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जेजेएम: एक साल में एक लाख परिवारों के घर कैसे पहुंचेगा नल
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मृदुला सिंह, ईई, पेयजल निगम/नोडल अधिकारी, जल जीवन मिशन।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल पहुंचाने का लक्ष्य वर्ष 2024 तक प्रदेशभर में हर हाल में पूरा करना है। पेयजल निगम और जलसंस्थान को एक साल में एक लाख परिवारों के घर पेयजल कनेक्शन देना चुनौती बन गया है।
केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई। जिले के 607 राजस्व गांवों में दो लाख एक हजार 229 परिवारों के घर पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के लिए 997.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत गांवों में ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल, पाइपलाइन का कार्य किया जाना है। अब तक पेयजल निगम और जलसंस्थान ने एक लाख चार हजार 858 परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए हैं। शेष बचे करीब एक लाख परिवारों के घर पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है।
यहां नहीं मिल रही भूमि
गदरपुर के बराखेड़ा, पतरपुई, रुद्रपुर के तुर्कागौरी, बाजपुर के नंदपुर, नरकाटोपा, दियौरी, खंबारी, खटीमा के बानुसी, पहेनिया, सितारगंज के बिलहरी, सिद्धानवदिया, पुरनगण समेत 25 गांवों में ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। अब एसडीएम की ओर से भूमि तलाशी जा रही है।
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इंसेट-
अब तक 24 लोग सरकार को दान कर चुके हैं जमीन
रुद्रपुर। जहां एक-एक इंच भूमि के लिए लोग लड़ रहे हैं वहीं ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल के लिए जिले के 24 लोगों ने सरकार को भूमि दान की है। संवाद
सरकारी नहीं मिली तो खरीदनी पड़ सकती है भूमि
रुद्रपुर। एसडीएम के सर्वे के बाद भी भूमि नहीं मिल पाई तो सरकार को ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक के लिए भूमि भी खरीदनी पड़ सकती है। भूमि नहीं मिलने पर इसकी रिपोर्ट नोडल अधिकारी की ओर से शासन को दी जाएगी। शासन के आदेश के बाद ही भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। संवाद
कोट
जेजेएम की 324 योजनाओं के सभी टेंडर निकाल दिए हैं। ठेकेदारों की ओर से कई गांवों में निर्माण कार्य गतिमान है। 25 गांवों में भूमि नहीं मिलने से दिक्कतोा आ रही हैं। अब एसडीएम की ओर से भूमि की तलाश की जाएगी।
-मृदुला सिंह, ईई, पेयजल निगम/ नोडल अधिकारी, जल जीवन मिशन।
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केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन योजना शुरू की गई। जिले के 607 राजस्व गांवों में दो लाख एक हजार 229 परिवारों के घर पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के लिए 997.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत गांवों में ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल, पाइपलाइन का कार्य किया जाना है। अब तक पेयजल निगम और जलसंस्थान ने एक लाख चार हजार 858 परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए हैं। शेष बचे करीब एक लाख परिवारों के घर पेयजल कनेक्शन पहुंचाने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है।
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यहां नहीं मिल रही भूमि
गदरपुर के बराखेड़ा, पतरपुई, रुद्रपुर के तुर्कागौरी, बाजपुर के नंदपुर, नरकाटोपा, दियौरी, खंबारी, खटीमा के बानुसी, पहेनिया, सितारगंज के बिलहरी, सिद्धानवदिया, पुरनगण समेत 25 गांवों में ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। अब एसडीएम की ओर से भूमि तलाशी जा रही है।
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इंसेट-
अब तक 24 लोग सरकार को दान कर चुके हैं जमीन
रुद्रपुर। जहां एक-एक इंच भूमि के लिए लोग लड़ रहे हैं वहीं ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल के लिए जिले के 24 लोगों ने सरकार को भूमि दान की है। संवाद
सरकारी नहीं मिली तो खरीदनी पड़ सकती है भूमि
रुद्रपुर। एसडीएम के सर्वे के बाद भी भूमि नहीं मिल पाई तो सरकार को ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक के लिए भूमि भी खरीदनी पड़ सकती है। भूमि नहीं मिलने पर इसकी रिपोर्ट नोडल अधिकारी की ओर से शासन को दी जाएगी। शासन के आदेश के बाद ही भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। संवाद
कोट
जेजेएम की 324 योजनाओं के सभी टेंडर निकाल दिए हैं। ठेकेदारों की ओर से कई गांवों में निर्माण कार्य गतिमान है। 25 गांवों में भूमि नहीं मिलने से दिक्कतोा आ रही हैं। अब एसडीएम की ओर से भूमि की तलाश की जाएगी।
-मृदुला सिंह, ईई, पेयजल निगम/ नोडल अधिकारी, जल जीवन मिशन।