{"_id":"6add032dfb31b40e6a07f598","slug":"lord-shri-ram-annihilated-khara-dushana-and-their-army-khatima-news-c-236-1-ktm1001-116205-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: भगवान श्रीराम ने किया खर-दूषण और उनकी सेना का संहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: भगवान श्रीराम ने किया खर-दूषण और उनकी सेना का संहार
Sun, 25 Oct 2026 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 25 Oct 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गांव कालापुल, नगला तराई में रामलीला मंचन शुरू हो गया है। आदर्श रामलीला कमेटी नगला तराई की ओर से आयोजित रामलीला में दूसरे दिन ताड़का वध, पुष्प वाटिका व खर-दूषण तक के प्रसंगों का मंचन किया गया।
कालापुल स्थित स्व. खीम सिंह धामी पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित रामलीला मंचन में लक्ष्मण जब सुर्पणखा की नाक काट देते हैं तो वह विलाप करती हुई अपने भाईयों खर-दूषण के पास पहुंचती है। इसके बाद खर-दूषण राक्षसों की विशाल सेना लेकर पंचवटी पहुंचते हैं। वहां भगवान श्रीराम खर-दूषण समेत उसकी सेना का संहार कर देते हैं।
रामलीला मंचन देखने के लिए दमगड़ा, चौड़ापानी, सुखापुल, बीसबीघा, विक्रम फार्म, कापड़ी पट्टी आदि गावों से सैकड़ों लोग पहुंचे। वहा पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दान सिंह धामी, अनीता कठायत, पीतांबर पांडेय, मनोहर थापा, दीपक थापा, सुमित नरियाल, रेखा वनकोटी, दीपक मेहरा, हरीश रुमाल, बसंत वल्लभ भट्ट आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कालापुल स्थित स्व. खीम सिंह धामी पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित रामलीला मंचन में लक्ष्मण जब सुर्पणखा की नाक काट देते हैं तो वह विलाप करती हुई अपने भाईयों खर-दूषण के पास पहुंचती है। इसके बाद खर-दूषण राक्षसों की विशाल सेना लेकर पंचवटी पहुंचते हैं। वहां भगवान श्रीराम खर-दूषण समेत उसकी सेना का संहार कर देते हैं।
विज्ञापन
रामलीला मंचन देखने के लिए दमगड़ा, चौड़ापानी, सुखापुल, बीसबीघा, विक्रम फार्म, कापड़ी पट्टी आदि गावों से सैकड़ों लोग पहुंचे। वहा पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दान सिंह धामी, अनीता कठायत, पीतांबर पांडेय, मनोहर थापा, दीपक थापा, सुमित नरियाल, रेखा वनकोटी, दीपक मेहरा, हरीश रुमाल, बसंत वल्लभ भट्ट आदि थे।
विज्ञापन