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Udham Singh Nagar News: मैली हो रही कल्याणी, कल्याण के लिए चाहिए भागीरथ प्रयास
Sun, 02 Apr 2023 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:49 PM IST
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रुद्रपुर में कल्याणी नदी के पास सर्वे करते आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार। संवाद
रुद्रपुर। कल्याणी नदी को साफ बनाने के लिए एक बार फिर प्रयास किए जा रहे हैं। इस बार आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर और इंजीनियरों की टीम रुद्रपुर पहुंची है। टीम ने रविवार को चार घंटे तक नदी का सर्वे किया। सर्वे में सामने आया कि नदी में शहर के छोटे और बड़े 170 नालों का गंदा पानी गिर रहा है। इस कारण नदी और प्रदूषित होती जा रही है।
नदी को स्वच्छ बनाने की 919 करोड़ रुपये की डीपीआर पर आपत्ति लगने के बाद अब पेयजल निगम आईआईटी रुड़की का सहयोग लेकर दूसरा विकल्प तलाश रहा है। इसी के तहत आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार, सहायक प्रोफेसर संजीव कुमार, इंजीनियर पीयूष सिंह और एमटेक के छात्र अनीश वर्मा रविवार को कल्याणी नदी के सर्वे के लिए पहुंचे। टीम ने सिडकुल के पास, अटरिया मोड़, रम्पुरा के पास कल्याणी नदी का सर्वे किया। इस मौके पर सहायक अभियंता मधुकांत कोठियाल भी मौजूद रहे।
यह पाया टीम ने
- सर्वे में पाया गया कि सिडकुल की कंपनियों का गंदा पानी नदी में गिर रहा है। इसके चलते नदी पूरी काली पड़ चुकी है।
-नदी किनारे रहने वाले लोग अपने घरों का कूड़ा नदी में फेंक रहे हैं।
- नदी किनारे कई लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया है।
यह भी जानें
-फैक्टरियों से लेकर लोगों के घरों का गंदा पानी और सीवर भी नदी में गिरता है।
-निगम ने कई बार जेसीबी के माध्यम से नदी को साफ करने का अभियान लाया।
-सामाजिक संस्थाएं भी आगे आईं मगर कुछ नहीं हो सका।
इसलिए लगी थी डीपीआर पर आपत्ति
काला हो चुके कल्याणी नदी के पानी को साफ करने के लिए नमामि गंगा योजना के तहत भी पेयजल निगम ने एसटीपी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए दिल्ली की एनजेएस इंजीनियरिंग कंपनी ने कल्याणी नदी में सर्वे भी किया। सर्वे के आधार पर बनाई गई डीपीआर में नदी के पास कई जगह अतिक्रमण मिला। ऐसे में कल्याणी नदी के पास एसटीपी बनाने में दिक्कत हो सकती थी। इसी परेशानी को देखते हुए पेयजल निगम के चीफ ने डीपीआर पर आपत्ति लगाकर इसमें बदलाव करने के निर्देश दिए थे।
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रम्पुरा मैदान में बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
रुद्रपुर। ईई मृदुला सिंह ने बताया कि कल्याणी नदी किनारे रम्पुरा मैदान में नदी को स्वच्छ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए नदी किनारे सीवरेज लाइन बिछाने पड़ेगी। नदी में गिर रहे गंदे पानी को सीवरेज लाइन से टेप करके प्लांट में लाया जाएगा। वहां से पानी फिल्टर होने के बाद दोबारा नदी में छोड़ा जाएगा। संवाद
कोट
नदी को स्वच्छ बनाने के लिए कई विकल्प देखे जा रहे हैं। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर, इंजीनियर नदी की सफाई के लिए हमें नया तरीका बताएंगे। इसके लिए पेयजल निगम को उन्हें बजट देना पड़ेगा। बजट के लिए शासन से मंजूरी लेनी पड़ेगी। स्वीकृति मिलने के बाद आईआईटी रुड़की का सहयोग लिया जाएगा।
