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Udham Singh Nagar News: हत्या के दोषी तीन लोगों को उम्रकैद
Fri, 06 Oct 2023 01:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 01:05 AM IST
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रुद्रपुर। रंजिशन गोली मारकर युवक की हत्या के दोषी तीन लोगों को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने बृहस्पतिवार को खुली अदालत में आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने बताया कि फौजी मटकोटा निवासी राकेश कुमार ने 30 सितंबर 2017 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 29 सितंबर की शाम करीब आठ बजे वह अपने बड़े भाई अतेनदर पाल सिंह और चचेरे भाई संजीव पाल सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर अपनी फर्नीचर की दुकान पर जा रहे थे। तभी फौजी मटकोटा मोड़ पर कोल्हू के पास हथियारों से लैस मौजूद विनीत, वीरे और डम्पी धामा ने रोककर पिस्तौल और तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। वह जान बचाने के लिए गांव की तरफ भागे।
तीनों ने पीछा कर अतेनदर पाल को पकड़कर जमीन पर लिटा लिया और उनके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। शोर होने पर तीनों आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर दो अक्तूबर 2017 को विनीत और वीरे को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर तमंचे बरामद कर कोर्ट के आदेश पर उनको जेल भेजा गया जबकि तीसरे आरोपी डम्पी को कोर्ट ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत तलब किया। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया था। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की अदालत में दोनों पक्षों को सुना गया।
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इस दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने 14 गवाह पेश कराए। इस आधार पर अदालत ने बृहस्पतिवार को खुली अदालत में तीनों को हत्या का दोषी घोषित किया और धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विनीत और वीरे को धारा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत भी एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने बताया कि फौजी मटकोटा निवासी राकेश कुमार ने 30 सितंबर 2017 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 29 सितंबर की शाम करीब आठ बजे वह अपने बड़े भाई अतेनदर पाल सिंह और चचेरे भाई संजीव पाल सिंह के साथ स्कूटी पर सवार होकर अपनी फर्नीचर की दुकान पर जा रहे थे। तभी फौजी मटकोटा मोड़ पर कोल्हू के पास हथियारों से लैस मौजूद विनीत, वीरे और डम्पी धामा ने रोककर पिस्तौल और तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। वह जान बचाने के लिए गांव की तरफ भागे।
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तीनों ने पीछा कर अतेनदर पाल को पकड़कर जमीन पर लिटा लिया और उनके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। शोर होने पर तीनों आरोपी वहां से भाग गए। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर दो अक्तूबर 2017 को विनीत और वीरे को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर तमंचे बरामद कर कोर्ट के आदेश पर उनको जेल भेजा गया जबकि तीसरे आरोपी डम्पी को कोर्ट ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत तलब किया। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया था। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की अदालत में दोनों पक्षों को सुना गया।
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इस दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने 14 गवाह पेश कराए। इस आधार पर अदालत ने बृहस्पतिवार को खुली अदालत में तीनों को हत्या का दोषी घोषित किया और धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विनीत और वीरे को धारा 25 शस्त्र अधिनियम के तहत भी एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।