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Udham Singh Nagar News: करंट से संविदा कर्मी की मौत के मामले में लाइनमैन दोषी
Thu, 28 May 2026 12:07 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 28 May 2026 12:07 AM IST
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काशीपुर। लाइन पर काम करते समय करंट लगने से संविदा कर्मी की मौत के मामले में एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी को अदालत की कार्यवाही समाप्त होने तक की सजा सुनाई गई। साथ ही ऊर्जा निगम को मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं।
जसपुर के ग्राम रहमापुर निवासी इमरत सिंह ने 22 मार्च 2013 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई प्रेम सिंह बिजली विभाग में आठ सालों से संविदा पर काम कर रहा था। जेई एवं एसडीओ के आदेश पर वह शटडाउन लेने के बाद खेड़ा लक्ष्मीपुर के चौराहे पर एलटी लाइन पर काम करने गया था। इसी बीच फिटर आपरेटर ने लाइन चालू कर दी जिससे प्रेम सिंह लाइन से चिपक गया और उसकी मौत मौत हो गई।
तहरीर पर पुलिस ने एसडीओ, जेई और लाइन मैन (फिटर आपरेटर) के विरुद्ध थाना जसपुर में मामला दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने 16 जनवरी 2014 को सिर्फ लाइनमैन गयासउद्दीन के खिलाफ ही चार्जशीट पेश की। इसकी सुनवाई एसीजेएम राजेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। साक्ष्य के अवलोकन के बाद अदालत ने लाइनमैन ग्यासउद्दीन को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को कोर्ट की कार्रवाई जारी रहने तक की सजा सुनाई। कोर्ट ने विद्वुत विभाग को आदेशित किया है कि मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।
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जसपुर के ग्राम रहमापुर निवासी इमरत सिंह ने 22 मार्च 2013 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई प्रेम सिंह बिजली विभाग में आठ सालों से संविदा पर काम कर रहा था। जेई एवं एसडीओ के आदेश पर वह शटडाउन लेने के बाद खेड़ा लक्ष्मीपुर के चौराहे पर एलटी लाइन पर काम करने गया था। इसी बीच फिटर आपरेटर ने लाइन चालू कर दी जिससे प्रेम सिंह लाइन से चिपक गया और उसकी मौत मौत हो गई।
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तहरीर पर पुलिस ने एसडीओ, जेई और लाइन मैन (फिटर आपरेटर) के विरुद्ध थाना जसपुर में मामला दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने 16 जनवरी 2014 को सिर्फ लाइनमैन गयासउद्दीन के खिलाफ ही चार्जशीट पेश की। इसकी सुनवाई एसीजेएम राजेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। साक्ष्य के अवलोकन के बाद अदालत ने लाइनमैन ग्यासउद्दीन को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को कोर्ट की कार्रवाई जारी रहने तक की सजा सुनाई। कोर्ट ने विद्वुत विभाग को आदेशित किया है कि मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।
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