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Udham Singh Nagar News: खटीमा में ग्रामीण के दो हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास
Wed, 19 Jul 2023 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:32 PM IST
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सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त की हो चुकी मृत्यु
रुद्रपुर। खटीमा में आठ साल पहले हुई ग्रामीण की हत्या के मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने दो हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों हत्यारोपियों पर 5000-5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर हत्यारोपियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार 12 अगस्त 2015 को प्रकाश कौर ने खटीमा कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि उसका पति करनैल सिंह 12 अगस्त को खकरा नदी के किनारे ग्राम बनगवां में जलाऊ लकड़ी लेने गया था। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर तलाश की गई तो वह जली हालत में नदी किनारे मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह, उसके बेटे मलकीत निवासी बनगवां और जसवंत सिंह निवासी रघुलिया ने मारपीट के बाद भट्टी में उन्हें जलाया था। 13 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और हालत गंभीर होने पर 18 अगस्त को उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान 25 अगस्त को करनैल की मौत हो गई। मामले की सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की अदालत में हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान एक आरोपी महेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दीपक कुमार अरोरा ने 14 गवाहों को पेश कर अभियुक्तों मलकीत सिंह और जसवंत सिंह पर दोष सिद्ध कर दिया। अदालत ने दोनों हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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रुद्रपुर। खटीमा में आठ साल पहले हुई ग्रामीण की हत्या के मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने दो हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों हत्यारोपियों पर 5000-5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर हत्यारोपियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार 12 अगस्त 2015 को प्रकाश कौर ने खटीमा कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि उसका पति करनैल सिंह 12 अगस्त को खकरा नदी के किनारे ग्राम बनगवां में जलाऊ लकड़ी लेने गया था। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर तलाश की गई तो वह जली हालत में नदी किनारे मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह, उसके बेटे मलकीत निवासी बनगवां और जसवंत सिंह निवासी रघुलिया ने मारपीट के बाद भट्टी में उन्हें जलाया था। 13 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और हालत गंभीर होने पर 18 अगस्त को उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान 25 अगस्त को करनैल की मौत हो गई। मामले की सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर की अदालत में हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान एक आरोपी महेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दीपक कुमार अरोरा ने 14 गवाहों को पेश कर अभियुक्तों मलकीत सिंह और जसवंत सिंह पर दोष सिद्ध कर दिया। अदालत ने दोनों हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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