फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Kept the lamp of hope burning in the mind, courage gave flight to dreams

Udham Singh Nagar News: मन में जलाए रखा उम्मीदों का दीप, हौसले ने सपनों को दी उड़ान

Sun, 05 Mar 2023 09:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sun, 05 Mar 2023 09:38 PM IST
विज्ञापन
Kept the lamp of hope burning in the mind, courage gave flight to dreams
रुद्रपुर। पैरा बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज बाजपुर की गोल्डन गर्ल का यह सफर कभी इतना आसान नहीं रहा। पोलियोग्रस्त होने के कारण बचपन से ही मनदीप का दाया पैर कमजोर हो गया था। इसके बाद भी उन्होंने उम्मीदों का दीप जलाए रखा और हौसले से सपनों को उड़ान दी। उन्होंने किशोरावस्था में आर्म रेसलिंग में शानदार प्रदर्शन कर तीन साल में कई स्वर्ण पदक झटके। इसके बाद पैरा बैडमिंटन में हाथ आजमाया तो महज चार साल में रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचने में कामयाबी हासिल कर ली।
विज्ञापन

मनदीप कौर के पिता काबुल सिंह बाजपुर के रेलवे फाटक के पास रहते हैं। उनके अनुसार करीब 12 साल पहले गंभीर बीमारी के चलते मनदीप की मां सुखविंदर कौर का देहांत हो गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मामा अर्जुन सिंह ने ही मनदीप कौर को खेल की दुनिया में कदम रखवाया। सेना से सेवानिवृत्त व पूर्व नेशनल एथलेटिक्स कोच अर्जुन सिंह ने बताया कि पोलियो के कारण मनदीप बचपन से ही घुटनों पर हाथ रखकर चलती थी। इस वजह से उसके हाथों में ज्यादा ताकत थी। मनदीप ने बाजपुर में हुए राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लिया और पहली बार में ही स्वर्ण पदक झटक लिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई पदक अपने नाम किए। संवाद
विज्ञापन

-2019 में पहली बार लिया बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिस्सा
रुद्रपुर। 19 साल की उम्र में मनदीप का ऑपरेशन कर पैरों में कैलिपर लगाए गए। इससे वह थोड़ा ठीक से चलने लगीं। व्यायाम और कसरत कर मनदीप ने अपने पैर मजबूत किए। अर्जुन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन होने के बाद मनदीप को बैडमिंटन खेल पसंद आने लगा तो उन्होंने रुद्रपुर के गल्ला मंडी में मनोज सरकार से तीन माह प्रशिक्षण लिया। वर्ष 2019 में रुद्रपुर में हुई तीसरी राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन स्पर्धा में भाग लेकर मनदीप ने पहली बार में ही रजत पदक झटका। बीते चार वर्षों में वह कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर 20 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed