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जमीन के विवाद को राजनीतिक रंग दे रहे खटीमा विधायक : सतीश
Sun, 22 Feb 2026 01:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 22 Feb 2026 01:58 AM IST
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खटीमा। भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट ने खटीमा विधायक भुवन कापड़ी और कांग्रेस के लोगों पर दो पक्षों के जमीन के विवाद को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
शनिवार को एक होटल में भट्ट ने कहा कि खटीमा में दो पक्षों का भूमि विवाद पिछले छह-सात साल से चल रहा है। इस मामले में वर्ष 2020 में एक एफआईआर भी हो चुकी है जिसमें दो लोग जेल भी जा चुके हैं। इन तथ्यों को छिपाकर एक पक्ष ने वसीयत कोर्ट में पेश की थी जिसका तत्कालीन तहसीलदार ने संज्ञान लिया।
इस मामले में एक आदेश में साफ-साफ लिखा है कि जिन चार लोगों से वसीयत अपने नाम कराई गई है उनके मृत प्रमाणपत्र लगाए थे जिनमें से एक आज भी जिंदा है।
भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि खटीमा विधायक कापड़ी इस मामले में लगातार सरकार को टार्गेट कर रहे हैं। कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि जो फसल नष्ट की गई उसे प्रशासन की ओर से कुछ दिन बाद कटवा लिया जाना चाहिए था। इस विषय को लेकर वह जनभावना पक्ष रखते हैं लेकिन ग्रामीणों को बरगला कर शुक्रवार को खटीमा लाया गया और उनको गुमराह किया गया कि उनकी भूमि छीन ली जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों को एकत्रित कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की गई।
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भट्ट ने कहा कि विधायक खटीमा की जनता को बरगलाने का काम न करें। यह दो पक्षों का जमीन विवाद है। दोनों पक्ष न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखें जो न्यायालय निर्णय देगा, वही मान्य होगा। वहां पर नगला तराई के ग्राम प्रधान देवेंद्र मेहरा, प्रेमप्रकाश, सचिन कुशवाहा, भीम सिंह खड़ायत आदि थे।
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शनिवार को एक होटल में भट्ट ने कहा कि खटीमा में दो पक्षों का भूमि विवाद पिछले छह-सात साल से चल रहा है। इस मामले में वर्ष 2020 में एक एफआईआर भी हो चुकी है जिसमें दो लोग जेल भी जा चुके हैं। इन तथ्यों को छिपाकर एक पक्ष ने वसीयत कोर्ट में पेश की थी जिसका तत्कालीन तहसीलदार ने संज्ञान लिया।
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इस मामले में एक आदेश में साफ-साफ लिखा है कि जिन चार लोगों से वसीयत अपने नाम कराई गई है उनके मृत प्रमाणपत्र लगाए थे जिनमें से एक आज भी जिंदा है।
भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि खटीमा विधायक कापड़ी इस मामले में लगातार सरकार को टार्गेट कर रहे हैं। कहा कि ग्रामीणों का कहना है कि जो फसल नष्ट की गई उसे प्रशासन की ओर से कुछ दिन बाद कटवा लिया जाना चाहिए था। इस विषय को लेकर वह जनभावना पक्ष रखते हैं लेकिन ग्रामीणों को बरगला कर शुक्रवार को खटीमा लाया गया और उनको गुमराह किया गया कि उनकी भूमि छीन ली जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों को एकत्रित कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की गई।
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भट्ट ने कहा कि विधायक खटीमा की जनता को बरगलाने का काम न करें। यह दो पक्षों का जमीन विवाद है। दोनों पक्ष न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखें जो न्यायालय निर्णय देगा, वही मान्य होगा। वहां पर नगला तराई के ग्राम प्रधान देवेंद्र मेहरा, प्रेमप्रकाश, सचिन कुशवाहा, भीम सिंह खड़ायत आदि थे।