिकेट के लिए रजिस्टर्ड 69 खिलाड़ी वालीबाल ग्राउंड में अभ्यास करने के लिए विवश हैं। खिलाड़ियों को तीन माह से चौका-छक्का मारने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। यहां कोच नवनीत शाही खिलाड़ियों को केवल बेसिक ज्ञान ही दे पा रहे हैं। बाहर के मैदानों पर कभी-कभी प्रैक्टिस कराई जाती है।
फुटबाल, हॉकी और एथलेटिक्स भी ठप
स्टेडियम में मैदान न होने का दंश खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। स्टेडियम में करीब 80 एथलेटिक्स के खिलाड़ी रजिस्टर्ड हैं जिनमें से रोज 35 से 40 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। मैदान व एथलेटिक ट्रैक नहीं होने से इन खिलाड़ियों को निराशा ही मिल रही है। यहीं हाल फुटबॉल के 50 और हॉकी के 40 खिलाड़ियों का भी है। खेलो इंडिया के फुटबॉल कोच सतनाम बाला ने बताया कि खिलाड़ियों को बेसिक ज्ञान दिए जाते हैं। कभी-कभी शिवालिक हॉल में खेल कराया जाता है।
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निवेश उत्सव के बाद मैदान अभी खेलने योग्य नहीं है। इसके लिए निर्माण इकाई को जल्द मैदान ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इनडोर खेल शिवालिक हॉल में आयोजित किए जा रहे हैं। - जानकी कार्की, जिला क्रीड़ाधिकारी, रुद्रपुर
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देश के स्टॉर पैरालांपिक अर्जुन अवार्डी मनोज सरकार के नाम पर बने स्टेडियम में यूं तो फुटबॉल, हाकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि सभी खेलो के कैंप खेल विभाग की फाइलों में न सिर्फ चल रहे है, बल्कि खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां सीखने का दावा किया जा रहा है।
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आलम यह है कि मनोज सरकार स्टेडियम में करोड़ों की लागत से बनने वाला एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक आज तक तैयार नहीं हो पाया। स्टेडियम के मैदान में पैर रखना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। मैदान ऊबड़-खाबड़ है, साथ ही इसमें जगह-जगह लोहे की किले गिरी पड़ी हैं। रोजाना आने वाले 250 से अधिक खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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वालीबाल ग्राउंड में हो रहा क्रिकेट का अभ्यास
जुलाई माह से स्टेडियम में आयोजित निवेश उत्सव के बाद से मैदान संवर नहीं सका है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं तो बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इसके चलते क्रिकेट के लिए रजिस्टर्ड 69 खिलाड़ी वालीबाल ग्राउंड में अभ्यास करने के लिए विवश हैं। खिलाड़ियों को तीन माह से चौका-छक्का मारने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। यहां कोच नवनीत शाही खिलाड़ियों को केवल बेसिक ज्ञान ही दे पा रहे हैं। बाहर के मैदानों पर कभी-कभी प्रैक्टिस कराई जाती है।
फुटबाल, हॉकी और एथलेटिक्स भी ठप
स्टेडियम में मैदान न होने का दंश खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। स्टेडियम में करीब 80 एथलेटिक्स के खिलाड़ी रजिस्टर्ड हैं जिनमें से रोज 35 से 40 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं। मैदान व एथलेटिक ट्रैक नहीं होने से इन खिलाड़ियों को निराशा ही मिल रही है। यहीं हाल फुटबॉल के 50 और हॉकी के 40 खिलाड़ियों का भी है। खेलो इंडिया के फुटबॉल कोच सतनाम बाला ने बताया कि खिलाड़ियों को बेसिक ज्ञान दिए जाते हैं। कभी-कभी शिवालिक हॉल में खेल कराया जाता है।
निवेश उत्सव के बाद मैदान अभी खेलने योग्य नहीं है। इसके लिए निर्माण इकाई को जल्द मैदान ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इनडोर खेल शिवालिक हॉल में आयोजित किए जा रहे हैं। - जानकी कार्की, जिला क्रीड़ाधिकारी, रुद्रपुर