विज्ञापन

अद्भुत है मोटेश्वर महादेव मंदिर का ज्यार्तिलिंग

अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर Updated Thu, 23 Feb 2017 11:28 PM IST
काशीपुर में मोटेश्वर महादेव मंदिर की फाइल फोटो।
काशीपुर में मोटेश्वर महादेव मंदिर की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

विज्ञापन
विज्ञापन
महाभारत कालीन महादेव मंदिर का शिवलिंग 12वां उप ज्योतिर्लिंग है। शिवलिंग की मोटाई अधिक होने के कारण यह मोटेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विख्यात है। स्कंद पुराण में भगवान शिव ने कहा कि जो भक्त कांवड़ कंधे पर रखकर हरिद्वार से गंगा जल लाकर यहां चढ़ाएगा, उसे मोक्ष मिलेगा। इसी मान्यता के चलते मन्नत पूरी होने पर यहा लोग कांवड़ चढ़ाते हैं।

चैती मैदान में महादेव नगर के किनारे मोटेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर्व पर यहां भव्य मेला लगता है। यूपी के जिला मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, ठाकुरद्वारा से कई श्रद्धालु यहां हर साल कांवड़ चढ़ाने आते हैं। शिवरात्रि में एक दिन पहले से मंदिर में भक्तों की लाइन लग जाती है और आधी रात से कांवड़ चढ़नी शुरू हो जाती है। मोटेश्वर महादेव मंदिर दूसरी मंजिल पर है। शिवलिंग के चारों ओर तांबे का फर्श बना है। यह मंदिर जागेश्वर के कारीगर ने बनाया है। मोटाई अधिक होने के कारण शिवलिंग किसी व्यक्ति की कोलिया में नहीं आता।

यह शिवलिंग स्थापित नहीं बल्कि जमीन से टिका है। कई लोगों ने इसकी गहराई नापने की कोशिश की लेकिन नहीं नाप सके। लोगों का अनुमान है कि शिवलिंग की गहराई लगभग 30 फुट है। 1942-43 में मंदिर के भूतल में भगदड़ मचने से तीन-चार लोगों की मौत हो गई थी। तब से भूतल बंद कर दिया गया। अब ऊपरी मंजिल पर मंदिर है। पुजारी राघवेंद्र नागर ने बताया यह मंदिर महाभारत कालीन हैं। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य गोविषाण में कौरव-पांडवों को शिक्षा दे रहे थे, तभी द्रोणाचार्य को शिवलिंग दिखाई दिया। तब भीम ने वहां पर मंदिर बनाकर द्रोणाचार्य को गुरुदक्षिणा में दिया। एक समय में इस मंदिर के चारों ओर 120 शिव मंदिर थे। गुजराती ब्राह्मण नागर परिवार नौ पीढ़ियों से मंदिर की सेवा कर रहे हैं। नागर ने बताया कि बुक्शा जनजाति के लोगों का महादेव कुल देवता हैं। पहले मंदिर का फर्श पीतल का था। एक श्रद्धालु ने इसे गलाकर उसका घंटा बनाया। उसके स्थान पर जयपुर से बैलगाड़ियों से मार्बल का पत्थर मंगाकर लगाया है। शायद यह पहला मंदिर है जिसकी दीवारें अंदर से कई कोणों में है। श्रद्धालुओं ने कई बार मंदिर का जीर्णोद्धार किया। 1980 में सेठ मूलप्रकाश की मन्नत पूरी होने पर उन्होंने संपूर्ण मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।

 

Recommended

समस्त भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु शिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में करवाएं विशेष शिव पूजा
ज्योतिष समाधान

समस्त भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु शिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में करवाएं विशेष शिव पूजा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Udham Singh Nagar

पंतनगर-रुद्रपुर के बीच बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

पंतनगर-रुद्रपुर के बीच शीघ्र ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा।

21 फरवरी 2019

विज्ञापन

देहरादून में कश्मीरी छात्रों से मिले पीडीपी नेता, सुरक्षा को लेकर दिया ये बयान

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल है। इस माहौल के बीच सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट वायरल हुए जिनमें भारत के अन्य हिस्सों में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को परेशान करने के दावे किए गए।

19 फरवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree