फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Nagar Panchayat Chairman got fake certificates made for his son medical admission in bazpur

उत्तराखंड: बेटे के मेडिकल दाखिले के लिए नगर पंचायत चेयरमैन ने बनवाए फर्जी प्रमाणपत्र, 50 हजार दिए

Thu, 24 Sep 2026 10:20 PM IST
Heera सुनील दिवाकर
सुनील दिवाकर Published by: Heera Updated Thu, 24 Sep 2026 10:20 PM IST
सार

बेटे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के एक नगर पंचायत चेयरमैन पर उत्तराखंड के फर्जी जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। जांच के दौरान चेयरमैन पकड़ा गया।

विज्ञापन
Nagar Panchayat Chairman got fake certificates made for his son medical admission in bazpur
फर्जी प्रमाणपत्र

विस्तार

 

विज्ञापन

बेटे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के एक नगर पंचायत चेयरमैन पर उत्तराखंड के फर्जी जाति और स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। जांच के दौरान पकड़े गए चेयरमैन ने पूछताछ में 50 हजार रुपये देकर प्रमाणपत्र बनवाने की बात स्वीकार की है।

बरखेड़ा नगर पंचायत पीलीभीत के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल निवासी दौलतपुर रोड बरखेड़ा तहसील बीसलपुर से पूछताछ में कई राज खुले हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने अपने पुत्र अनुराग भोजवाल का दाखिला सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। इसके लिए तीन जुलाई 2026 को पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र और छह जुलाई 2026 को स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाया गया। चेयरमैन के अनुसार इसके लिए बरेली निवासी हरपाल को 50 हजार रुपये दिए गए थे।

विज्ञापन

ऐसे रचा गया फर्जीवाड़े का खेल
पुलिस के अनुसार चेयरमैन श्याम बिहारी ने पूछताछ में बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में बरेली के तुला शेरपुर निवासी शिवम माथुर, बाजपुर तहसील के हरलालपुर निवासी रोहित और मुंडिया कला निवासी अर्चना ने मदद की। शिवम माथुर ने बताया कि वह रोहित के माध्यम से चेयरमैन को अर्चना के घर ले गया था। वहां चेयरमैन को फर्जी तौर पर किरायेदार के रूप में तस्दीक कराने की बात कही गई। अर्चना ने भी पुलिस को बताया कि रोहित चेयरमैन और अन्य लोगों को फर्जी किरायेदार बनाने के लिए उसके घर लाया था। रोहित ने भी अनुराग भोजवाल के लिए अर्चना के घर किराये का मकान उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। चेयरमैन ने बताया कि बाजपुर तहसील के एक अधिवक्ता ने भी इस काम में मदद की थी। हरपाल ने उसकी मुलाकात अधिवक्ता से कराई थी। वह अधिवक्ता का नाम नहीं बता सका। प्रशासन ने दोनों प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए हैं। आशंका है कि इसी तरह अन्य छात्रों ने भी फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर मेडिकल समेत अन्य सरकारी संस्थानों में दाखिला लिया हो सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दाखिले के लिए हो गए अनाथ
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दीक्षा कुमारी का अनाथ प्रमाणपत्र भी बनाया गया था। यह सितंबर में जारी हुआ था। एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह ने बताया कि इस प्रमाणपत्र समेत सात प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए हैं।

पीलीभीत के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल के बयान से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस को बरामद मोबाइल फोन में फर्जी दस्तावेजों से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। - अखलेश कुमार, सीओ बाजपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed