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भूमिजनित रोग कारकों का प्रबंधन बहुत ही कठिन : डॉ. कश्यप
Wed, 19 Feb 2025 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:21 AM IST
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि महाविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग में आईसीएआर से प्रायोजित ग्रीन काॅलर एपरोचैच फाॅर सस्टनेबल प्लांट हेल्थ विषय पर 21 दिनी प्रशिक्षण संपन्न हो गया। समापन समारोह में विभागाध्यक्ष और निदेशक प्रशिक्षण केंद्र डॉ. केपी सिंह ने गतिविधियों से अवगत कराया।
अधिष्ठाता कृषि डॉ. एसके कश्यप ने कहा कि पादप रोगों में भूमिजनित पादप रोग का महत्वपूर्ण स्थान है और भूमिजनित रोग कारकों का प्रबंधन बहुत ही कठिन कार्य है। भूमि की जैविक दशा में सुधार पर डॉ. आरएस सिंह ने 1963 से काम प्रारंभ किया था। इसमें मुख्य रूप से भूमि के सूक्ष्म जैविक विभिन्नता की स्थिति को जैविक संशोधन से बदलाव करना शामिल था जो भूमिजनित रोग के प्रबंधन में महत्वपूर्ण घटक है। प्रशिक्षण में देश के आठ राज्यों से 12 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पादप रोग विभाग के वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन सह-समन्वयक डॉ. रश्मि तिवारी और धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक डॉ. एसके मिश्रा ने किया।
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अधिष्ठाता कृषि डॉ. एसके कश्यप ने कहा कि पादप रोगों में भूमिजनित पादप रोग का महत्वपूर्ण स्थान है और भूमिजनित रोग कारकों का प्रबंधन बहुत ही कठिन कार्य है। भूमि की जैविक दशा में सुधार पर डॉ. आरएस सिंह ने 1963 से काम प्रारंभ किया था। इसमें मुख्य रूप से भूमि के सूक्ष्म जैविक विभिन्नता की स्थिति को जैविक संशोधन से बदलाव करना शामिल था जो भूमिजनित रोग के प्रबंधन में महत्वपूर्ण घटक है। प्रशिक्षण में देश के आठ राज्यों से 12 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पादप रोग विभाग के वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन सह-समन्वयक डॉ. रश्मि तिवारी और धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक डॉ. एसके मिश्रा ने किया।
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