-मृदुला सिंह, ईई, पेयजल निगम
फोटो-02आरडीपी 13पी- रुद्रपुर में कल्याणी नदी के पास सर्वे करते आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार और अन्य।
14पी- रुद्रपुर में गंदगी से पटी कल्याणी नदी।
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नदी को स्वच्छ बनाने की 919 करोड़ रुपये की डीपीआर पर आपत्ति लगने के बाद अब पेयजल निगम आईआईटी रुड़की का सहयोग लेकर दूसरा विकल्प तलाश रहा है। इसी के तहत आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार, सहायक प्रोफेसर संजीव कुमार, इंजीनियर पीयूष सिंह और एमटेक के छात्र अनीश वर्मा रविवार को कल्याणी नदी के सर्वे के लिए पहुंचे। टीम ने सिडकुल के पास, अटरिया मोड़, रम्पुरा के पास कल्याणी नदी का सर्वे किया। इस मौके पर सहायक अभियंता मधुकांत कोठियाल भी मौजूद रहे।
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यह पाया टीम ने
- सर्वे में पाया गया कि सिडकुल की कंपनियों का गंदा पानी नदी में गिर रहा है। इसके चलते नदी पूरी काली पड़ चुकी है।
-नदी किनारे रहने वाले लोग अपने घरों का कूड़ा नदी में फेंक रहे हैं।
- नदी किनारे कई लोगों ने अतिक्रमण भी कर लिया है।
यह भी जानें
-फैक्टरियों से लेकर लोगों के घरों का गंदा पानी और सीवर भी नदी में गिरता है।
-निगम ने कई बार जेसीबी के माध्यम से नदी को साफ करने का अभियान लाया।
-सामाजिक संस्थाएं भी आगे आईं मगर कुछ नहीं हो सका।
इसलिए लगी थी डीपीआर पर आपत्ति
काला हो चुके कल्याणी नदी के पानी को साफ करने के लिए नमामि गंगा योजना के तहत भी पेयजल निगम ने एसटीपी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए दिल्ली की एनजेएस इंजीनियरिंग कंपनी ने कल्याणी नदी में सर्वे भी किया। सर्वे के आधार पर बनाई गई डीपीआर में नदी के पास कई जगह अतिक्रमण मिला। ऐसे में कल्याणी नदी के पास एसटीपी बनाने में दिक्कत हो सकती थी। इसी परेशानी को देखते हुए पेयजल निगम के चीफ ने डीपीआर पर आपत्ति लगाकर इसमें बदलाव करने के निर्देश दिए थे।
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रम्पुरा मैदान में बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
रुद्रपुर। ईई मृदुला सिंह ने बताया कि कल्याणी नदी किनारे रम्पुरा मैदान में नदी को स्वच्छ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए नदी किनारे सीवरेज लाइन बिछाने पड़ेगी। नदी में गिर रहे गंदे पानी को सीवरेज लाइन से टेप करके प्लांट में लाया जाएगा। वहां से पानी फिल्टर होने के बाद दोबारा नदी में छोड़ा जाएगा। संवाद
कोट
नदी को स्वच्छ बनाने के लिए कई विकल्प देखे जा रहे हैं। आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर, इंजीनियर नदी की सफाई के लिए हमें नया तरीका बताएंगे। इसके लिए पेयजल निगम को उन्हें बजट देना पड़ेगा। बजट के लिए शासन से मंजूरी लेनी पड़ेगी। स्वीकृति मिलने के बाद आईआईटी रुड़की का सहयोग लिया जाएगा।
-मृदुला सिंह, ईई, पेयजल निगम
फोटो-02आरडीपी 13पी- रुद्रपुर में कल्याणी नदी के पास सर्वे करते आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर अरुण कुमार और अन्य।
14पी- रुद्रपुर में गंदगी से पटी कल्याणी नदी।