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kashipur: पालना नहीं करना चाहती थी मामी तो छह महीने की भांजी को बेरहमी से मार डाला, अब जेल में कटेगी जिंदगी
Fri, 24 Mar 2023 04:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, काशीपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, काशीपुर
Updated Fri, 24 Mar 2023 04:38 PM IST
सार
शहनवाज पुत्र कल्वे ने साल 2019 में कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी तमन्ना की मानसिक स्थिति खराब थी। उसकी छह माह की पुत्री मरियम को उसका साला ढेला बस्ती निवासी फैजान पुत्र आलेहसन पालन-पोषण के लिए अपने घर ले गया। फैजान की पत्नी रुखसार बच्ची को रखना नहीं चाहती थी।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
काशीपुर में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने छह माह की भांजी की हत्या की दोषी मामी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी महिला पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार, मोहल्ला किला निवासी शहनवाज पुत्र कल्वे ने साल 2019 में कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी तमन्ना की मानसिक स्थिति खराब थी। उसकी छह माह की पुत्री मरियम को उसका साला ढेला बस्ती निवासी फैजान पुत्र आलेहसन पालन-पोषण के लिए अपने घर ले गया। फैजान की पत्नी रुखसार बच्ची को रखना नहीं चाहती थी।
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15 जून 2019 को वह अपनी बेटी से मिलने गया तो साले के घर पर भीड़ लगी थी। पूछने पर लोगों ने बताया कि मरियम खत्म हो गई है। बच्ची के पिता ने रुखसार पर बच्ची की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रुखसार के खिलाफ धारा 302 का केस दर्ज किया था। पोस्टमार्टम में बच्ची की मृत्यु मुंह-गला दबाने और गर्दन की हड्डी टूटने के कारण होने की बात सामने आई। विवेचना अधिकारी ने आरोपी महिला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रतन कांबोज और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनी। गवाहों के बयानों, अधिवक्ताओं की बहस और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रुखसार को बच्ची की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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