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मैगी की बंदी से 15 ट्रांसपोर्ट कंपनियों को तीन महीनों में 30 करोड़ की चपत

Mon, 17 Aug 2015 01:37 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, रुद्रपुर।
ब्यूूराे, अमर उजाला, रुद्रपुर। Updated Mon, 17 Aug 2015 01:37 AM IST
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मैगी की बंदी से 15 ट्रांसपोर्ट कंपनियां बुरे दौर से गुजर रही हैं। करीब तीन महीने में ही इन कंपनियों को लगभग 30 करोड़ की तगड़ी चपत लग चुकी है। सबसे ज्यादा घाटा दिल्ली और हरियाणा के ट्रांसपोर्टर को हुआ है, क्योंकि अधिकांश ट्रक इन्हीं कंपनियों के हैं।

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 हालांकि मुंबई और बंगलूरू की कंपनियां भी नेस्ले से काफी वर्षों से जुड़ी हुईं हैं। वहीं इस व्यवसाय से जुड़े तीन हजार श्रमिकों, कर्मचारियों को भी नेस्ले में उत्पादन शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। मैगी के नमूने फेल होने के बाद राज्य में चार जून से नेस्ले पंतनगर प्लांट में मैगी का उत्पादन बंद है।
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 ठेकेदार के अधीन कार्यरत 850 श्रमिक पहले ही बाहर हो चुके हैं। इसके इतर कई लघु उद्योगों पर भी प्रतिकूल असर पड़ चुका है। नेस्ले से ही सीधे तौर पर रुद्रपुर, दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, बंगलूरू आदि 15 बड़े ट्रांसपोर्टर भी जुड़े हुए हैं। उत्पादन सुचारु रहने के दौरान रोजाना करीब तीस ट्रक यहां से माल लेकर देश के कई इलाकों तक आपूर्ति को जाते थे।
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इससे उनका व्यवसाय भी तेजी से बढ़ रहा था। मगर इस बीच सरकार के निर्देश पर मैगी पर रोक से ट्रांसपोर्ट कंपनियों का कारोबार भी पूरी तरह लड़खड़ा गया है। ट्रांसपोर्ट कारोबारी रामकृपाल यादव ने बताया कि तीन महीने में तीस करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हो चुका है।

 नौ सालों में पहली बार इस तरह की दिक्कत हुई हैं। इससे श्रमिकों, कर्मचारियों को भुगतान करने में भी अड़चनें आ रही हैं। काम नहीं मिलने से चालक, परिचालक, स्टाफ कर्मी भी खाली बैठे हुए हैं।

कहा कि उन्हें बाहर भी नहीं कर सकते और बिना काम के भुगतान कैसे हो, यह सबसे बड़ी दिक्कत है। यादव ने बताया कि मुंबई हाईकोर्ट के फैसले पर सरकार ने उचित कदम उठाया तो उनके अच्छे दिन फिर से लौट सकते हैं।

फरीदाबाद की ट्रांसपोर्ट कंपनी एलजी ब्रदर्स के मालिक राजेंद्र सिंह, मुंबई की पारसमणि रोडलाइंस के पवन कुमार और बंगलूरू के आंध्र-बंगलूरू रोडवेज के सुदर्शन सिंह के मुताबिक अगर केंद्र सरकार जल्द दरियादिली दिखाए तो उनके भी अच्छे दिन आ जाएंगे।


इन लोगों का कहना है कि मैगी के सैंपल को केंद्र की ही मान्यता प्राप्त मैसूर लैब ने हाल ही में मैगी को हरी झंडी दे दी है तो अन्य लैब से भी अच्छे परिणाम की उम्मीद है।

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