खटीमा। उत्पादकों के दूध में वसा एवं सालिड्स नॉट फैट (एसएनएफ) कम दर्शाकर ऊधमसिंह नगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पर प्रतिमाह लाखों के गोलमाल का आरोप लगाकर शांतिपुरी के उत्पादकों ने सांकेतिक धरना दिया। संघ के प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर एकत्रित उत्पादकों ने सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे तक धरना दिया। प्रकरण की जांच के आश्वास पर उत्पादकों ने धरना खत्म किया।
दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, नारायण सिंह बिष्ट, नेत्र सिंह देउपा, क्षेत्रीय संचालकों आदि का आरोप था कि आठ दुग्ध समितियों के दूध का सैंपल लेकर नैनीताल, लालकुआं की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया तो फैट और एसएनएफ में अंतर मिला। आरोप लगाया कि प्रतिमाह 10 से 12 लाख रुपये का उत्पादकों को चूना लगाया जा रहा है। उत्पादकों ने पिछले दो साल से फैट एवं एसएनएफ कम दिखाकर कम दिए गए भुगतान की भरपाई की मांग की। दो घंटे की गहमागहमी के बाद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अध्यक्ष एवं प्रधान प्रबंधक ने बोर्ड की बैठक में निर्णय लेने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बोर्ड की तीन सदस्यों एवं तीन अधिकारियों की देखरेख में जांच कमेटी गठित की गई। प्रधान प्रबंधक संजय डिमरी ने बताया कि यह मामला एक अकेले शांतिपुरी का है। छह सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी। वहां पर संघ अध्यक्ष अर्जुन सिंह रौतेला, पूर्व अध्यक्ष राजवीर सिंह, शेर सिंह कोरंगा, नवीन चंद, गणेश जोशी, नेत्र सिंह, नासिर खान, तारा सिंह कोरंगा, किरन माजिला आदि थे।