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Udham Singh Nagar News: कुदरत ने दिया दर्द, प्रशासन से मरहम की आस
Sat, 01 Apr 2023 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 01 Apr 2023 11:10 PM IST
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गदरपुर में गेहूं की बर्बाद हुई फसल को दिखाते किसान।
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गेहूं की फसल पर फिर पड़ी कुदरत की मार, 60 प्रतिशत फसल बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/गदरपुर। गेहूं की फसल पर कुदरत की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद शनिवार शाम फिर हल्की बारिश हुई। इसके साथ ही दो दिन पूर्व चली तेज हवाओं ने भी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि करीब 50 से 60 प्रतिशत तक गेहूं की फसल खेतों में गिरकर बर्बाद हो चुकी है।
20 व 21 मार्च को हुई बारिश व तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई थी। इसके बाद मौसम साफ होने पर किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं की फसल को बचा लेंगे, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया। शनिवार शाम को फिर तराई के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। शुक्रवार को हुई भारी बारिश से रुद्रपुर, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, झनकट, खटीमा, चकरपुर समेत जिलेभर में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ। किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल एक बार फिर गिर गई। निचले खेतों में बारिश का पानी रुकने के कारण गेहूं के सड़कर खराब होने की आशंका बढ़ गई है। बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण खेतों में अभी भी पानी रुका हुआ है। गदरपुर तहसील क्षेत्र के बराखेड़ा, धनपुर-विजयपुर, गिरधर नगर, नंदपुर, सकैनिया, मसीत, ढीमरखेड़ा, रोशनपुर, सरोवरनगर, मोतिया पुरा, रजपुरा आदि गावों में किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। बता दें कि जिले में इस साल करीब एक लाख आठ हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में गेहूं की फसल लगाई गई है। संवाद
गेहूं के खेतों की होगी वीडियोग्राफी
-डीएम ने गेहूं की फसल के नुकसान लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/गदरपुर/बाजपुर। रुद्रपुर से बाजपुर जाते समय शनिवार को डीएम युगल किशोर पंत ने गदरपुर में बारिश से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का जायजा लिया। डीएम ने बराखेड़ा, बरीराई, मुकुंदपुर और गोपाल नगर गावों में भारी बारिश से गेहूं की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए तहसील कर्मचारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए। वहां पर मुख्य कृषि अधिकारी एके वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, राजस्व निरीक्षक गरीब सिंह राणा, सतपाल बाबू, विजय कुमार गुप्ता, चरणजीत सिंह थे। इसके बाद डीएम ने बाजपुर के गुमसानी, घनसारा, काम्बोज फार्म, चकरपुर आदि गावों में गेहूं के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा दिलाने आश्वासन दिया। डीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को गेहूं की खेतों की जीपीएस आधारित फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए। डीएम ने जाफरपुर व राजकीय उद्यान रुद्रपुर पहुॅचकर लीची व आम की फसलों को हुई क्षति का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आंकलन के लिए तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नामित कर न्याय पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया है। उन्होंने संयुक्त रिपोर्ट मुख्य कृषि अधिकारी उपलब्ध कराने को कहा। वहां पर एसडीएम बाजपुर राकेश तिवारी, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, गुंजन सुखीजा, राजेश कुमार, राकेश कुमार, राजकुमार, जनकराज, प्रेम कुमार, गुरप्रीत सिंह, अमर चंद्र, परमजीत सिंह थे।
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कोट-
जिले में असमय हुई बारिश से गेहूं की फसल करीब 60 प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई ,तो आंदोलन किया जाएगा। -
कुंवरपाल सिंह दहिया, प्रदेश महामंत्री,भारतीय किसान संघ
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/गदरपुर। गेहूं की फसल पर कुदरत की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद शनिवार शाम फिर हल्की बारिश हुई। इसके साथ ही दो दिन पूर्व चली तेज हवाओं ने भी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि करीब 50 से 60 प्रतिशत तक गेहूं की फसल खेतों में गिरकर बर्बाद हो चुकी है।
20 व 21 मार्च को हुई बारिश व तेज हवाओं से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई थी। इसके बाद मौसम साफ होने पर किसानों को उम्मीद थी कि गेहूं की फसल को बचा लेंगे, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया। शनिवार शाम को फिर तराई के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। शुक्रवार को हुई भारी बारिश से रुद्रपुर, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, झनकट, खटीमा, चकरपुर समेत जिलेभर में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ। किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल एक बार फिर गिर गई। निचले खेतों में बारिश का पानी रुकने के कारण गेहूं के सड़कर खराब होने की आशंका बढ़ गई है। बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण खेतों में अभी भी पानी रुका हुआ है। गदरपुर तहसील क्षेत्र के बराखेड़ा, धनपुर-विजयपुर, गिरधर नगर, नंदपुर, सकैनिया, मसीत, ढीमरखेड़ा, रोशनपुर, सरोवरनगर, मोतिया पुरा, रजपुरा आदि गावों में किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। बता दें कि जिले में इस साल करीब एक लाख आठ हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में गेहूं की फसल लगाई गई है। संवाद
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गेहूं के खेतों की होगी वीडियोग्राफी
-डीएम ने गेहूं की फसल के नुकसान लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर/गदरपुर/बाजपुर। रुद्रपुर से बाजपुर जाते समय शनिवार को डीएम युगल किशोर पंत ने गदरपुर में बारिश से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का जायजा लिया। डीएम ने बराखेड़ा, बरीराई, मुकुंदपुर और गोपाल नगर गावों में भारी बारिश से गेहूं की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए तहसील कर्मचारियों को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए। वहां पर मुख्य कृषि अधिकारी एके वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, राजस्व निरीक्षक गरीब सिंह राणा, सतपाल बाबू, विजय कुमार गुप्ता, चरणजीत सिंह थे। इसके बाद डीएम ने बाजपुर के गुमसानी, घनसारा, काम्बोज फार्म, चकरपुर आदि गावों में गेहूं के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा दिलाने आश्वासन दिया। डीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को गेहूं की खेतों की जीपीएस आधारित फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए। डीएम ने जाफरपुर व राजकीय उद्यान रुद्रपुर पहुॅचकर लीची व आम की फसलों को हुई क्षति का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आंकलन के लिए तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नामित कर न्याय पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया है। उन्होंने संयुक्त रिपोर्ट मुख्य कृषि अधिकारी उपलब्ध कराने को कहा। वहां पर एसडीएम बाजपुर राकेश तिवारी, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, गुंजन सुखीजा, राजेश कुमार, राकेश कुमार, राजकुमार, जनकराज, प्रेम कुमार, गुरप्रीत सिंह, अमर चंद्र, परमजीत सिंह थे।
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जिले में असमय हुई बारिश से गेहूं की फसल करीब 60 प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई ,तो आंदोलन किया जाएगा। -
कुंवरपाल सिंह दहिया, प्रदेश महामंत्री,भारतीय किसान संघ