काशीपुर। कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज (केजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक बंसल ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को पत्र लिखकर सभी अपंजीकृत इकाइयों का पंजीकरण करने और सहमति शुल्क माफी के लिए आवेदन की तिथि 31 दिसंबर तक करने की मांग की है।
अध्यक्ष बंसल ने कहा कि राज्य की कुछ औद्योगिक इकाइयों की ओर से अभी तक पीसीबी में पंजीकरण नहीं कराया गया है। इनमें से कुछ इकाइयां पीसीबी गठन के पूर्व से ही कार्यरत हैं। ऐसी इकाइयों को पंजीकृत करते समय उनसे पूर्व का सहमति शुल्क न लिया जाए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 10 जून को हुई बैठक में निर्णय लिया था कि राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के जो उद्योग 31 जुलाई तक सहमति के लिए आवेदन कर देंगे उनसे 31 मार्च 2020 तक का सहमति शुल्क नहीं लिया जाएगा। जबकि आश्रम एवं धर्मशालाओं को सहमति शुल्क में 31 मार्च 2023 तक की छूट दी गई थी। बंसल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण पीसीबी ने पुन: निर्णय लिया है कि राज्य में बोर्ड के गठन से पूर्व स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों व होटल, चिकित्सालयों के द्वारा सहमति के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी जाए। उन्होंने सभी अपंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों से जल्द ही पीसीबी में पंजीकरण कराने की अपील की है ताकि भविष्य में होने वाली अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।